पेड़, पौधों और बेकार फल सब्जियों से जैविक खाद बनाने के लिए शहर में स्थापित की गई इकाइयों का नहीं हो रहा उपयोग
जैविक खाद यूनिटें बदहाल, नाडेप पिट बन गए कचरा घर
कचरा घर बनी जैविक खाद इकाई, नपा के जिम्मेदार बने बेखबर
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। रायसेन शहर साफ सुंदर और स्वच्छ बनाने के लिए युद्ध स्तर पर हर साल स्वच्छता सर्वेक्षण अभियान पर लाखों करोड़ों का बजट खर्च किया जाता है। लेकिन बावजूद इसके ना तो रायसेन शहर स्वच्छ बन सका और ना खूबसूरत । स्वच्छता अभियान को लेकर नपा की स्वच्छता को लेकर जमकर खूब ढोल पीटे जाते हैं । फिर भी बड़े शहरों की बराबरी नहीं कर पाया है रायसेन शहर।
नगरपालिका परिषद ने शहर की स्वच्छता के साथ शहर के पार्कों में पेड़-पौधे के लिए कचरा-गोबर और मिट्टी से जैविक खाद बनाने का काम शुरू किया था। जैविक खाद बनाने के लिए शहर के अलग-अलग इलाकों में इकाइयां स्थापित की गई थी, लेकिन अब लगभग सभी इकाइयां बदहाल हालत में है। चिनार चिल्ड्रन पार्क बस स्टैंड के नजदीक स्वच्छता पार्क ।जैविक खाद के लिए बनाए गए नाडेप पिटों में पॉलीथिन, निर्माण सामग्री सहित घरों और बाजार से निकलने वाला कचरा भरा है। हालात यह है कि ज्यादातर नाडेप पिटों की सफाई तक नहीं हो रही है। जिससे उसमें मिट्टी जमा हो चुकी है। पीएचई कार्यालय के पीछे राहुलनगर सहित पार्कों में जैविक खाद निर्माण इकाई स्थापित है। लेकिन इसकी देखरेख ही नहीं हो रही। हालात बताते हैं कि नरापुरा सहित अन्य स्थानों पर नपा जैविक खाद निर्माण इकाई की स्थापना करके भूल चुकी है।
कचरा नाडेप पार्क में ऊग रही झाड़ियां…..
नपा ने चिनार चिल्ड्रन पार्क में पीएचई ऑफिस के पीछे रोड किनारे राहुल नगर वार्ड 14 जैविक खाद निर्माण इकाई की स्थापना की है। यहां दो बड़े सीमेंट के बने नाडेप पिट हैं। इनमें प्रारंभ दिनांक, कचरा, गोबर और मिट्टी की मात्रा के बजाए घरों का कचरा- पन्नी भरा है। यहां जैविक खाद नहीं बन रही। आसपास के लोग इसका उपयोग कचरा घर के रूप में कर रहे हैं। नाडेप के आसपास कीचड़ और गंदगी से लोग परेशान हैं।
नपा ने मिश्र तालाब घाट पर बने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट परिसर में भी जैविक खाद बनाने की इकाइयों की स्थापना की है। यहां भी देखरेख व समय पर सादा कचरा, गोबर व मिट्टी की निर्धारित मात्रा को मिलाकर खाद बनाने का काम सही ढंग से नहीं हो रहा है। चर्च पार्क के नाडेप पिटों में तो झाडिय़ां ऊग रही है। आसपास जहरीले जीव जंतु होने का खतरा बना हुआ है।
खैराबाद कचरा निष्पादन केंद्र के नाडेपों के बुरे हाल…..
सूत्रों से पता चला है कचरा निष्पादन केंद्र एमआरएफ के समीप बने नाडेप के बुरे हाल हैं। बताया जाता है कि यहाँ आधे दर्जन से ज्यादा नाडेप बनाए गए हैं। देखरेख के अभाव में वह टूटने फूटने लगे हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 के दौरान नोडल अधिकारी एवं इंजीनियर रश्मि सिंह की मौजूदगी में नपा कर्मचारियों द्वारा सड़ी गली फल सब्जियों को नाडेप टांकों में डाल जैविक खाद का निर्माण भी किया था।
इस संबंध में स्वच्छता अभियान की नोडल अधिकारी और इंजीनियर रश्मि सिंह का कहना है कि भोपाल रोड़ एमआरएफ कचरा निष्पादन केंद्र के नजदीक जैविक खेती बनाने 8 पिटे बनाई गई है। वर्तमान में बेस्ट कचरे फल सब्जियों से जैविक खाद भी बनाई जा रही है।
वही इस संबंध में सुधीर सिंह सीएमओ नपा रायसेन का कहना है कि शहर से निकलने वाले कचरे से खाद बनाने नपा ने नाडेप पिट बनवाए हैं। हम पता करवा लेते हैं, कहां क्या स्थिति है। इसमें सुधार किया जाएगा।



