नर्मदा नदी में डूबे विदिशा के युवकों का चौथे दिन भी नही खोज पाए
रस्सी में 20 किलो का बांट बांधकर लगा रहे गोते, बहाव इतना तेज कि गोताखोर खुद बह रहे हैं
रिपोर्टर : राजकुमार रघुवंशी
उदयपुरा । नर्मदा नदी के केतोघान घाट पर 13 नवंबर रविवार की दोपहर में विदिशा के 5 युवकों में से 2 युवक राजकुमार चौरसिया, चेतन राजपूत नहाते समय नर्मदा नदी में डूब गए थे। इनका पता लगाने के लिए चौथे दिन बुधवार को भी रेस्क्यू चलता रहा, लेकिन तेज बहाव के कारण परेशानी आ रही है। भोपाल से आए गोताखार भी तेज बहाव के कारण मकसद में कामयाब नहीं हो पा रहे हैं। रस्सी में 20 किलो का बांट बांधकर गोताखोर नर्मदा की गहराई में जाने का बार-बार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज है कि गोताखोर खुद ही बह रहे हैं, वे पानी की गहराई में पहुंच ही नहीं पा रहे हैं। हालांकि दो एसडीआरएफ और उदयपुरा की टीम मौके पर रेस्क्यू चला रही है। ये टीमें युवकों के परिजनों को साथ लेकर नर्मदा में 20 से 25 किमी तक सर्च कर चुकी हैं। गुरुवार को भोपाल और रायसेन की एसडीआरएफ टीमों की वापसी हो जाएगी।
रेस्क्यू टीम इंजन वोट से नर्मदा के अंदर कांटे डालकर भी युवकों के लिए सर्च कर रही है, लेकिन कांटों वाले प्रयोग से रिजल्ट नहीं आ पा रहे हैं। वहीं होशंगाबाद और बरेली क्षेत्र से महाजाल मंगाया जा रहा है। बुधवार दोपहर तक महाजाल नहीं आ पाया था। स्थानीय टीम सात दिन तक सर्च ऑपरेशन चलाएगी। इंजन बोट से 20 से 25 किमी दूरी तक दोनों युवकों को सर्च किया जा चुका है। जानकार बता रहे हैं कि हो सकता है युवक रेत के नीचे दब गए हो।



