मध्य प्रदेश

21 संस्थाओं को कारण बताओं नोटिस जारी, वीडियो कॉन्फ्रेंस मीटिंग में रहे अनुपस्थित

जनपद शिक्षा केंद्र कार्यालय पलेरा द्वारा शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के संस्था प्रमुखों को कारण बताओं नोटिस जारी, नवभारत साक्षरता अभियान को लापरवाह कर्मचारियों दिखाया रहे ठेंगा
रिपोर्टर : मनीष यादव

पलेरा । मध्य प्रदेश शासन के द्वारा नवभारत साक्षरता अभियान पर लाखों करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं लेकिन लापरवाह कर्मचारियों के द्वारा साक्षरता अभियान में लापरवाही बरती जा रही है। राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल एवम कलेक्टर टीकमगढ़ के निर्देशानुसार असाक्षरों का शत प्रतिशत सर्वे एवम पंजीयन निर्धारित समय सीमा में किया जाना था लेकिन शासकीय एवम अशासकीय विद्यालयों के संस्था प्रमुखों की उदासीनता एवम लापरवाही के कारण पूर्ण नहीं किया जा सका।सर्वे एवम पंजीयन की समीक्षा के लिए प्रतिदिवस रात्रि में एक जनशिक्षा केंद्र के समस्त विद्यालयों की समीक्षा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम की जा रही है। विगत रात्रि जनशिक्षा केन्द्र कन्या पलेरा के समस्त शासकीय एवम अशासकीय विद्यालयों के संस्था प्रमुख की बुलाई गई थी। मीटिंग में शत प्रतिशत उपस्थिति न होने के कारण असाक्षरों के सर्वे एवम पंजीयन की समीक्षा नहीं कि जा सकी। लापरवाह विद्यालयों के संस्था प्रमुखों को नोटिस वीआरसी कार्यालय द्वारा जारी जारी किए गए हैं। नोटिस जिन विद्यालयों को जारी किये गए कन्या प्राथमिक आलमपुरा, माध्यमिक शाला पटपरा, प्राथमिक शाला गंज पलेरा, हरिजन वस्ती हनोता, प्राथमिक शाला मनीराम खिरक, हरिजन वस्ती दंतगोरा, माध्यमिक शाला दांतगोरा, माध्यमिक शाला टपरियन, माध्यमिक विद्यालय वेला, माध्यमिक शाला लारौन तथा अशासकीय विद्यालयों में सरस्वती शिशु मंदिर आलमपुरा, शाहू एकेडमी आलमपुरा, सरस्वती शिशु मंदिर पलेरा, कल्पना स्कूल पलेरा, ओशोनिक, स्कूल पलेरा, नालन्दा पब्लिक स्कूल पलेरा, संत फ्लावर स्कूल पलेरा, द्रोणा कॉन्वेंट स्कूल पलेरा, शिवाजी शिक्षा निकेतन पलेरा, गुरुकुल विद्या निकेतन, तथा जनक पब्लिक स्कूल पलेरा ।तथा निर्देशित किया गया है कि तीन दिवस में अपना स्पष्टीकरण दें। स्पष्टीकरण न देने तथा जवाब सन्तोषजनक न पाए जाने पर शासकीय विद्यालयों के संस्था प्रमुख की एक वेतन वृद्धि में रोक तथा अशासकीय विद्यालयों की मान्यता समाप्त करने सम्बन्धी प्रस्ताव जिला कार्यालय को भेजा जाएगा। बीआरसी कार्यालय द्वारा 21 संस्थाओं को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है।

Related Articles

Back to top button