नाबालिग अभियोक्त्री को सदोष छुपाने अपराध में आरोपी त्रिलोकी को हुआ 10 वर्ष का सश्रम कारावास

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान l शनिवार को माननीय विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) कटनी द्वारा थाना ढीमरखेडा के मामले में अभियोक्त्री को सदोष छुपाने एवं पुत्र द्वारा किये गये दुष्कर्म के अपराध में सहायता कर दुष्प्रेरण का अपराध प्रमाणित पाते हुए धारा 368 भादवि में 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000 रू जुर्माना, धारा 376 (2) (एन) भादवि, धारा 376 (2) (आई) भादवि में क्रमश: 10- 10 वर्ष का सश्रम कारावास तथा 3000-3000 रू जुर्माने से दण्डित किया गया है। मामले में अभियोजन की ओर से सुश्री नविता पिल्लै विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो ) कटनी द्वारा पैरवी की गई।
घटना संक्षेप में इस प्रकार है कि दिनांक 26/1/2013 को सुबह 10 बजे अभियोक्त्री अपने स्कूल से घर वापिस आ रही थी तभी गांव का आरोपी रिंकू उर्फ शिवकुमार (फरार) मिला और बहला फुसला कर शादी का कहकर इंदौर ले गया और फिर सूरत ले गया और फिर मंदिर में शादी की और उसके साथ गलत कार्य किया, जिससे उसको बच्ची हुई जो दो दिन बाद खत्म हो गई। अभियोक्त्री को आरोपी द्वारा व्यपहरण कर लाया गया था और उसे घर में छिपाकर रखा गया था इस बात की जानकारी आरोपी रिंकू के पिता आरोपी त्रिलोकी ऊर्फ त्रिलोक को थी । अभियोक्त्री के पिता के रिपोर्ट पर से थाना ढीमरखेडा के अपराध क्रंमाक 150/13 धारा 363, 366, 368, 376 भादवि एवं 5/6 पॉकसो अधिनियम प्रकरण पंजीवद्ध कर प्रकरण विवेचना में लिया गया एवं विवेचना उपरांत आरोपी त्रिलोक ऊर्फ त्रिलोकी के विरूद्ध अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया एवं रिंकू ऊर्फ शिवकुमार को फरार घोषित किया गया। प्रकरण में विचारण उपरांत माननीय विशेष न्याायाधीश पॉक्सो कटनी द्वारा आरोपी त्रिलोक ऊर्फ त्रिलोकी धारा 368 भादवि में 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000 रू जुर्माना, धारा 376 (2) (एन) भादवि, धारा 376 (2) (आई) भादवि में क्रमश: 10- 10 वर्ष का सश्रम कारावास तथा 3000-3000 रू जुर्माने से दण्डित किया गया है।



