मध्य प्रदेश

जून माह उचित मूल्य स्वास्थ्य केन्द्रों आंगनबाड़ी केन्द्रों निरीक्षण कर रिपोर्ट दी जाये-कलेक्टर

अविवादित नामांतरण प्रकरणों का निराकरण के लिये मेगा कैंप 27 मई को
ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
दमोह । जिले के सभी राजस्व अधिकारी अच्छा काम कर रहे हैं सुझाव दें और बेहतर कार्य अंजाम कैसे दिया जा सकता है। मिशन मोड में प्रक्रियाओं का पालन करते हुए प्रकरणों का तत्परता से निराकरण सुनिश्चित किया जाए। इस आशय की बात कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने आज राजस्व अधिकारियों की आयोजित बैठक में कही। उन्होंने कहा अविवादित नामांतरण के प्रकरणों का निपटान इस माह की 27 मई को मेगा कैंप में किया जाए। बैठक में अपर कलेक्टर मीना मसराम विशेष रूप से मौजूद रहीं।
कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने राजस्व अधिकारियों से कहा आगामी जून माह से सभी राजस्व अधिकारी सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत वितरित होने वाले पीडीएस दुकानों, स्वास्थ्य केन्द्रों और आंगनबाड़ी केन्द्रों का आवश्यक रूप से निरीक्षण कर रिपोर्ट देंगे। उन्होंने राजस्व अधिकारियों से कहा कि अनुसूचित जाति / जनजाति के छात्रों जिनका आधार-समग्र और जाति प्रमाण पत्र तकनीकी समस्या है, निराकरण के लिए एक अभियान चलाकर यह कार्य किया जाना है। सभी अधिकारी इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उसका निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने इस संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। यह अभियान 15 मई से शुरू किया जा रहा है।
कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने कहा कि शासकीय विभागों के भूमि आवंटन के प्रकरण लंबित है, उनका तत्परता से निराकरण किया जाए। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से कहा जहां भूमि आवंटन की आवश्यकता है, संबंधित राजस्व अधिकारी से संपर्क कर वांछित कार्यवाही त्वरित सुनिश्चित कराई जाए ।
आयोजित बैठक के प्रारंभ में कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने नामांतरण, सीमांकन आदि विभिन्न बिंदुओं पर तहसीलवार समीक्षा करते हुए त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने वसूली की समीक्षा करते हुए कहा अभियान चलाकर वसूली की जाए, साथ ही बड़े बकायादारो की वसूली प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए गए।
सी.पी.आर. की दी गई ट्रैनिंग
राजस्व अधिकारियों की आयोजित बैठक के प्रारंभ में सीपीआर की ट्रेनिंग आरएमओ डॉ. विशाल शुक्ला द्वारा दी गई। डॉ. शुक्ला द्वारा बताया गया कि हार्ट अटैक और अन्य आकस्मिक घटनाओं के दौरान किस तरह से मरीज को सी.पी.आर. देकर जान बचाई जा सकती है। उन्होंने सर्वप्रथम बताया कि किस तरह से यह सुनिश्चित किया जाए कि हमें क्या और किस तरह करना है। इस दौरान प्रैक्टिकल के बाद उपस्थित अधिकारियों से सी.पी.आर. का प्रदर्शन कराया गया और अधिकारियों के प्रश्नों के जवाब डॉ. विशाल शुक्ला द्वारा दिए गए।

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