मध्य प्रदेश

नसबंदी शिविरों, आशा कार्यकर्ता तंदुरुस्ती के लिए सस्ती दवाएं महंगे दामों पर खरीदवाने का चल रहा था कमीशन खोरी का खेल

भगवती मानव कल्याण सदस्यों ने आशा कार्यकर्ताओं की खोली पोल तो आशा कार्यकर्ताओं ने धमकाया
भगवती मानव कल्याण संगठन सदस्यों ने एसडीएम थाना प्रभारी को सौंपा ज्ञापन, आशा कार्यकर्ताओं पर कार्यवाही की मांग

रिपोर्टर : भगवत सिंह लोधी
दमोह ।
परिवार नियोजन के लक्ष्य के बोझ तले दबी आशा कार्यकर्ताओं और नर्सों ने अब कमाई का नया जरिया निकाल लिया है। नसबंदी कराने वाली प्रत्येक महिला को 700-700 रुपए कीमत की दवाइयां तंदुरुस्ती के नाम पर अस्पताल के बाहर स्थित मेडिकल स्टोर्स से खरीदने को उन्हें मजबूर किया जा रहा है। इस कमीशन खोरी के खेल की जब भगवती मानव कल्याण संगठन सदस्यों ने शिकायत करते पोल खोलकर रख दी तो कार्यवाही के डर से आशा कार्यकर्ताओं के द्वारा भगवती मानव कल्याण संगठन सदस्यों को किसी मामले में फंसाने की धमकी दी गई जिसको लेकर संगठन सदस्यों के द्वारा एसडीएम, थाना प्रभारी को शिकायत करते हुए आशा कार्यकर्ताओं के द्वारा दी गई धमकी पर कार्रवाई की मांग। नसबंदी शिविरों में तंदुरुस्ती की दवा के नाम पर चल रही कमीशन खोरी पर कार्यवाही करने की मांग की है हैरानी की बात तो यह है कि कमीशन खोरी का यह सिलसिला। सर्दी का सीजन शुरू होते ही महिलाओं की नसबंदी कराने का क्रम भी शुरू हो गया है। वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग में एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं को नसबंदी कराने के लिए लक्ष्य भी निर्धारित कर दिए हैं। जिसको नर्सों आशा कार्यकर्ताओं के द्वारा कमाई का जरिया बनाकर कमीशन खोरी का खेल बदस्तूर जिला जनपद मुख्यालय में जारी है।

Related Articles

Back to top button