झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से महिला को हुआ रियेक्शन
चाँदसी दवाखाना उमरियापान का मामला, बीएमओ ने कार्यवाही के लिये थाना प्रभारी को लिखा पत्र, हो सकती है एफआईआर
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । झोलाछाप डॉक्टरों की उमरियापान सहित आसपास के क्षेत्रों में भरमार है और बिना डिग्री के इनके द्वारा मरीजों का इलाज किया जाता है जिससे कभी कभार इनके द्वारा गलत इलाज मरीजों की जान पर बन आता है। इसी तरह का एक मामला बीतों दिनों सामने आया जहां पर जानकी बाई पति राममिलन साहू निवासी ग्राम टोला अपने दाँत का इलाज कराने चाँदसी दवाखाना उमरियापान गई वहां पर झोलाछाप डॉ. अर्जुन राय ने उसे तीन दिन की दवाई दिया व दूसरे दिन पुनः बुलाया। दूसरे दिन अर्जुन राय ने उक्त महिला जानकी बाई को इंजेक्शन लगाया। जैसे ही इंजेक्शन का असर महिला को हुआ उसके शरीर में घबराहट होने लगी तथा पेट में सूजन हो गई, इससे महिला काफी घबरा गई और वह सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र उमरियापान पहुंची। अस्पताल पहुंचकर महिला ने बीएमओ को बताया कि डॉ. अर्जुन राय ने कहा था कि कोई बात नहीं आप दवाई खाओ ठीक हो जाओगी, नहीं तो मैं मशीन से चैक कर दूँगा, तब महिला वापस अपने घर चली गई घर जाने के बाद जानकीबाई को पूरे शरीर में सूजन आ गई व चक्कर आने लगे तो दूसरे दिन महिला उमरियापान ईलाज कराने आ रही थी। तभी अचानक बावली हनुमान मंदिर के समीप चक्कर खाकर घिर गयी । तब वहीं पास से गुजर रहे टोला के पूर्व सरपंच छोटेलाल पटेल ने उक्त महिला को उठाकर शासकीय अस्पताल में ले जाकर भर्ती कराया।
उमरियापान सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती होने के बाद बीएमओ डॉ. बीके प्रसाद के द्वारा जांच की गई। जांच के दौरान बीएमओ द्वारा यह पाया गया कि अर्जुन राय द्वारा जो भी दवाईयां दी गई है उसका रियेक्शन हुआ है। लिहाज प्रथम दृष्टया झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही परिलक्षित हो रही है जिसको लेकर उमरियापान बीएमओ द्वारा थाना प्रभारी उमरियापान को कार्यवाही करने पत्र प्रेषित किया गया। पत्र के तारतम्य में उमरियापान थाना प्रभारी द्वारा कार्यवाही शुरु कर दी गई है। थाना प्रभारी एस राज़ पिल्लई ने बताया की उक्त महिला का मुलाहजा कराया गया है व जाँच की जा रही है। मुलाहजा की रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कार्यवाही की जायेगी।
पूर्व में भी हो चुकी है कार्यवाही
उल्लेखनीय है कि झोलाछाप डॉक्टर अर्जुन राय के विरुद्ध पूर्व में भी कई बड़ी कार्यवाही हो चुकी है और इस मामले को मृगांचल एक्सप्रेस द्वारा प्रमुखता के साथ उठाया गया था जिस पर तत्कालीन एसडीएम सपना त्रिपाठी द्वारा संज्ञान लेते हुये अर्जुन राय के क्लिनिक पर छापा मारा गया था और उनसे चिकित्सा के संबंधी डिग्री और पंजीयन मांगा गया तब उनके पास किसी तरह का कोई भी दस्तावेज नहीं मिला। लिहाजा कार्यवाही करते हुये उनके क्लिनिक को सील कर दिया गया था। बाद में कुछ तथाकथित राजनीतिक सफेदपोशों के द्वारा बड़ी रकम लेकर उक्त मामले को निपटा दिया गया था।
फर्जी डिग्री की चर्चाएं सरगर्म
स्थानीय स्तर पर इस बात की चर्चा जोरों से है कि अर्जुन राय द्वारा उसकी क्लिनिक सील होने के बाद जो बीएएमएस की डिग्री अधिकारियों के समक्ष पेश की गई है वहां कहा से आ गई। चूंकि जब उसकी क्लिनिक पर अधिकारियों ने छापा मारा था और उक्त संबंध में चिकित्सा से संबंधित डिग्री की मांग की थी तब वह दिखाने में असमर्थ थे। इसके बाद मात्र 15 दिनों के अंदर ही उनके द्वारा बीएएमएस. की डिग्री पेश कर दी गई जो अपने आप में चर्चा का विषय बनी हुई है। वहीं सूत्रों ने बताया कि क्षेत्र के एक शिक्षा माफिया द्वारा उक्त डिग्री प्रदान करवाई गई है। लिहाजा इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को अर्जुन राय द्वारा जो बीएएमएस की डिग्री दिखाई जा रही है उसकी जांच संबंधित विश्वविद्यालय से करवाई जानी चाहिये, जिसमें दूध का दूध और पानी का पानी हो जावेगा और सच्चाई स्वयं सामने आ जावेगी। यदि अर्जुन राय के द्वारा विधिवत तरीके से उक्त कोर्स किया गया होगा तो संबंधित विश्वविद्यालय द्वारा सत्यापित कर दिया जावेगा और यदि उक्त डिग्री फर्जी पाई जाती है तो विश्वविद्यालय उसे सत्यापित नहीं करेगा। ऐसी विषय परिस्थतियों में यह आवश्यक हो जाता है कि अर्जुन राय द्वारा जो डिग्री बताई जा रही है इसकी जांच संबंधित विश्वविद्यालय से कराई जावे।



