धार्मिकमध्य प्रदेश

गंगा अवतरण रामलीला का आयोजन रामकथा के इस प्रसंग को देखने मिश्र तालाब घाट पर उमड़ा भारी जनसैलाब जय-जय श्रीराम के गूंजे जयकारे

रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन । रायसेन शहर में चल रही वार्षिक श्री रामलीला मेला के आयोजन में शनिवार को गंगा अवतरण की लीला का मंचन किया गया । रघुकुल की रीति नीति को निभाते हुए उनके पिता अयोध्या के राजा दशरथ के आदेश पर भगवान रामचंद अनुज लक्ष्मण सीता सहित 14 वर्ष के बनवास भोगने के लिए रथ पर सवार होकर वन जाने के लिए रवाना हुए ।v अयोध्या से राजा दशरथ सेनापति सुमन्त से बोले तुम मेरे प्राणों से प्रिय श्री राम लखन लाल सीता को सिर्फ जंगल घुमाकर वापस अयोध्या नगरी ले आना ।लेकिन श्री रामचंद्र पिता दशरथ को दिए हुए वचन माता के कैकई माता से किए गए वादे को निभाने 14 बरस वनवास भोगने के लिए जंगल रवाना हो गए ।vश्री रामचंद्र भगवान लक्ष्मण और सीता गंगा घाट पर पहुंचे । और केवट राज से गंगा पार कराने के लिए अनुरोध करने लगे । तब केवट राज ने उन्हें उनके चरण धोकर अपनी नाव पर चढ़ाया और गंगा पार कराया । श्री रामचन्द्र भगवान ने केवटराज को अंगूठी देकर नेग न्योछावर की रस्म पूरी की। केवट राज का अभिनय अशोक मांझी ने किया। वे पिछले 26 सालों से मेला निरंतर केवट राज का अभिनय निभा रहे हैं। भगवानराम लखनलाल और माता जानकी नाव में सवार होकर गंगा पार उतरे । रामकथा के स्पेशल को देखने के लिए रायसेन शहर के भारी जनसैलाब मिश्र तालाब के तट पर जमा रहा।
इस मौके पर एसडीएम एलके खरे, तहसीलदार अजय प्रताप सिंह पटेल, रामलीला मेला समिति के कार्यवाहक अध्यक्ष ब्रजेश चतुर्वेदी, प्रवक्ता सीएल गौर, समाजसेवी शंकरलाल चक्रवर्ती, अशोक सोनी, राजेश पंथी पहलवान, निषाद राज केवट समिति के अध्यक्ष सीताराम रैकवार, पूजा मांझी, हल्ले महाराज, मेला संचालन समिति के अध्यक्ष पंडित राजेंद्र शुक्ला, जगतप्रसाद शुक्ला, वार्ड पार्षद योगिता राहुल परमार, अभिषेक शुक्ला, संजीव शर्मा, अभिषेक शुक्ला, संजय खत्री, शिक्षक राजकुमार खत्री, प्रदीप शर्मा सहित गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

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