ज्योतिष

Aaj ka Panchang आज का पंचांग रविवार, 02 जुलाई 2023

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचांग 🧾
रविवार 02 जुलाई 2023

भगवान सूर्य जी का मंत्र : ऊँ घृणि सूर्याय नम: ।।
🌠 रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य करें।
इस दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है।
रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन जी के दर्शन अवश्य करें ।
रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ” ॐ काल भैरवाय नमः “ या ” ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर ग्रीष्म ऋतु
🌤️ मास – आषाढ़ मास
🌖 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि : आषाढ़ मास शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि 08:21 PM तक उपरांत पूर्णिमा
✏️ तिथि स्वामी – चतुर्दशी तिथि के देवता हैं शंकर।चतुर्दशी तिथि में भगवान देवदेवेश्वर सदाशिव की पूजा करके मनुष्य समस्त ऐश्वर्यों से समन्वित हो जाता है ।
💫 नक्षत्र : नक्षत्र ज्येष्ठा 01:18 PM तक उपरांत मूल
🪐 नक्षत्र स्वामी : ज्येष्ठा नक्षत्र का स्वामी ग्रह बुध है। नक्षत्र के देवता देवराज इंद्र हैं ।
🔊 योग : शुक्ल योग 07:26 PM तक, उसके बाद ब्रह्म योग
प्रथम करण : गर – 09:48 ए एम तक
द्वितीय करण : वणिज – 08:21 पी एम तक
🔥 गुलिक काल : रविवार का शुभ (गलिक काल) 03:37 पी एम से 05:16 पी एम
⚜️ दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से पान या घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सायं – 4:30 से 6:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्यादयः- प्रातः 05:13:00 A.M
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:47:00 P. M
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:07 ए एम से 04:47 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:27 ए एम से 05:27 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:57 ए एम से 12:53 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:44 पी एम से 03:40 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:22 पी एम से 07:42 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 07:23 पी एम से 08:24 पी एम
💧 अमृत काल : 05:14 ए एम, जुलाई 03 से 06:41 ए एम, जुलाई 03
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:05 ए एम, जुलाई 03 से 12:45 ए एम, जुलाई 03
सर्वार्थ सिद्धि योग : 01:18 पी एम से 05:27 ए एम, जुलाई 03
❄️ रवि योग : 05:27 ए एम से 01:18 पी एम
🚓 यात्रा शकुन-इलायची खाकर यात्रा प्रारंभ करें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ घृणि: सूर्याय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-विष्णु मंदिर में स्वर्ण का मोती अर्पित करें।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – सर्वार्थसिद्धि योग/व्रत पूर्णिमा/ साईं बाबा उत्सव प्रारंभ (शिर्डी)/ शिवशयन चतुर्दशी (उड़ीसा)/ मेला ज्वालामुखी (हिमाचल प्रदेश)/ स्वतंत्रता सेनानी यूसुफ़ मेहरअली शहीद दिवस, भारतीय अभिनेता रज़ा मुराद जन्म दिवस, प्रसिद्ध जनकवि आलोक धन्वा जयन्ती, स्वामी राम – भारतीय योगाचार्य जन्म दिवस, क्रांतिकारियों असित भट्टाचार्य स्मृति दिवस, विश्व यूएफओ दिवस, विश्व खेल पत्रकार दिवस, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग की स्थापना दिवस, पूर्णिमा प्रारंभ रात्रि 08.21
