*प्रधानमंत्री के शब्दों से प्रेरित हो शिकायत की तो नोटिस मिला

रिपोर्टर : विनोद साहू
बाडी। “”न खाएंगे, न खाने दूंगा”,”एक एक भ्रष्टाचारी सलाखों के पीछे होगा” प्रधानमंत्री के भ्रष्टाचार विरोधी इन शब्दों से प्रेरित होकर नगर के सक्रिय पत्रकार ने रोड निर्माण में हुए कथित भ्रष्टाचार की जांच के लिए नगरीय निकाय मंत्री को पत्र भेजा।जागरूक पत्रकार की प्रशंसा करने के बजाय सी.एम.ओ. नगर परिषद बाडी ने पत्रकार को ही नोटिस थमा दिया। नगर में चर्चा है कि प्रधानमंत्री भ्रष्टाचार पर नकेल कसने का अव्हान कर रहे है और नौकरशाह भ्रष्टाचार की शिकायत करने वाले को नोटिस थमा रहे है।इस घटना की जानकारी देते हुए नगर के सक्रिय पत्रकार विनोद साहू ने बताया कि नगर के वार्ड क्रमांक 13 सी.सी.रोड का निर्माण नगर परिषद द्वारा कराया गया है। पत्रकार साहू को विभिन्न माध्यमों से जानकारी मिली कि रोड निर्माण अमानक स्तर का किया गया है। दूध का दूध,और पानी का पानी करने के लिए पत्रकार साहू ने रोड की जांच के लिए नगरीय प्रशासन मंत्री म.प्र.शासन को पत्र प्रेषित किया तथा मौजूदा मुख्य नगर पालिका अधिकारी के कार्यकाल में किए गए समस्त निर्माण कार्यों की जांच का अनुरोध किया। रोड निर्माण की अमानत को लेकर सी.एम.हेल्पलाइन पर भी शिकायत की गई थी।पत्रकार द्वारा मंत्री को प्रेषित पत्र की भनक लगते ही मुख्य नगर पालिका अधिकारी बाडी श्रीमती ज्योति शिवहरे ने प्रतिशोधात्मक कार्यवाही करते हुए पत्रकार विनोद साहू को नोटिस जारी कर दिया। इस नोटिस में पत्रकार से उनके मकान/दुकान के स्वामित्व संबंधी दस्तावेज, रजिष्टी, भवन अनुज्ञा तीन दिवसीय में प्रस्तुत करने को कहा गया। सी.एम.ओ. की इस कार्यवाही को नगर का प्रबुद्ध वर्ग बदले की कार्यवाही बता रहा है। पत्रकार साहू का मकान लगभग तीन दशक से भी पहले का है। सी.एम.ओ.की कार्यवाही पर बुद्धिजीवी वर्ग में चर्चा है कि प्रधानमंत्री भ्रष्टाचारियों को सलाखों के पीछे भिजवाने की ताकीद कर रहे है,वहीं सी.एम.ओ. भ्रष्टाचार की शिकायत करने वालों की आवाज बंद करने के लिए दबावपूर्ण कार्यवाही कर रही है। इससे इस आशंका को बल मिलता है कि रोड निर्माण में कुछ न कुछ भ्रष्टाचार हुआ है जिसे दबाने का प्रयास किया जा रहा है। ध्यान देने योग्य है कि नगर में हजारों मकान ऐसे है जिनकी न तो रजिस्टर है,न भवन अनुज्ञा है और न ही नामांतरण है। ऐसे कितने भवन स्वामियों को नोटिस जारी किए गए इसका भी खुलासा होना नितांत आवश्यक है।



