
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। कार्तिक पूर्णिमा पर 8 नवंबर मंगलवार को चंद्र ग्रहण की खगोलीय घटना दिखने जा रही है। संध्या के समय पूर्वी आकाश में उदित होते हुए चंद्रमा के साथ मध्यप्रदेश में यह आंशिक चंद्रग्रहण के रूप में दिखेगा। भारत के पूर्वी राज्यों में इसे पूर्ण चंद्रग्रहण के रूप में देख पाएंगे। मध्यप्रदेश में भी पूर्वी जिलों जैसे अनूपपुर, शहडोल में चंद्रमा का बड़ा भाग पूर्ण छाया में होगा, तो पश्चिमी जिलो जैसे इंदौर, उज्जैन, झाबुआ में चंद्रमा का कुछ ही भाग पूर्ण छाया में होगा। हालाकि मध्यप्रदेश में यह आंशिक ग्रहण के रूप में ही होगा।
विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि चंद्रमा का अपना प्रकाश नहीं है, बल्कि जब सूर्य की किरणें पड़ती हैं, तो वह उससे परावर्तित हाेकर चमकता है। पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच में आकर प्रत्यक्ष सूर्य प्रकाश को चंद्रमा तक पहुुंचने से रोकती है। लेकिन पृथ्वी के वायुमंडल से गुजरता हुआ अप्रत्यक्ष प्रकाश चंद्रमा पर पड़ता है। वायुमंडल की धूल के अंतर के कारण चंद्रग्रहण पीला, नारंगी, भूरा या लाल दिख सकता है। ग्रहण के समय वायुमंडल में जितने अधिक धूलकण या बादल होंगे।
ग्रहण वाला चंद्रमा उतना लाल दिखेगा। सारिका ने बताया कि चंद्रग्रहण को बिना किसी उपकरण के खाली आंख से देखा जा सकता है। रोशनी से दूर अंधेरे स्थान पर देखना अच्छा हो सकता है। अगर टेलिस्कोप या बाइनोकुलर से देखेंगे तो लाल रंग को स्पष्ट रूप से देख सकते हैं।


