ज्योतिष

Aaj ka Panchang आज का पंचांग रविवार, 07 मई 2023

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचांग 🧾
रविवार 07 म ई 2023

भगवान सूर्य जी का मंत्र : ऊँ घृणि सूर्याय नम: ।।
🪕 आप सभी देशवासियों को देवर्षि नारद जी एवं श्री रविन्द्र नाथ टैगोर जयन्ती के शुभ अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं।।
🌠 रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य करें।
इस दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है।
रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन जी के दर्शन अवश्य करें ।
रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ” ॐ काल भैरवाय नमः “ या ” ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर ग्रीष्म ऋतु
🌤️ मास – ज्येष्ठ मास
🌖 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – ज्येष्ठ माह का कृष्ण पक्ष द्वितीया 08:15 PM तक उसके बाद तृतीया
✏️ तिथि का स्वामी – द्वितीया तिथि के स्वामी भगवान ब्रह्मा जी और तृतीया तिथि की स्वामी माँ गौरी और कुबेर देव जी है।
💫 नक्षत्र- अनुराधा 08:21 PM तक उसके बाद ज्येष्ठा है।
🪐 नक्षत्र स्वामी – अनुराधा नक्षत्र का स्वामी शनि है। जो राशि स्वामी मंगल का शत्रु है।
📢 योग-परिघ योग 02:52 AM तक, उसके बाद शिव योग
प्रथम करण : तैतिल – 09:06 ए एम तक
द्वितीय करण – गर – 08:15 पी एम तक
🔥 गुलिक काल : – अपराह्न – 3:00 से 4:30 तक ।
⚜️ दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से पान या घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सायं – 4:30 से 6:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:328:00 AM
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:32:00 PM
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:11 ए एम से 04:54 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:32 ए एम से 05:36 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:51 ए एम से 12:45 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:32 पी एम से 03:25 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:58 पी एम से 07:20 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:00 पी एम से 08:03 पी एम
💧 अमृत काल : 10:20 ए एम से 11:52 ए एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:56 पी एम से 12:39 ए एम, मई 08
🚓 यात्रा शकुन-इलायची खाकर यात्रा प्रारंभ करें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ घृणि: सूर्याय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-विष्णु मंदिर में बेल का शर्बत चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – श्री नारद जयंती/ रवीन्द्र जयन्ती (रवीन्द्रनाथ टैगोर का जन्म दिवस), सीमा सड़क संगठन स्थापना दिवस, विश्व एथलेटिक्स दिवस, भारतीय गुरु परमहंस योगानंद जन्म दिवस, रबीन्द्रनाथ ठाकुर – नोबेल पुरस्कार जन्मोत्सव, साहित्यकार पन्नालाल पटेल जन्मोत्सव, भारतीय स्वतंत्रता सेनानी अल्लूरी सीताराम राजू पुण्यतिथि, मशहूर गीतकार प्रेम धवन स्मृति दिवस, यूनान स्वतंत्र गणराज्य स्थापना दिवस, मूल प्रारम्भ
✍🏼 विशेष – द्वितीया तिथि को कटेरी फल का तथा तृतीया तिथि को नमक का दान और भक्षण दोनों त्याज्य बताया गया है। द्वितीया तिथि सुमंगला और कार्य सिद्धिकारी तिथि मानी जाती है। इस द्वितीया तिथि के स्वामी भगवान ब्रह्माजी हैं। यह द्वितीया तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह द्वितीया तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायिनी होती है।
