धार्मिक

खेड़ापति माता मंदिर पर भव्य महाआरती का आयोजन अति प्राचीन होने की वजह से लगता है भक्तों का मेला

रिपोर्टर : मधुर राय
बरेली । लगभग तीस से चालीस हजार लोगों की आबादी वाले क्षेत्र में स्थित एकमात्र खेरापति माता मंदिर जो की अति प्राचीन होने की वजह से काफ़ी प्रचलित है और नगर के बीचों बीच स्थित है। जहां पर नवरात्रि के पावन पर्व पर बड़ी तादाद में श्रद्धालुओं का हुजूम देखा जाता है। यहां के बड़े बुजुर्ग बताते हैं कि हमने जब से होश संभाला हे यह मन्दिर यही देखा है। और मंदिर में विराजी मां खेरापति नगर की रक्षा करती हैं। इसलिए यह नगर का मेड़ मंदिर भी माना जाता है। बताते हे कि नगर बासी नगर में चाहे कितनी भी दूर क्यों ना रह रहे हो उनको शादी विवाह में माता पूजने के लिए इसी मंदिर पर माथा टेकने और पूजा अर्चना करने के लिए आना पड़ता है। इसलिए नवरात्रि में भी दूरदराज रह रहे नगरबासी भी खेड़ापति माता मंदिर में जल चढ़ाने एवं माथा टेकने अवश्य आते हैं और ऐसा भी माना जाता है की मां खेड़ापति माता मंदिर में माथा टेकने से लोगों की मान्यता भी पूर्ण होती है जिससे इस मंदिर की मान्यता बहुत ज्यादा है। इसी के चलते खेरापति माता मंदिर पर प्रातः कालीन चार बजे से ही मंदिर प्रांगण में हजारों की तादात में महिला पुरुष की कतारों में भीड़ लग जाती हे। ओर सुबह 6 बजे प्रतिदिन होने बाली आरती में माता के हजारों भक्तों की उपस्थिति देखी जाती। बही मन्दिर में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी दूज के दिन जवारे विराजमान किए गए। इसी तारतम्य में नवरात्रि की पंचमी तिथि के दिन यहां भव्य महाआरती एवं भजन संध्या का आयोजन होने जा रहा । मंदिर समिति अध्यक्ष मनीष मदर बंसी ने बताया कि 26 मार्च दिन रविवार पंचमी तिथि को भव्य महाआरती का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें महिला एवं पुरुषों की विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं इस महाआरती को राय टेंट एंड डिजिटल साउंड एवं रुद्राक्ष म्यूजिकल ग्रुप के द्वारा किया जाएगा। जिसमे खेड़ापति माता मंदिर समिति के सभी सदस्यों एवं अध्यक्ष, मनीष मदरबंसी ने महाआरती में अपने-अपने घर से 11,21 ,51 आटे के दीपक बनाकर लाने एवं समस्त धर्म प्रेमी बंधुओं को अधिक से अधिक संख्या में पधार कर पूर्ण लाभ लेने हेतु अपील की हे।

Related Articles

Back to top button