
अश्व में सवार होकर पृथ्वी लोक में आएगी मां दुर्गा
पं. मोहनलाल द्विवेदी ( हस्तरेखा, जन्मकुंडली एवं वास्तु विशेषज्ञ )
माँ शारदा देवीधाम, मैहर म.प्र., मोबाइल नम्बर
9424000090, 7000081787
हिंदू धर्म में नवरत्रि के पर्व का विशेष महत्व होता है। नवरात्रि पर लगातार 9 दिनों तक देवी दुर्गा के 9 अलग-अलग स्वरूपों की विधि-विधान के साथ पूजा उपासना की जाती है। इस वर्ष चैत्र नवरात्रि 09 अप्रैल से आरंभ होकर 17 अप्रैल तक रहेगी। हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो जाती है। इसके साथ इस तिथि से ही नया हिंदू नववर्ष विक्रम संवत आरंभ होता है। नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना होती है, फिर अष्टमी और नवमी तिथि को छोटी कन्याओं की पूजा होती है।
मां शारदा देवीधाम मैहर के ज्योतिषाचार्य पंडित मोहनलाल द्विवेदी ने बताया कि इस वर्ष चैत्र नवरात्रि पर मां दुर्गा घोड़े पर सवार होकर स्वर्ग लोक से पृथ्वी पर आ रही हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि पर देवी दुर्गा पृथ्वी पर आती हैं और 9 दिनों तक अपने भक्तों को आशीर्वाद देकर उनकी हर एक परेशानियों का दूर करती हैं। इस बार चैत्र नवरात्रि की शुरुआत बहुत ही शुभ और दुर्लभ संयोग में होने जा रही है। शुभ योग में चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होने के बहुत ही शुभ हैं ।
चैत्र नवरात्रि 2024 पर शुभ योग
इस वर्ष चैत्र नवरात्रि पर कई वर्षों बाद अनेक बहुत ही शुभ योग बनने जा रहे है। जिसमे अमृत सिद्धि योग, शश योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और अश्विनी नक्षत्र का संयोग आदि सम्मिलित है
सोरमंडल में ग्रहयोग
ग्रह और नक्षत्रों की स्थिति बहुत शुभ होगी। मेष राशि में चंद्रमा और गुरु मिलकर गजकेसरी योग बना रहे हैं। शनि शश राजयोग बनाएंगे। शुक्र और बुध की युति से लक्ष्मी नारायण योग बन रहा है। सूर्य और बुध के मिलन से बुधादित्य राजयोग बन रहा है। शुक्र उच्च राशि में गोचर करके मालव्य योग बना रहे हैं। इसके अलावा सवार्थ अमृत सिद्धि, प्रीति, रवि, आयुष्मान और पुष्य नक्षत्र योग का निर्माण भी हो रहा है।
आमजन पर माँ दुर्गा की विशेष कृपा बरसेगी। धन-धान्य में वृद्धि के योग बनेंगे ।
पंडित द्विवेदी ने बताया कि हर वर्ष नवरात्रि पर माता अलग-अलग सवारियों पर आगमन और प्रस्थान करती हैं. माता की सवारी कई तरह के संकेत देती हैं ।
घोड़े पर पधारेंगी माता
नवरात्रि जिस दिन से शुरू होती है उसके आधार पर ही माता की सवारी निश्चित होती है । धर्म शास्त्रों के अनुसार, मंगलवार और शनिवार को नवरात्रि की शुरूआत शुभ संकेत वाली नहीं होती है । इस बार चैत्र नवरात्रि 9 अप्रैल यानी मंगलवार को शुरू होगी । मंगलवार और शनिवार को नवरात्रि शुरू होने पर माता घोड़े पर सवार होकर पधारती हैं ।माता की सवारी घोड़ा होना सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में बड़े बदलावों की ओर संकेत करता है । इसे युद्ध और प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़ या अकाल जैसी परेशानियों का भी संकेत माना जाता है ।
इस बार चैत्र नवरात्रि 17 अप्रैल को राम नवमी के दिन समाप्त होगी और उस दिन बुधवार है । नवरात्रि की समाप्ति बुधवार को होने पर माता हाथी पर सवार होकर प्रस्थान करती हैं । हाथी की सवारी पर प्रस्थान के शुभ संकेत वाला माना जाता है । यह अच्छी बारिश, अच्छी फसल और किसानों को भरपूर फसल प्राप्त करने का संकेत देती है।
घटस्थापना का शुभ मुहूर्त:-
दिन- मंगलवार प्रतिपदा तिथि, 9 अप्रैल 2024 शुभ मुहूर्त- सुबह 05 बजकर 28 मिनट से सुबह 10 बजकर 44 मिनट तक।
घटस्थापना का दूसरा शुभ मुहूर्त:-
सुबह 11 बजकर 56 मिनट से दोपहर 3 बजकर 47 मिनट तक।
अभिजीत मुहूर्त
12:03 से 12:54 तक
विशेष
राहु काल 15:36 से 17:10 तक रहेगा इस समय में घट स्थापना करना शुभ नहीं है
नवरात्रि घटस्थापना पूजा विधि:-
मिट्टी को चौड़े मुंह वाले बर्तन में रखें और उसमें सप्तधान्य बोएं। अब उसके ऊपर कलश में जल भरें और उसके ऊपरी भाग (गर्दन) में कलावा बांधें। आम या अशोक के पत्तों को कलश के ऊपर रखें। नारियल में कलावा लपेटे। उसके बाद नारियल को लाल कपड़े में लपेटकर कलश के ऊपर और पत्तों के मध्य रखें। घटस्थापना पूरी होने के पश्चात् मां दुर्गा जी का आवाहन करते हैं ।