✍🏼 विशेष – चतुर्दशी तिथि को शहद त्याज्य होता है। चतुर्दशी तिथि को एक क्रूरा तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं चतुर्दशी तिथि को उग्रा तिथि भी माना जाता है। यह चतुर्दशी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह चतुर्दशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ और कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। इस चतुर्दशी तिथि के देवता भगवान शिवजी हैं।
🌹 Vastu Tips 🌸
जाने अनजाने में अक्सर हम अपने घर में कई ऐसी चीजें जमा करते चले जाते हैं, जो आगे चलकर भी कोई काम नहीं आएगा। हम इन्हें घर में किसी कोने में रखकर भूल जाते हैं। लेकिन आपकी ये छोटी सी गलती आपके घर-परिवार के लिए मुसीबतें खड़ी कर सकती हैं। तो अगर आप चाहते हैं कि आपके घर में माता लक्ष्मी का वास हो और परिवार में खुशहाली बनी रहे तो आज ही इन चीजों को घर से बाहर निकाल फेंके। आज वास्तु शास्त्र में आचार्य इंदु प्रकाश से जानेंगे उन 10 चीजों के बारें में जो आपके घर में कंगाली और अशांति ला सकती है।
घर से बार निकाल दें ये चीजें वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में रखा टूटा हुआ कांच या दरार वाला शीशा, टूटा हुआ पलंग, बेकार बर्तन, बंद पड़ी घड़ी, भगवान की दूषित मूर्ति, टूटा हुआ फर्नीचर, खराब तस्वीरें और इलेक्ट्रोनिक्स के सामान, टूटा हुआ दरवाजा और आखिरी चीज बंद पड़ा पेन, ये सारी चीजें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ परिवार के लोगों के मानसिक उलझन का भी कारण बनते हैं।
साथ ही इन सब चीजों के कारण परिवार के सदस्यों की उन्नति में बाधा आती है। यहां तक कि पति-पत्नी के वैवाहिक जीवन पर भी नकरात्मक असर डालते हैं। इन सब चीजों को जितना हो सके उतना ही जल्दी पर घर से बाहर करने से देवी लक्ष्मी आपके घर पधारेंगी और घर में सुख-शांति बनी रहेगी।
⏹️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
सुबह 4 से 7 बजे के बीच योग के फायदे- मानसिक शांति सुबह 4 से 7 के बीच योग करने से आप एक मानसिक शांति महसूस कर सकते हैं। दरअसल, इस बीच योग करने से आप बेहतर महसूस कर सकते हैं। ये आपके दिमाग को शांत करने और माइंड डिटॉक्स करने में मददगार है। साथ ही इस समय योग करने से आप अपने मन में आते-जाते विचारों पर काबू पा सकते हैं और बेहतर महसूस कर सकते हैं। इसके अलावा ये अवसाद और दुख के विचारों को भी भूलने में मददगार है और ये हर तरह से आपको शांत कर सकती है।
शारीरिक फायदे सुबह 4 से 7 बजे के बीच योग करने के कई फायदे हैं। ये आपके शारीरिक कामकाज को बेहतर बनाता है और ब्लड सर्कुलेशन को तेज करता है। इसके अलावा इस समय योग करने से आप शुद्ध हवा में सांस ले सकते हैं। इससे आपके शरीर का प्राण वायु शुद्ध होता है और आप बेहतर महसूस करते हैं। इसके अलावा ये आपके दिल, लिवर और किडनी के काम काज को सही करता है जिससे आपके शरीर के तमाम अंग स्वस्थ रहते हैं। इस तरह आप हाई बीपी, डाबिटीज और दिल की बीमारियों से बचे रह सकते हैं। तो, योग करें और हेल्दी रहें।
🩻 आरोग्य संजीवनी 🩸
दूषित खाना और पानी से होती है फूड प्वाइजनिंग बारिश में दूषित खाना और पानी की वजह से आप फूड प्वाइजनिंग के शिकरा हो सकते हैं। दरअसल, बारिश में कीट-पतंगों से नहीं घर में आने वाला पानी तक दूषित रहता है। खासकर बाहर का खाना, फूड प्वाइजनिंग का कारण बन सकता है और आपका पेट खराब कर सकता है। तो, बाहर का खाना खाने से बचें और अपनी डाइट को हेल्दी रखें।
