मध्य प्रदेश

गौशाला ना होने से सडको पर विचरण करते है मवेशी,

चौराहे के बीचो बीच बैठते मवेशी बन रहे हादसे का कारण
लोगों को हो रही परेशानी को नजर अंदाज कर रहा प्रशासन

सिलवानी । विधानसभा मुख्यालय पर गौशाला ना होने से सड़को पर विचरण करते मवेशी ना केवल हादसे का कारण बन रहे है बल्कि लोगों के लिए परेशानी का कारण भी बन रहे है। लेकिन प्रषासन नगर में गौशाला निर्माण कराए जाने के लेकर गंभीर नही हैं फल स्वरुप लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजी बनी हुई है।
लेकिन तहसील मुख्यालय सिलवानी में गौशाला ना होने से गौवंश सड़को पर विचरण कर रहे हैं बल्कि सड़को को ही गौवंश ने अपना आसियाना बना लिया है। सड़को पर विचरण करते मवेशी लोगो के साथ ही वाहन चालको के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। लेकिन प्रशासन ना तो गौशाला का निर्माण ही करा रहा है और ना ही सड़को पर विचरण करने वाले गौवंश की रोकथाम के प्रयास ही किए जा रहे है।
वाहन चालको व लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहे बीच चौराहे पर बैैठने वाले मवेशी हादसे का भी कारण बन रहे हैं लेकिन प्रशासन के नुमाइंदे लोगों को हो रही परेशानी से कोई इत्तफाक नही रख रहे है। चौराहा पर बड़ी संख्या में अकसर ही मवेशी अपना आसियाना बनाते हुए देखे जा सकते है।
नगर से निकले स्टेट हाईवे 44 व 15 पर स्थित बजरंग चौराहा पर दिन रात हमेषा ही मवेशियो का जमघट लगा रहता है। मवेशियो के द्वारा चौराहा को आसियाना बना लेने से वाहन चालको को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अत्याधिक व्यस्ततम चौराहा होने व चारो रास्तो पर बाहनो की आवाजाही होने से बीच चौराहे पर बैठे मवेशी परेशानी का सबब बन रहे है। इसी चौराहे से भोपाल, सागर, पिपरिया, गाडरवारा, उदयपुरा, इंदौर आदि नगरो के लिए यात्री बसो का संचालन होता है। लेकिन मवेशियो के बीच चौराहा पर बैठे रहने से वाहन चालको को वाहनो के संचालन में असुविधा उठाना पड़ती है।
यात्री बसो के अतिरिक्त रेत से भरे ट्रक, डंपर दो पहिया, चार पहिया, परचून से भरे भारी वाहनो की भी आवाजाही निरंतर होती है। लेकिन सड़क पर बैठे मवेशी वाहन चालको के साथ ही यातायात में बाधक बन रहे है। एैसा नही है कि वाहन चालक ही सड़क को आसियाना बना चुके मवेशियो से परेशान हो, बल्कि पैदल चलने वाले राहगीर भी परेषानी का अनुभव कर रहे है।
फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले दुकानदार भी आवारा मवेशियों क कारण परेशान है। सड़को पर विचरण करने वाले यह मवेशी लड़ते लड़ते दुकानो में धुस जाते है, इससे दुकानो मे भी रखा सामान क्षतिग्रस्त हो जाता है। जिससे दुकानदारो को आर्थिक क्षति भी उठाना पड़ रही है। एैसे मवेशियो से सर्वाधिक परेषानी बुधवार को हाट बाजार में सड़क किनारे दुकान लगाने वाले दुकानदारो को उठाना पड़ती है। आवारा मवेशी सब्जी, फल, किराना आदि की दुकानो में धुस जाते हैं जो कि सामान को अस्त व्यस्त कर देते है।
हो चुके है हादसे
सड़को पर बैठने वाले मवेशी अनेक वार हादसे का कारण भी बन चुके है। इन हादसो में अनेको मवेशी काल के गाल में समा चुके है बल्कि गौवंश से होने वाले हादसे में लोग घायल भी हो चुके है। लेकिन प्रशासन के द्वारा कोई कार्रवाही नही की जा रही है।नागरिको ने नगर में गौशाला निर्माण की मांग की है।

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