सूनसान जंगल में टॉर्च की रोशनी में कराना पड़ी डिलेवरी, नवजात बेटी स्वस्थ
शिवराज मामा के राज में सरकारी एंबुलेंस का ईंधन (पेट्रोल/डीजल) खत्म हुआ तो जंगल में कराई डिलेवरी
रिपोर्टर : तारकेश्वर शर्मा
पन्ना । एमपी में एक बार फिर लचर स्वास्थ्य व्यवस्था की तस्वीर सामने आई है। शनिवार रात एक घने सूनसान जंगल में महिला का प्रसव कराया गया। क्योंकि, जिस एंबुलेंस से महिला अस्पताल जा रही थी, उसका पेट्रोल खत्म हो गया था। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी का कहना है कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है, जांच करवाते हैं। मामला 28 अक्टूबर का है, लेकिन वीडियो शनिवार देर शाम सामने आया है।
पन्ना जिला मुख्यालय से 100 किमी दूर शाहनगर के बनौली का है। शुक्रवार शाम रेशमा आदिवासी को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। जिसके बाद परिजनों ने 108 एंबुलेंस को कॉल किया था। एंबुलेंस बनौली गांव पहुंची और वहां से गर्भवती को शाहनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए रवाना हो गई। शाहनगर के घने जंगल से गुजरते समय अचानक एंबुलेंस का पेट्रोल खत्म हो गया और सूनसान जंगल में ही एंबुलेंस बंद हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर बायरल हो रहा है।
महिला का दर्द बढ़ता जा रहा था। रात और जंगल होने की वजह से कोई दूसरी गाड़ी नहीं मिल पा रही थी। जिससे आशा कार्यकर्ता के साथ मिलकर परिजनों ने जंगल में टॉर्च की रोशनी में महिला की डिलेवरी कराई। महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया है। इस दौरान किसी ने इन सब का वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। जो शनिवार देर रात सामने आया। महिला के परिजनों ने बताया कि डिलेवरी के बाद हमने प्राइवेट गाड़ी मंगवाई। दोनों को अस्पताल लेकर गए। फिलहाल, दोनों अस्पताल में भर्ती हैं। मां-बेटी दोनों सुरक्षित हैं।
इस संबंध में मामले में जब मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी वी.एस उपाध्याय से जब पूछा गया तो उनका कहना है कि मुझे इसकी जानकारी नहीं है। हालांकि, उन्होंने जांच कराने की बात कही है।



