तेंदूपत्ता श्रमिकों के साथ नाकेदार ने की अभद्रता, तेंदूपत्ता छुड़ाकर फेंका

ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । प्रदेश की सरकार एक और जहां तेंदूपत्ता श्रमिकों के लिए नित्य नई योजनाएं लागू कर उन्हें लाभ पहुंचाने का प्रयास कर रही है वहीं सरकार की मंशा पर सिलवानी क्षेत्र के नाकेदार पानी फेरने में लगे हुए हैं। सियरमऊ के जंगल में पत्ता तोड़ रहे तेंदूपत्ता श्रमिकों के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए उनके द्वारा तोड़ा गया तेंदूपत्ता छुड़ाकर फेंक दिया गया सिर्फ इस वजह से कि वह बेगमगंज तहसील के निवासी हैं सिलवानी तहसील के नहीं।
आपको बता दें कि यह घटना कैसलोन गांव के तेंदूपत्ता श्रमिकों के साथ घटित हुई जब वह गांव से लगे हुए जंगल में तेंदूपत्ता तोड़ कर ला रहे थे तो सिलवानी वन परिक्षेत्र के नाकेदार आदि ने महिला पुरुष श्रमिकों से पत्ता छुड़ाकर जंगल में फेंक दिया और चेतावनी दी कि क्या सिलवानी क्षेत्र का सियरमऊ जंगल है यहां पत्ता तोड़ने ना आए। जबकि श्रमिकों का कहना था कि यदि नाकेदार पहले ही मना कर देते तो श्रमिक तेंदू पत्ता तोड़ने उस जंगल में नहीं जाते।
अब यदि श्रमिकों ने पत्ता तोड़ लिया था तो उन्हें फेंकना नहीं चाहिए था। आइंदा ना आने की चेतावनी देकर छोड़ देते। लेकिन तेंदूपत्ता छुड़ाकर जंगल में फेंक कर सिलवानी वन परिक्षेत्र के नाकेदार आदि ने तेंदूपत्ता श्रमिकों के पेट पर लात मारते हुए सरकार की मंशा पर पानी फेरा है। जिससे तेंदुपत्ता श्रमिकों में रोष व्याप्त है। देखना यह है कि जिले के वरिष्ठ अधिकारी इस मामले को संज्ञान में लेकर संबंधित नाकेदार आदि के खिलाफ क्या कार्रवाई करते हैं।