🌷 Vastu tips 🌸
अगर आपके बिजनेस में लगातार हानि हो रही है, आर्थिक समस्या से जूझना पड़ रहा है और आपको कुछ समझ में नहीं आ रहा कि सब कुछ ठीक-ठाकचलने के बावजूद भी आपके साथ ऐसा क्यों हो रहा है। तो इसकी एक मुख्य वजह आपकी दुकान की या ऑफिस की दिशा व्यवस्था में गड़बड़ी हो सकती है।
इसके लिए सबसे पहले अपनी दुकान या ऑफिस के उत्तर-पूर्व दिशा के हिस्से पर नजर डालें और देखें कि कहीं इस हिस्से में बहुत ज्यादा सामान तो नहीं रखा। अगर ऐसा है तो तुरंत उत्तर-पूर्व दिशा के हिस्से को कुछ खाली करें और उस सामान को दुकान या ऑफिस की दक्षिण-पश्चिम में रख दें। वास्तु के अनुसार यह दिशा फलदायी होता है। इसके अलावा ऑफिस में बैठते समय अपना मुख उत्तर-पूर्व दिशा की ओर करके रखें। ऐसा करने से आपको जल्द ही लाभ देखने को मिलेगा।
⏺️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
पूर्वजों का स्वप्न में बार बार आना : मेरे एक मित्र ने बताया कि उनका अपने पिता के साथ झगड़ा हो गया है और वह झगड़ा काफी सालों तक चला। पिता ने मरते समय अपने पुत्र से मिलने की इच्छा जाहिर की परंतु पुत्र मिलने नहीं आया। पिता का स्वर्गवास हो गया हुआ। कुछ समय पश्चात मेरे मित्र मेरे पास आते हैं और कहते हैं कि उन्होंने अपने पिता को बिना कपड़ों के देखा है ऐसा स्‍वप्‍न पहले भी कई बार आ चुका है।
शुभ कार्य में अड़चन : कभी-कभी ऐसा होता है कि आप कोई त्यौहार मना रहे हैं या कोई उत्सव आपके घर पर हो रहा है, ठीक उसी समय पर कुछ ना कुछ ऐसा घटित हो जाता है कि जिससे रंग में भंग डल जाता है। ऐसी घटना घटित होती है कि खुशी का माहौल बदल जाता है। मेरे कहने का तात्‍पर्य है कि शुभ अवसर पर कुछ अशुभ घटित होना पितरों की असंतुष्टि का संकेत है।
🫗 आरोग्य संजीवनी 🍶
कैसे बनाएं गुलाब जल और त्रिफला का पानी-गुलाब जल लें और लगभग इसका आधा कप निकाल कर रख लें। अब इसमें 1 चम्मच त्रिफला मिलाएं। फिर इसे ऐसे ही 20 मिनट के लिए छोड़ दें। अब इसमें ऊपर से और पानी मिलाएं। नींबू का रस और काला नमक मिलाएं। दोनों को मिलाकर अब इसका सेवन करें। ये पेट के लिए कई प्रकार से फायदेमंद है।
पाइल्स के लक्षणों से राहत दिलाता है पाइल्स के लक्षणों जैसे कि मलद्वारा का सूजन और दर्द कम करने में ये पानी बहुत मददगार है। साथ ही ये पेट को ठंडा करता है और पाइल्स में होने वाली जलन को दूर करता है। इसके अलावा ये मल को मुलायम बनाता है और इसका बाहर निकलना आसान करता है।
कैसा भी हो कब्ज कारगर है कैसा भी हो कब्ज, गुलाब जल और त्रिफला का पानी पीना, आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, ये दोनों ही चीज मिलकर पेट साफ करने वाले लैक्सटिव की तरह काम करते हैं और बॉवेल मूवमेंट को बेहतर बनाते हैं। इसके बाद ये मल को मुलायम बनाते हैं और कब्ज की समस्या से बचाव में मददगार है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
सुख और दुख हमारे जीवन का हिस्सा होता है, बिना सुख और दुख के जीवन का आनंद नहीं आता है, इसलिए ज्यादा दुख होने पर हमें दुखी नहीं होना चाहिये और ज्यादा सुखी होने पर हमें अधिक प्रसन्न होना चाहिये क्योंकि समय किसी का स्थिर नहीं रहता है। आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार कोई भी अपने बुरे समय को टालने का प्रयास कर सकता है, तो चलिए जानते क्या हैं वो तरीके जिनके द्वारा दुख से बचा जा सकता है तो बने रहिए हमारे साथ बिना किसी देरी के शुरू करते हैं।