अधपके और कच्चे खाने से हो सकते हैं इंफेक्शन के शिकार अधपके और कच्चे खाने से आपको पेट में इंफेक्शन हो सकता है। ऐसे में आपको मतली, उल्टी और दस्त लग सकते हैं। कई बार स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि आपको अस्पताल पहुंचना पड़ सकता है। इसलिए बारिश में बाहर का खाना से बचें। साथ ही घर में कच्ची सब्जियों और सलाद के सेवन से बचें। ये आपको गंभीर रूप से बीमार कर सकते हैं।
उमस के कारण कब्ज की समस्या मानसून के दौरान उमस भरा मौसम आपके पूरे पाचन तंत्र को सुस्त बना देता है। अगर आपके पाचन अंग जैसे पेट, पेनक्रियाज और छोटी आंत सही से काम नहीं कर पा रहे हैं और गैस, एसिडिटी और सूजन की समस्या हो रही है तो डॉक्टर को दिखा लें। इसके अलावा इस डिहाइड्रेशन के कारण आपकोकब्ज की समस्या भी हो सकती है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
भगवान शिव को समर्पित है और आषाढ़ महीने में शुक्ल पक्ष (चंद्रमा के बढ़ते चरण) के 14 वें दिन मनाया जाता है। 2023 में, शिव सयान चतुर्दशी और व्रत 2 जुलाई से शुरू होता है। कुछ हिंदू समुदायों का मानना है कि भगवान शिव चतुर्मास अवधि के दौरान, हिंदू धर्म के चार पवित्र महीनों, शिव सयान चतुर्दशी के दिन योग निद्रा (नींद) में चले जाते हैं।
श्रावण मास शिव शयन चतुर्दशी के दो दिन बाद शुरू होता है और यह भगवान शिव को समर्पित अनुष्ठान और पूजा करने के लिए सबसे शुभ अवधियों में से एक है।
लोकप्रिय मान्यता यह है कि शिव चार महीनों की अवधि के दौरान सभी पापों को नष्ट कर देते हैं और भक्तों को मोक्ष के मार्ग में मदद करते हैं। ऐसा माना जाता है कि शिव शांति और समृद्धि लाते हैं। एक किंवदंती बताती है कि भगवान सभी पापों को जदा (बाल) से बांधते हैं और बाघ की खाल पर सोते हैं।
कुछ क्षेत्रों में इस अवधि के दौरान शिव शयनोत्सव और शिव डोलोत्सव का आयोजन किया जाता है।
शिव सायण चतुर्दशी काफी हद तक विष्णु सायण के समान है, जो उसी अवधि के दौरान होता है। मान्यता यह है कि भगवान विष्णु चातुर्मास्य के चार महीनों के दौरान क्षीर सागर पर गहरी निद्रा में चले जाते हैं।
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⚜️ चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव का ज्यादा-से-ज्यादा पूजन, अर्चन एवं अभिषेक करना करवाना चाहिये। सामर्थ्य हो तो विशेषकर कृष्ण पक्ष कि चतुर्दशी तिथि को विद्वान् वैदिक ब्राह्मणों से विधिवत भगवान शिव का रुद्राभिषेक करवाना चाहिये। आज चतुर्दशी तिथि में भगवान् शिव का रुद्राभिषेक यदि शहद से किया करवाया जाय तो इससे मारकेश कि दशा भी शुभ फलदायिनी बन जाती है। जातक के जीवन कि सभी बाधायें निवृत्त हो जाती है और जीवन में सभी सुखों कि प्राप्ति सजह ही हो जाती है।
जिस व्यक्ति का जन्म चतुर्दशी तिथि को होता है वह व्यक्ति नेक हृदय का एवं धार्मिक विचारों वाला होता है। इस तिथि को जन्मा जातक श्रेष्ठ आचरण करने वाला होता है अर्थात धर्म के मार्ग पर चलने वाला होता है। इनकी संगति भी उच्च विचारधारा रखने वाले लोगों से होती है। ये बड़ों की बातों का पालन करते हैं तथा आर्थिक रूप से सम्पन्न होते हैं। देश तथा समाज में इन्हें उच्च श्रेणी की मान-प्रतिष्ठा प्राप्त होती है।

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