नेशनल लोक अदालत: समझौते से त्वरित न्याय का सुनहरा अवसर, ढीमरखेड़ा में जागरूकता शिविर

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । आगामी 9 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत को लेकर तहसील न्यायालय ढीमरखेड़ा परिसर में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में उपस्थित पक्षकारों को लोक अदालत के महत्व, प्रक्रिया और लाभों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में न्यायाधीश पूर्वी तिवारी की विशेष भूमिका रही । उनके मार्गदर्शन और सक्रिय पहल से शिविर सुव्यवस्थित और प्रभावी तरीके से संपन्न हुआ। उन्होंने सरल भाषा में उपस्थित लोगों को समझाया कि लोक अदालत के माध्यम से लंबित दाण्डिक एवं सिविल प्रकरणों का आपसी सहमति से त्वरित निराकरण संभव है ।न्यायाधीश पूर्वी तिवारी ने पक्षकारों को प्रेरित करते हुए कहा कि लोक अदालत विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का सशक्त माध्यम है, जहां समय और धन दोनों की बचत होती है। उनके द्वारा दी गई स्पष्ट और व्यवहारिक जानकारी से उपस्थित लोगों में जागरूकता और विश्वास का वातावरण बना।शिविर में यह भी बताया गया कि लोक अदालत में पारित निर्णय अंतिम होते हैं, जिससे पक्षकारों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिलती है। कार्यक्रम के दौरान नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।कार्यक्रम की सफलता में न्यायाधीश पूर्वी तिवारी के कुशल संचालन और जनहितकारी सोच की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसकी सराहना उपस्थित लोगों द्वारा भी की गई । इस पहल से क्षेत्र में न्याय के प्रति जागरूकता बढ़ी है और आगामी लोक अदालत को लेकर सकारात्मक माहौल बना है ।



