नशे की गिरफ्त में युवा, नगर धसता जा रहा है ना जाने नशे की हद कहाँ तक

ब्यूरो चीफ : मनीष श्रीवास
जबलपुर । जबलपुर जिले से लेकर ग्रामीणों में युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में जाती नजर आ रही हैं। ये आज के समय में कोई बड़ी बात तो नही लेकिन आने वाली पीढ़ी और बुर्जुगो के लिये मजबूरी देखने को मिल रही है। वही ग्रामीण क्षेत्र सिहोरा नगर की मुश्किलों का पार नही मिलता नजर आ रहा है । सिहोरा नगर में नशे की बीमारी गली गली अपने पैर पसारते नजर आ रही है । यहाँ सस्ते महगें हर तरह के नशे देखने मिल रहे है । नगर सिहोरा के बहुत से परिवारों का हाल विनाश के रास्ते जाते नजर आ रहा है।
नशे के कारण अभी तो समाज और नगर मे रहने वाले परिवारों के आर्थिक तथा व्यवहारिक परेशानियों का सामना तो करना पड़ रहा है लेकिन अब तो जिला एवं नगर मे रहने वाले परिवारों की सुख शांति के साथ साथ जान माल का खतरा भी बनता चला जा रहा है । दिनो दिन नशेडियों के आपसी एवं परिवारिक झगडे़ देखने को मिल रहे है और नशे के आदी युवा वर्ग मे इतना नशे का बुरा प्रभाव पड़ रहा है की आपस के झगडो़ मे एक दूसरे के जान के दुश्मन भी बनते नजर आ रहे है ।
युवाओं में बढ़ता जा रहा है नशे का रुझान- युवाओं मे नशा एक ऐसे असाद्धय रोग की तरह हो गया है की इसका इलाज कठिन होता जा रहा है। और नशे के पदार्थ अपराधियों के लिऐ सुरक्षा कवच की तरह काम करते हुए नजर आ रहे है ।
प्रशासनिक कार्यवाही- कानूनी कार्यवाही में नशा भोगी अपराधी के लिये कानूनी कार्यवाही भी कमजोर दिखाई दे रही हैं । प्रावधानों के कारण पुलिस भी कार्यावाही को टालती है जिससे कि एक शातिर अपराधी भी अपराधों से बच निकलता है । और अपराध करने के लिए पुन: तेयार हो जाता हैं । अभी
नगर मे युवाओं की दुर्दशा आगे आने वाले भविष्य के साथ साथ नगर की छवि भी धूमिल कर रहे है । कहते है कि एक देश की मजबूती उस देश के हथियारों से ज्यादा उस देश के स्वस्थ समृद्ध और देश के लिऐ समर्पित भाव रखने वाले युवा पीढियों के कारण झलकती है ।
अगर सुरक्षित भारत व स्वास्थ्य भारत बनाना हैं तो यहाँ क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों के साथ- साथ क्षेत्रीय समाज व पुलिस प्रशासन को इस नशा रुपी विनासक समस्या का समाधान समाज एवं देश हित के लिये कार्य करें । जिससे क्षेत्र के साथ देश के युवाओं मे अच्छे परिणाम देखने को मिलेगा ।




