खाद की वितरण व्यवस्था फेल, खाद को लेकर मारामारी पुलिस को संभालना पड़ी व्यवस्थाएं

डीएपी की जिद पर अड़े किसान
ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । सरकार के नुमाइंदे हर कहीं यह कहते हुए नहीं थकते कि सरकार किसानों की है लेकिन अधिकारियों पर सरकार का अंकुश नहीं होने के कारण वह बेलगाम है और किसान बराबर परेशान हो रहा हैं। अधिकारी कहते हैं कि अब खाद की कोई कमी नहीं है, कमी है तो वितरण व्यवस्था की।
खाद वितरण केंद्रों पर पूरी तहसील में अव्यवस्थाएं नजर आ रही हैं। इसका कारण एक साथ बड़ी संख्या में किसानो का केंद्रों पर पहुंचने के साथ डीएपी की जिद है। किसान डीएपी लेने केंद्रों पर पहुंच रहे हैं, जबकि उन्हे वहां अन्य खाद मिल रहा है। जिसे किसान लेने तैयार नहीं हैं। इसके अलावा सर्वर भी खाद वितरण में देरी और समस्या का कारण बन रहा है। अब खाद का वितरण पीओएस मशीन से हो रहा है, जिसमें सर्वर डाउन होने से वितरण प्रभावित होता है। ऐसे में पर्याप्त मात्रा में तरह-तरह की खाद उपलब्ध होने के बाद भी किसानो में अफरा तफरी मच रही है।
सोमवार को वेयर हाउस पर लगभग तीन सौ महिला पुरुष किसान खाद लेने सुबह से पहुंच गए, जिससे अव्यवस्था फैली तो किसान नारेबाजी करने लगे। मजबूरन पुलिस को बुलाना पड़ा तब, कहीं कतार लगाकर खाद वितरण कराया गया। बावजूद उसके सभी किसानों को खाद नहीं मिल पाई। खाद के लिए लंबी- लंबी लाइने लगाने वाले किसान खाद की उपलब्धता देखने के बाद उन्हें खाद नहीं मिलने से आक्रोशित हो गए और नारेबाजी करने लगे।
बसिया गांव के किसान दुर्गा प्रसाद लोधी का कहना था कि 1 नवंबर को 200 किसानों को टोकन दिए गए थे लेकिन यह क्लियर नहीं हो पा रहा है कि उन्हें खाद मिल रहा है या नहीं, वेयर हाऊस पर ना तो पीने की पानी की व्यवस्था है न धूप से बचने छांव की और तो और साइड में बना हुआ शौचालय भी बंद है। किसान अगर पानी पीने जाता है तो उसका नंबर चला जाता है। जिन्हें टोकन दिए गए हैं पहले उन्हें खाद उपलब्ध कराई जाए ।
वही किसान हरभजन महगवां, तुलसीराम लोधी महुआखेड़ा, राजकुमार कुशवाहा तुलसीपार, अजय यादव जरुआ, राजकुमार दुबे सागोनी, नंदन सिंह यादव भैंसवाई खुर्द, शिवशंकर गौर हप्सिली, हेमराज सिंह ठाकुर परसोरा का आरोप था कि एक फोन आने पर वेयर हाऊस संचालक 50 बोरी तक ब्लैक में दे देते हैं और हम किसानों को मात्र 10 बोरी भी टोकन का नंबर आने पर उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
किसानो का आरोप यह भी है कि छोटे किसानो को दरकिनार कर बड़े किसानो को खाद दिया जा रहा है। सुबह 4 बजे से आकर नंबर लगाते हैं, उसके बावजूद किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है, जिसे मिल रही है उसे कम मात्रा में खाद दी जा रही।
वेयरहाउस पर उपस्थित किसान सुनील कुर्मी, दयाशंकर, राम सिंह, अनमोल सिंह आदि ने आरोप लगाया कि हम करीब 1 सप्ताह से प्रतिदिन यहां पर नंबर लगा रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें खाद उपलब्ध नहीं हो पाई है। जब तक नंबर आता है तब तक खाद खत्म हो जाती है।
वितरण केंद्रों पर नहीं व्यवस्थाएं:- खाद वितरण केंद्रों पर सुबह 4 बजे आकर बैठने वाले किसानो को पीने के पानी तक के लिए इंतजाम नहीं हैं। न ही छांव की व्यवस्था है। किसानों का कहना है कि प्रशासन द्वारा किसानों के लिए ना तो पानी पीने की व्यवस्था है ना छाया की व्यवस्था है। नगर पालिका द्वारा बनवाया गया शौचालय मैं भी ताला डाला हुआ है । खाद की फिलहाल सख्त जरूरत है, नहीं मिली तो फसल खराब हो जाएगी।
काउंटर बढ़ाएं तब संभलेगी व्यवस्था:-
किसानो का कहना है कि केंद्र पर एक ही विंडो से टोकन और खाद वितरण का काम किया जा रहा है। जबकि दो सौ से अधिक किसान सुबह से ही में लग जाते हैं। ऐसे में व्यवस्थाएं फेल हो रही हैं। केंद्रों पर चार से पांच विंडो की व्यवस्था की जाए, ताकि एक साथ अधिक किसानो को खाद मिल जाएगा। साथ ही बड़े किसानो और ब्लेक में सेल करने वालों की पहचान कर उन्हे खाद नहीं देना चाहिए।
इस संबंध में वेयर हाउस संचालक कपिल तिवारी का कहना है कि खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है बिजली की आंख मीचोली और सर्वर डाउन होने की वजह से समस्या आ रही है वरिष्ठ अधिकारियों को विंडो बढ़ाए जाने के बारे में जानकारी दी जाएगी ।



