ज्योतिषधार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग गुरुवार, 22 जनवरी 2026

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
गुरुवार 22 जनवरी 2026
22 जनवरी 2026 दिन गुरुवार को माघ मास के शुक्ल पक्ष कि चतुर्थी तिथि है। आज वैनायकी श्रीगणेश चतुर्थी का परम पावन व्रत है। आप सभी सनातनी महिलायें अपने पुत्रों के दीर्घायु एवं सफलता प्राप्ति हेतु इस व्रत को करतीं हैं। आप सायं भगवान श्री गणेश जी की पूजा के उपरांत चन्द्र उदय (रात्रि: 21.32 पी एम) होने पर चन्द्र देवता को अर्घ्य प्रदान करके ही व्रत खोलना चाहिए। आज प्रदोष काल कुंद पुष्प भगवान शिव के साथ श्रीगणेश जी की भी पूजा करनी चाहिए। आप की चतुर्थी को तील चतुर्थी भी कहा जाता है। आप सभी सनातनियों को “वैनायकी श्रीगणेश चतुर्थी के परम पावन व्रत” की हार्दिक शुभकामनायें एवं मंगलकामनाएं।।
मंगल श्री विष्णु मंत्र :-
मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
☄️ दिन (वार) – गुरुवार के दिन तेल का मर्दन करने से धनहानि होती है । (मुहूर्तगणपति)
*गुरुवार के दिन धोबी को वस्त्र धुलने या प्रेस करने नहीं देना चाहिए। *गुरुवार को ना तो सर धोना चाहिए, ना शरीर में साबुन लगा कर नहाना चाहिए और ना ही कपडे धोने चाहिए ऐसा करने से घर से लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती है ।
*गुरुवार को पीतल के बर्तन में चने की दाल, हल्दी, गुड़ डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाकर दीपक अथवा धूप जलाएं । इससे बृहस्पति देव प्रसन्न होते है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है । 🔮 *शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 विक्रम संवत : 2082 कालयक्त विक्रम : 1947 नल* 🌐 कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,
👸🏻 शिवराज शक 352_

✡️ शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), चैत्र
☮️ गुजराती सम्वत : 2081 नल
☸️ काली सम्वत् 5126
🕉️ संवत्सर (उत्तर) क्रोधी
☣️ आयन – उत्तरायण
🌧️ ऋतु – सौर शिशिर ऋतु
⛈️ मास – माघ मास
🌓 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📅 तिथि – गुरुवार माघ माह के शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि 02:28 AM तक उपरांत पंचमी
✏️ तिथि स्वामी – चतुर्थी के देवता हैं शिवपुत्र गणेश। इस तिथि में भगवान गणेश का पूजन से सभी विघ्नों का नाश हो जाता है। यह खला तिथि हैं।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र शतभिषा 02:26 PM तक उपरांत पूर्वभाद्रपदा
🪐 नक्षत्र स्वामी – शतभिषा नक्षत्र का स्वामी राहु ग्रह है, और इसके देवता वरुण देव हैं, जो जल और उपचार के देवता माने जाते हैं।
⚜️ योग – वरीयान योग 05:37 PM तक, उसके बाद परिघ योग
प्रथम करण : वणिज 02:41 PM तक
द्वितीय करण : विष्टि 02:28 AM तक, बाद बव
🔥 गुलिक कालः- गुरुवार का (शुभ गुलिक) 09:45:00 से 11:10:00 तक
⚜️ दिशाशूल – बृहस्पतिवार को दक्षिण दिशा एवं अग्निकोण का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से सरसो के दाने या जीरा खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल – दिन – 2:00 से 3:25 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः – प्रातः 06:55:30
🌅 सूर्यास्तः – सायं 05:33:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त 05:27 ए एम से 06:20 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या 05:53 ए एम से 07:14 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त 12:12 पी एम से 12:54 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त 02:19 पी एम से 03:02 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त 05:49 पी एम से 06:16 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या 05:52 पी एम से 07:12 पी एम
