पुलिया का हुआ घटिया निर्माण, उद्घाटन से पहले आई बडी बडी दरारे
निर्माण के दौरान ग्रामीणों किया था विरोध, अधिकारियो की मिलीभगत से की जा रही लीपापोती
रिपोर्टर : कुंदनलाल चौरसिया
गौरझामर । एक ओर सरकार गांव गांव में बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के लिए तमाम प्रकार के विकास कार्य चला रही है लेकिन अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत और सांठगांठ से विकास कार्य में बंदरबांट होने से शासकीय काम काज बुरी तरह प्रभावित हो रहे है दरअसल मामला गौरझामर के समीप ग्राम पंचायत सालावारा अन्तर्गत गौरझामर रहली रोड से ग्वारी टोला होते हुए सिमरिया गांव से नेशनल हाइवे 44 को जोड़ने वाली सड़क मे करोड़ो रुपये की लागत से पीडब्लूडी विभाग द्वारा सड़क का निर्माण कार्य किया जा रहा है निर्माण कार्य भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है इसमे गुणवत्ता और मानक के विपरीत पुलियों का निर्माण कार्य किया गया है सडक के बीच मे आने वाले बरसाती नाले पर करोड़ो रूपयो की लागत से बनाई जा रही बडी पुलिया जिसका निर्माण पीडब्लूडी विभाग के अंतर्गत ठेकेदार के माध्यम से किया जा रहा है ग्वारी टोला के दर्जनों ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए बताया की पुलिया की ओर जो बाल बनाई गई उसमे बोल्डर मिक्स घटिया गिट्टी और धूल सहित डस्ट लगाई गई जिसका ग्रामवासियो व्दारा विरोध भी किया गया था इसकी जांच करने पीडब्लूडी विभाग के अधिकारी भी आये थे तो उन्होंने रेत गिट्टी मिली घटिया सामग्री मौके पर पायी थी पुलिया बने अभी कुछ महिने ही हुए है जिसमे एक वर्ष भी पूरा नही हुआ ओर अभी से घटिया सामग्री के कारण उसमे बडी बडी दरारे आने लगी बता दे की यह उसी रास्ते में ये पुलिया का निर्माण कराया जा रहा है दरअसल इस रास्ते में बारिश के समय या फिर अन्य मौसम में भी चलना दूभर होता था गांव मूलभूत सुविधाओं से कोसो दूर होते हुए शासन द्वारा गांव के विकास के लिये सड़क और पुलिया का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है जिससे गांव वालों को सुविधा मिल सके लेकिन यहां तो इसका उल्टा ही नजारा दिखाई दे रहा है ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के दिनों मे स्कूली बच्चों सहित आम लोगो महिलाओ को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था बरसात के दिनो मे नाले मे बाढ का पानी पुलिया के ऊपर हो जाने से कई घंटो तक पानी कम होने का इंतज़ार करना पड़ता था हम ग्रामीणों की सालों की मांग पर लगभग लाखों रूपये की लागत से पुलिया का काम पुरा हुआ है और पुलिया अभी से उदघाटन से पहले ही दरारे दिखाई देने लगी है ठेकेदार व्दारा इन दरारों को छिपाने के लिये कई लीपा पोती की गई है जिसे स्पष्ट देखा जा सकता है वही पुलिया निर्माण में बाईबेटर से प्रेशर का उपयोग किया जाना है लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो वहां इसका कोई उपयोग नहीं किया गया है सड़क पर डामरीकरण का निर्माण कार्य किया जाना है लेकिन ठेकेदार की मनमानी लापरवाही व भ्रष्टाचार के चलते अभी काम ठन्डे बस्ते मे पडा हुआ है।
*सड़क निर्माण में अवैध मुरम का खनन राजस्व को हानि*
ग्वारी टोला से सिमरिया होते हुए नेशनल हाइवे तक सड़क का निर्माण किया जा रहा है इस सड़क में मुरम के लिए राजस्व की भूमि का खनन किया गया दर्जनों ग्रामीणों के द्वारा बताया गया खुदाई कर डम्परो से मुरम निकाली गई जिस मामले मेें अधिकारियों द्वारा कार्रवाई नहीं की गई अवैध मुरम खनन कर सड़क निर्माण किया लेकिन खनिज अधिकारियों से लेकर राजस्व अधिकारियों द्वारा देखते हुए अनजान बने रहना और लाखों रुपए की राजस्व की हानि पहुंचाई जाती है रहली रोड पर मुरम का अवैध खनन किया गया है ग्रामीणों ने बताया कई जगह अवैध खनन कर्ताओं द्वारा तालाब जैसी खाई नुमा खुली छोड़ी गई हैं, वहीं रहली रोड गौशाला के पास सड़क के किनारे से खोदी गई मुरम के तालाब जैसी गहराई होने से हादसे की आशंका बन रहती है।
इस संबंध में यू एस तिवारी एसडीओ पीडब्लूडी देवरी का कहना है कि फोटो भेजो दरारों की पुख्ता बात करो हवा मे बाते नही करो



