धार्मिक

भागवत कथा में शिव-पार्वती विवाह प्रसंग हुआ

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । उमरियापान के कृषि मंडी प्रांगण में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में शुक्रवार को कथा व्यास पंडित रोहित शास्त्री ने शिव-पार्वती विवाह का प्रसंग सुनाया। प्रसंग सुन श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। इस दौरान शिव-पार्वती विवाह की झांकी भी सजाई गई। कथा व्यास ने शिव विवाह का वर्णन करते हुए कहा कि पर्वतराज हिमालय की घोर तपस्या के बाद माता जगदंबा प्रकट हुईं और उन्हें बेटी के रूप में उनके घर में अवतरित होने का वरदान दिया। इसके बाद माता पार्वती हिमालय के घर अवतरित हुईं। बेटी के बड़ी होने पर पर्वतराज को उसकी शादी की चिंता सताने लगी। माता पार्वती बचपन से ही बाबा भोलेनाथ की अनन्य भक्त थीं। एक दिन पर्वतराज के घर महर्षि नारद पधारे और उन्होंने भगवान भोलेनाथ के साथ पार्वती के विवाह का संयोग बताया। उन्होंने कहा कि नंदी पर सवार भोलेनाथ जब भूत-पिशाचों के साथ बारात लेकर पहुंचे तो उसे देखकर पर्वतराज और उनके परिजन अचंभित हो गए, लेकिन माता पार्वती ने खुशी से भोलेनाथ को पति के रूप में स्वीकार किया। विवाह प्रसंग के दौरान शिव पार्वती विवाह की झांकी पर श्रद्धालुओं ने पुष्प बरसाए। कथा व्यास ने विवाह प्रसंग के दौरान सुंदर भजनों की प्रस्तुति भी दी। इस अवसर उत्साहजनक संख्या में श्रृद्धालुजन मौजूद रहे। आयोजन समिति ने बताया कथा प्रवचन प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक हो रहे हैं। कथा में आज 5 अगस्त को नृसिंह अवतार का वर्णन किया जाएगा। 

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