खाद्य नीति का विरोध : 522 कंट्रोल दुकानों में नहीं बंटा 2 लाख 39 हजार परिवारों को अन्न
11 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन । केंद्र सरकार की खाद्य नीति के विरोध में ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन राशन बंद, ई-पास बंदकर हड़ताल कर रही है। तीन दिनी हड़ताल के कारण मप्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना अन्न उत्सव भी इस माह निर्धारित तिथि पर नहीं मनाया जा सका। दूसरे दिन जिले की 522 कंट्रोल की दुकानों पर ताले लटके रहे। इससे 2 लाख 39 हजार से भी अधिक गरीब परिवारों को गेहूं और चावल नहीं मिल सका, इसके कारण वह परेशान हो रहे हैं।
राशन दुकान संचालक उमेश टोनी पण्ड्या, रिजवान खान, मुईन उल्लाह, मोहन राय ने बताया कि 11 सूत्रीय मांगों को लेकर कंट्रोल की दुकानें तीन दिन के लिए बंद है। केंद्र सरकार की खाद्य नीति का विरोध किया जा रहा है। इसे लेकर 7, 8 और 9 फरवरी को हड़ताल रखी गई है। 10 फरवरी से फिर से ये दुकानें खुलेंगी। इसलिए तब तक उन्हें इंतजार करना पड़ेगा।
ये हैं प्रमुख मांगें…..
गरीब लोगों के हित में एनएफएसए कार्ड धारकों को पीएमजीकेएवाय के अतिरिक्त 5 किग्रा खाद्यान्न की आपूर्ति की जाए। राशन डीलरों को न्यूनतम मासिक आय 50 हजार सुनिश्चित की जाए। केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त वर्ल्ड फूड प्रोग्राम की सिफारिशों के अनुसार 764 रुपए प्रति क्विंटल का न्यूनतम कमीशन लागू करना होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में राशन की दुकानों को चावल और गेहूं के लिए डीपीए के रुप में नियुक्त करना होगा। राशन डीलरों को देय कमीशन का भुगतान तत्काल करना होगा।
2 लाख 39 हजार लोगों को मिलता है राशन….
जिलेभर में इस योजना में पात्र परिवारों की संख्या करीब 2 लाख 39 हजार है। इतने परिवारों को हर माह गेहूं और चावल सरकार की तरफ दिया जाता है। इन दो लाख परिवारों के सदस्यों की यदि बात करें तो इनकी संख्या 2 लाख 39 हजार के करीब है। इतने लोगों को राशन मिलना है जिसमें से अधिकांश को नहीं मिला है।
2 किग्रा गेहूं और 3 किग्रा चावल…
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को 5 किग्रा प्रति सदस्य अनाज दिया जाता है। इनमें 2 किग्रा गेहूं है जबकि चावल 3 किग्रा दिया जाता है। पिछले साल तक दो योजनाओं का एक साथ लाभ मिल रहा था ।लेकिन इस बार से केवल एक ही योजना को इसमें रखा है। जिले में कंट्रोल की दुकानों की संख्या 422 है। इन सभी दुकानों पर ताले लगे हैं। लोग राशन लेने पहुंच रहे हैं लेकिन वहां पर उन्हें पता चल रहा है कि हड़ताल के चलते दुकानें बंद हैं। अब उन्हें 10 फरवरी से राशन मिल सकेगा।
नहीं मना अन्न उत्सव….
जिला फ़ूड अधिकारी आरएम सिंह फ़ूड इंस्पेक्टर संदीप भार्गव ने बताया कि हर माह की 7, 8 और 9 तारीख को अन्न उत्सव मनाया जाता है। इसमें जनप्रतिनिधि, नोडल अधिकारी की मौजूदगी में कंट्रोल की दुकानों पर 25 फीसदी तक अनाज इन तीन दिन में बांटना होता है। इसकी मॉनीटरिंग भी की जाती है। इस बार दुकानों के बंद रहने से अनाज का वितरण भी नहीं हो सका है।
इस संबंध में खाद्य विभाग के भार्गव ने बताया कि हड़ताल के कारण अन्न उत्सव नहीं मनाया जा सका है। अब यह 10, 11 और 13 फरवरी को होगा।



