डीजे पर लगाई पाबंदी, और शादी में नहीं होगी जयमाला
रिपोर्टर : तारकेश्वर शर्मा
मंडला । सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने के लिए शनिवार को आदिवासी समाज के 38 गांवों के लोग ग्राम इंद्रा में जुटे। गोंगपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष हीरासिंह मरकाम की पुण्यतिथि पर हुए इस कार्यक्रम में कई अहम निर्णय लिए गए। सभा में पहुंचे समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि आदिवासी समाज हमेशा सादगी भरा जीवन जीता आ रहा है। हमें अपनी मूल आदिवासी संस्कृति नहीं भूलनी चाहिए। पुराने रीति-रिवाजों में कुछ नई परंपराएं आ गई हैं, इनसे लोगों पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है। फिजूल खर्च वाली परंपराएं जो हमारी नहीं है, उसे समाज से निकालना होगा।
बैठक में जन्म-मरण, शादी-विवाह, रीति रिवाज को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। इसमें चंगेरा प्रथा बंद करने पर जो दिया गया। शादी विवाह में जयमाला और डीजे के प्रयोग को बंद करने का निर्णय लिया। सामाजिक कार्यक्रम में शराब प्रतिबंधित की। व्यवहार में जो कपड़े दिए जाते हैं, उनके स्थान पर नकद राशि देने की बात कही गई, ताकि अनुपयोगी कपड़ों के स्थान पर संबंधित व्यक्ति को आर्थिक मदद मिल सके।
रम्मू सिंह कुलस्ते, सरपंच संघ ब्लॉक अध्यक्ष का कहना है कि गोंड महासभा समाज में सुधार लाने के लिए दादा हीरा सिंह मरकाम ने जन चेतना जागरूकता फैलाई थी। उन्हीं के बातों पर ध्यान केंद्रित कर ग्रामीण जनों तक फैला रहे हैं।
हरदयाल भवेदी, गोंगपा ब्लॉक अध्यक्ष, मोहगांव का कहना है कि युवा पीढ़ी बाहरी परंपरा को जोड़ रही है। इससे सामाजिक कार्यक्रम कराने वालों पर भार आ रहा है। लोग संस्कृति से दूर भाग रहे हैं। डीजे, विवाह में जयमाला जैसी परंपरा का बहिष्कार करना होगा।


