क्षेत्र में बिजली व्यवस्था चरमराई हुई हैं, जिम्मेदार नहीं उठाते फोन

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान | तहसील क्षेत्र ढीमरखेड़ा के आस-पास गांवों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है। गांवों में विद्युत 24 घंटे की जगह महज सात से आठ घंटे बिजली दी जा रही है । इस दौरान भी लो वोल्टेज व ट्रिपिंग का सिलसिला जारी रहता है । इसकी वजह से भीषण गर्मी में लोग परेशान हो रहे हैं। किसानो कि फसलों पर सिंचाई भी प्रभावित हो रही है । ग्रामीण क्षेत्रों में तो समस्या और भी ज्यादा गंभीर है। गांवों में छह से आठ घंटे ही बिजली मिल रही है। ढीमरखेड़ा, उमरियापान व आस- पास के गाँवों में बिजली आपूर्ति बदहाल है। सिर्फ 10 से 12 घंटे ही आपूर्ति की जा रही है । इस दौरान वोल्टेज कम होने से विद्युत उपकरण नहीं चल पाते हैं । खास बात है कि पूरे क्षेत्र में कभी भी एक साथ बिजली आपूर्ति चालू नहीं रहती है। किसी न किसी स्थान पर या तो ट्रांसफॉर्मर जल जाता या केबल जल जाती है । इलाके में महज 70 से 80 वोल्ट ही करंट मिल पा रहा है । इस भीषण गर्मी में लोग परेशान हैं। सिर्फ सात से आठ घंटे ही बिजली मिल पाती है । 33 केवी विद्युत उपकेन्द्र से जुड़े कस्बा व देहात के गांवों की बिजली आपूर्ति रोस्टर के मुताबिक नहीं मिल रही है । ग्रामीण क्षेत्रों में औसत आठ से दस घंटे बिजली मिल रही है। तहसील ढीमरखेड़ा के अंतर्गत आने वाले आस-पास क्षेत्र में सिर्फ 12 घंटे ही बिजली आपूर्ति की जा रही है।
*बार-बार ट्रिपिंग से उपभोक्ता परेशान*
यहां के ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे के बजाए मात्र 10 घंटे ही बिजली आपूर्ति होती है। समस्या यह भी है कि कम पावर के ट्रांसफॉर्मर लगाकर अधिक कनेक्शन जोड़ दिए गए है। ग्रामीण क्षेत्रों में एक-एक सप्ताह तक लोग ट्रांसफॉर्मर बदलने का इंतजार करते रहते हैं।
*हफ्तों नहीं बदला जाता ट्रांसफॉर्मर*
तहसील क्षेत्र ढीमरखेड़ा एवं उमरियापान क्षेत्र के आस – पास के गांवों में बिजली की समस्या बनी हुई है। यहां पर एक ट्रांसफॉर्मर फुंक जाने के बाद हफ्ते भर तक बदला नहीं जाता है। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बाद ट्रांसफॉर्मर बदला जाता है। इसके बाद भी कहीं न कहीं का ट्रांसफॉर्मर फुंकता ही रहता है।
*जिम्मेदार नहीं उठाते फोन*
लोगों को दिक्कत होने पर वह जिम्मेदारों को फोन कर जानकारी लेने का प्रयास करते हैं। लेकिन जिम्मेदार अक्सर फोन ही नहीं उठाते हैं । ग्रामीणो के अनुसार जेई फोन नहीं उठाते। यहां तक कि इनके कर्मचारी भी फोन नहीं उठाते हैं बल्कि इनको सरकार के द्वारा महीने में मानदेय मिलता हैं फिर भी लगातार लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता हैं।
*बिजली न आने से पेयजल व्यवस्था भी बाधित*
लगातार बारिश के चलते बिजली व्यवस्था पटरी से उतर गयी है । इसके साथ ही उमरियापान की जलापूर्ति भी ध्वस्त हो जाती है । बारिश के चलते बिजली पानी ठप्प होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। क्षेत्र में लगातार झमाझम बारिश हो रही है। बारिश होने के कारण लोगों को गर्मी से तात्कालिक लाभ मिल गया है।किन्तु बारिश ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। बारिश के चलते बिजली बेपटरी हो गयी । इसके बाद भी लुका-छिपी का खेल चलता रहा। 24 घंटे में लगभग आधे समय तक बिजली गायब रहती हैं। बिजली गायब होने के कारण पानी आपूर्ति प्रभावित हुई। एक तरफ बारिश तो दूसरी तरफ पानी की किल्लत ने लोगों को परेशान कर दिया। लोगों ने हैंडपंपों से पानी भरकर काम चलाया ।



