मध्य प्रदेश

भीषण गर्मी में बूंद-बूंद को तरस रहे ग्रामीण, जलस्रोत सूखे गंदा पानी पीने के लिए मजबूर

ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
जबेरा । जनपद पंचायत जबेरा की ग्राम पंचायत भाट खमरिया ग्रामीणों भीषण गर्मी के दौर में बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं स्थिति इतनी विकट हो चुकी है कि ग्राम के जल स्रोत सूख चुके हैं महिला पानी के लिए दिन हो या रात इधर उधर भटक रहे गांव में जल जीवन मिशन के द्वारा पानी की सप्लाई तो शुरू कर दी गई है लेकिन हफ्ते में एक बार ही पेयजल की सप्लाई होती है वही ग्राम पंचायत द्वारा संचालित नल जल योजना भी लोगों को पीने का पानी नही दे पा रही और नल जल योजना 3 माह से बंद पड़ी हुई है ग्राम पंचायत सरपंच का कहना है की ग्राम पंचायत नल जल योजना में जिस बोर से पानी की सप्लाई होती थी उसमें मोटर फस गई है और बोर से मोटर निकलवाने मैं नुसकान होने की आशंका के चलते मोटर नहीं निकलवाई जा रही है इसलिए वाटर सप्लाई बंद है हैरानी की बात तो यह है ग्रामीण भीषण गर्मी में जीवन जीने के लिए पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं लेकिन ग्राम पंचायत हो या जल जीवन मिशन के अधिकारी अपने स्तर के बहाने बनाकर लोगों को भीषण पेयजल संकट दूसरे के लिए छोड़ दिया गया है ग्रामीणों के लिए पेयजल संकट से निजात दिलाने के लिए शासन प्रशासन के द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन निरंतर पेयजल सप्लाई की बात आती है तो यह तमाम दावे खोखले साबित होते हैं जनपद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि डॉ सुजान सिंह का कहना है ग्राम पंचायत भाट खमरिया के गांव मगरई पेयजल समस्या समाधान के लिए जनपद सीईओ जबेरा अवगत करवाया है उन्होंने ग्राम पंचायत सचिव जन्मेजय दत्त दुवे को सप्लाई के बोर में फंसी मोटर निकालने के लिए निर्देशित किया है वही जल जीवन मिशन के अधिकारियों को भी ग्राम के पेयजल संकट से अवगत करवाया है हैरानी की बात तो यह है की ग्राम मैं महीनों से पेयजल संकट बना हुआ है ग्रामीण बूंद-बूंद पानी किल्लत से जूझ रहे हैं बावजूद इसके सरपंच सचिव लोगों की परेशानी में भी अपनी लाभ हानि देख रहे हैं।

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