💧 अमृत काल 06:31 ए एम से 08:07 ए एम (23 जनवरी)
🗣️ निशिता मुहूर्त 12:06 ए एम से 12:59 ए एम (23 जनवरी)
❄️ रवि योग 07:14 ए एम से 02:27 पी एम
🚓 यात्रा शकुन-बेसन से बनी मिठाई खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवै नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-शमी पूजन करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – रवि योग/ गणेश जयन्ती/ रामलला प्रतिष्ठा दिवस/ गौरीगणेश चतुर्थी/ भद्रा/ पञ्चक/ मुगल सम्राट शाहजहां पुण्य तिथि, राष्ट्रीय पुस्तकालय स्थापना दिवस, अयोध्या में भव्य राम मंदिर उद्घाटन समारोह दिवस, भारतीय क्रांतिकारी नेता ठाकुर रोशन सिंह जन्म दिवस, अभिनेत्री नम्रता शिरोडकर जन्म दिवस, इंग्लैंड की महारानी विक्टोरिया स्मृति दिवस, दुनिया विजय जन्म दिवस, राजेश कुमार जन्म दिवस, अक्षर पटेल जयन्ती, संजय झा जन्म दिवस, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस जयन्ती
✍🏼 तिथि विशेष – चतुर्थी तिथि को मूली एवं पञ्चमी तिथि को बिल्वफल त्याज्य बताया गया है। इस चतुर्थी तिथि में तिल का दान और भक्षण दोनों त्याज्य होता है। इसलिए चतुर्थी तिथि को मूली और तिल एवं पञ्चमी को बिल्वफल नहीं खाना न ही दान करना चाहिए। चतुर्थी तिथि एक खल और हानिप्रद तिथि मानी जाती है। इस चतुर्थी तिथि के स्वामी गणेश जी हैं तथा यह चतुर्थी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह चतुर्थी तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभफलदायिनी मानी गयी है।
🗽 Vastu tips 🏘️
पुराने कपड़े में पुरानी ऊर्जा शरीर से निकले पुराने कपड़े में व्यक्ति की थकान, पसीना, नकारात्मक भावनाएं और कई बार बुरी ऊर्जा जमा हो जाती है। वास्तु में इसे ‘अशुद्ध वस्त्र’ कहा जाता है। जब ऐसे कपड़े से घर का फर्श पोंछा जाता है, तो वह सारी ऊर्जा पूरे घर में फैल जाती है। इससे झगड़े, आर्थिक रुकावट, स्वास्थ्य समस्या और नींद की कमी जैसी परेशानियां बढ़ सकती हैं।
*आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार, घर की सफाई ‘शुद्ध वस्त्र’ से ही करनी चाहिए। पुराने या जूठे कपड़े से सफाई करने से लक्ष्मी जी का अपमान होता है। जो घर पुराने वस्त्र से पोंछता है, वहां धन नहीं टिकता है। पुराने कपड़े से पोछा लगाने से घर में दरिद्रता देवी का प्रवेश हो सकता है। *पुराने कपड़ों से पोछा लगाने के नुकसान लक्ष्मी जी रुष्ट होकर धन की बरकत रोक देती हैं। घर में नकारात्मक ऊर्जा फैलती है, जिससे झगड़े-कलह बढ़ते हैं। स्वास्थ्य पर असर पड़ता है और सिरदर्द, कमर दर्द, थकान की समस्या बनी रहती है। नींद खराब रहती है, मानसिक अशांति बढ़ती है। संतान की पढ़ाई और करियर में रुकावट आती है।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
हाथियों को सबसे बुद्धिमान जानवरों में की जाती है. हाथी को मौत का अहसास पहले ही हो जाता है. वो खाना-पीना छोड़ देते हैं और एकांत में रहना पसंद करते हैं.
*कुत्तों को भी उनकी मौत का अहसास हो जाता है. यहां तक की कुत्तों को मनुष्यों की मृत्यु का भी पता चल जाता है. कहा जाता है कि कुत्ते भी मृत्यु से पहले खाना-पीना छोड़ देते हैं. *बिल्ली को भी हफ्ते भर पहले ही अपनी मौत का अंदाजा लग जाता है. बिल्लीयां भी मौत से पहले खाना-पीना छोड़ देती हैं और एकांत में चली जाती हैं.
