मध्य प्रदेश

जानकारी न होने से ठगे जा रहे बस यात्री दिव्यांग यात्रियों से वसूल रहे पूरा किराया

सिलवानी। दरअसल यात्रा करने वाले दिव्यांग यात्रियों को परिवहन विभाग द्वारा रियायती दरों पर यात्रा करने के लिए बस संचालकों को निर्देश जारी किए गए थे। बावजूद इसके बस संचालकों के द्वारा परिवहन विभाग की गाइडलाइन को दरकिनार करते हुए यात्रा के दौरान दिव्यांग यात्रियों से पूरा किराया वसूला जाता है। निजी बसों में भी यात्रा करने वाले दिव्यांग यात्रियों को किराए में 50 प्रतिशत की छूट मिलनी चाहिए। वहीं हर बस में दिव्यांग यात्रियों के लिए पांच सीटें आरक्षित रहती है। लेकिन बस कंडक्टर द्वारा सीट उपलब्ध नहीं कराई जाती। जिससे ऐसे यात्री शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान हो रहे हैं, लेकिन अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

बस में बस मालिक द्वारा यात्रा के दौरान दी जाने वाली सुविधाओं का नोटिस बोर्ड बस में चस्पा करना चाहिए, लेकिन बस संचालकों द्वारा ऐसा कहीं से कहीं तक नहीं किया जा रहा। जानकारी के अभाव में दिव्यांग पूरा किराया देकर सफर करने को मजबूर है। नगर से हर दिन भोपाल, इंदौर, नागपुर, देवरी, सागर, जबलपुर के लिए कई बस चलती है। प्रतिदिन कई दिव्यांग यात्री सफर करते हैं। जिन्हें शासन के द्वारा जारी रियायत दर का लाभ नहीं मिल रहा है।

प्रचार-प्रसार का बना रहता है अभाव
सरकार द्वारा पूर्व से ही दिव्यांग यात्रियों को रेलवे में यात्रा के दौरान किराए में पचास प्रतिशत तक रियायत एवं सीट का आरक्षण मिलता है। वहीं बसों में भी यात्रा के दौरान सरकार द्वारा दिव्यांग यात्रियों को यह सुविधा नहीं मिलने पर शिकायत दर्ज करा सकता है। प्रचार प्रसार एवं जानकारी के अभाव में शासन द्वारा जो गाइडलाइन जारी की गई है उसकी जानकारी लोगों को नहीं लग पाती है।
बस में यात्रा के दौरान दिव्यांग यात्रियों को सरकार द्वारा दी जाने वाली सुविधाएं जिनमें रिजर्व सीट, आधा किराया जैसी सुविधाएं बस संचालकों द्वारा नहीं दी जा रही। जिस वजह से दिव्यांग यात्रियों को यात्रा के दौरान परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं उन्हें किराए में मिलने वाली छूट भी नहीं दी जा रही है।

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