व्यवहार हो विनम्रतापूर्वक- आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार हमें सभी के साथ विनम्रतापूर्वक व्यवहार करना चाहिये, क्योंकि व्यक्ति अपने कर्मों के द्वारा ही सुख और दुख का भोग करता है। हमें ऐसे किसी भी काम को नहीं करना चाहिये जिससे भविष्य में हमें दुख को भोगना पड़े, इसलिए हमारा सभी के साथ व्यवहार विनम्रतापूर्वक होना चाहिये।
ज्ञान है सबसे महत्वपूर्ण- दोस्तों हमारे जीवन में ज्ञान सबसे जरूरी चीज होती है, ज्ञान एक ऐसी चीज होती है जिसके हम अपने सपनों को पूरा कर सकत हैं, क्योंकि ज्ञान एक ऐसा धन होता है जिसको कोई चोर नहीं चुरा सकता है और ना ही आपका भाई आपसे बटा सकता है। ज्ञानी व्यक्ति को हर जगह सम्मान मिलता है और उसे हर क्षेत्र में तरक्की भी हासिल होती रहती है।
ईश्वर की भक्ति भी जरूरी- सारे काम करने के बाद सबसे जरूरी काम ईश्वर पर विश्वास होना होता है, क्योंकि ईश्वर की भक्ति हमारे जीवन में एक अलग ही महत्व रखती है, इससे हमें विपरीत समय में साहस मिलता है और विश्वास रहता है कि ईश्वर हमारे बुरे समय को जल्द दूर कर देगा। भक्ति में बहुत शक्ति होती है, आप इसके द्वारा अपने पुराने पापों को भी धो सकते हैं और अपने आने समय में आनंद की अनुभूति कर सकते हैं।
मूर्ख व्यक्ति से ज्ञान की बातें करना सबसे बड़ी मूर्खता- मूर्ख व्यक्ति के साथ कितनी भी ज्ञान की बातें कर लो लेकिन उसको समझ में नहीं आयेगा, बल्कि वो आपकी बातों का मजाक उड़ना शुरू कर देगा। मूर्ख व्यक्ति के साथ बातें करने से व्यर्थ में विवाद हो सकता है, इसलिए बेहतर होगा कि आप मूर्ख व्यक्ति से ज्ञान की बातें ना करें, इसी में आपकी भलाई होती है।
गरीबी से मुक्ति पाने के दान जरूरी- आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार यदि आप गरीब हैं और अपनी गरीबी को दूर करने के उपायों के बारे में पता कर रहें हैं तो आपको दान अवश्य करना चाहिये। हमने अपनी क्षमता के अनुसार समय-समय पर दान करते रहना चाहिये, दान देने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और आपके पिछले पाप भी दूर हो जाते हैं।
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⚜️ प्रजापति व्रत दूज को ही किया जाता है तथा किसी भी नये कार्य की शुरुआत से पहले एवं ज्ञान प्राप्ति हेतु ब्रह्माजी का पूजन अवश्य करना चाहिये। वैसे तो मुहूर्त चिंतामणि आदि ग्रन्थों के अनुसार द्वितीया तिथि अत्यन्त शुभ फलदायिनी तिथि मानी जाती है। परन्तु श्रावण और भाद्रपद मास में इस तिथि का प्रभाव शून्य हो जाता है। इसलिये श्रावण और भाद्रपद मास कि द्वितीया तिथि को कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिये।
शास्त्र कहता है, द्वितीया तिथि में जिस व्यक्ति का जन्म होता है, उस व्यक्ति का हृदय साफ नहीं होता है। इस तिथि के जातक का मन किसी की खुशी को देखकर आमतौर पर खुश नहीं होता, बल्कि उनके प्रति ग़लत विचार रखता है। इनके मन में कपट और छल का घर होता है, ये अपने स्वार्थ को सिद्ध करने के लिए किसी को भी धोखा दे सकते हैं। इनकी बातें बनावटी और सत्य से बहुत दूर होती हैं। इनके हृदय में दया की भावना बहुत ही कम होती है तथा यह किसी की भलाई तभी करते हैं जबकि उससे अपना भी लाभ हो। ये परायी स्त्री से अत्यधिक लगाव रखने वाले होते हैं जिसके वजह से कई बार इन्हें अपमानित भी होना पड़ता है।

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