बिच्छू को कहा जाता है कि बिच्छू को भी अपनी मौत का पता 7 दिन पहले लग जाता है. वो भी मत्यु से पहले खाना-पीना छोड़ देता है
🥑 आरोग्य संजीवनी 🍓
कच्चा सलाद: आयुर्वेद के अनुसार ठंड में कच्ची सब्जियां और बहुत अधिक सलाद नहीं खाना चाहिए क्योंकि ये वात दोष को बढ़ाते हैं और पचाने में कठिन होते हैं। सब्जियों को पकाकर या सूप के रूप में लेना बेहतर है।
*रूखे स्नैक्स: बहुत अधिक सूखे मेवे (बिना भिगोए), पॉपकॉर्न या सूखे बिस्कुट जैसी चीजें शरीर में खुश्की पैदा कर सकती हैं *इन स्वादों से बचें आयुर्वेद के अनुसार, ठंड में निम्नलिखित स्वादों का अधिक सेवन नहीं करना चाहिए:
कड़वा (Tikta): जैसे ज्यादा नीम या करेला।तीखा (Katu): बहुत अधिक लाल मिर्च और गरम मसाले।* *कसैला (Kashaya): ऐसे पदार्थ जो मुंह में सूखापन लाते हैं।
*_डेयरी और अन्य परहेज रात में दही: सर्दियों में रात के समय दही खाने से बचना चाहिए क्योंकि यह कफ को बढ़ाता है और साइनस या गले में संक्रमण का कारण बन सकता है। अगर खाना ही हो तो दोपहर में चीनी या काली मिर्च मिलाकर खाएं।
मैदा और जंक फूड: भारी और मैदा युक्त चीजें पाचन तंत्र पर दबाव डालती हैं।
ठंड में मीठे, खट्टे और नमकीन स्वाद वाले खाद्य पदार्थ (जैसे गुड़, तिल, घी और गरम दूध) सेहत के लिए अच्छे माने जाते हैं क्योंकि ये शरीर को अंदर से गर्म रखते हैं।
🌷 गुरु भक्ति योग 🌹
🩷 हर कोई मृत्यु से डरता है, लेकिन जन्म और मृत्यु सृष्टि के नियम हैं… यह ब्रह्मांड के संतुलन के लिए आवश्यक है। इसके बिना, मनुष्य एक-दूसरे पर हावी हो जाते। कैसे? इस कहानी से जानिए…
🚩 एक बार, एक राजा एक संत के पास गया, जो राज्य के बाहर एक पेड़ के नीचे बैठे थे। राजा ने पूछा, “हे स्वामी! क्या कोई औषधि है जो अमरता दे सके? कृपया मुझे बताएं।”
🚩 संत ने कहा, “हे राजा! आपके सामने जो दो पर्वत हैं, उन्हें पार कीजिए। वहाँ एक झील मिलेगी। उसका पानी पीने से आप अमर हो जाएंगे।”
🚩 राजा ने पर्वत पार कर झील पाई। जैसे ही वह पानी पीने को झुके, उन्होंने कराहने की आवाज सुनी। आवाज का पीछा करने पर उन्होंने एक बूढ़े और कमजोर व्यक्ति को दर्द में देखा।
🚩 राजा ने कारण पूछा, तो उस व्यक्ति ने कहा, “मैंने इस झील का पानी पी लिया और अमर हो गया। जब मेरी उम्र सौ साल की हुई, तो मेरे बेटे ने मुझे घर से निकाल दिया। मैं पचास साल से यहाँ पड़ा हूँ, बिना किसी देखभाल के। मेरा बेटा मर चुका है, और मेरे पोते अब बूढ़े हो चुके हैं। मैंने खाना- पीना बंद कर दिया है, फिर भी जीवित हूँ।”
🤔👳‍♀️ राजा ने सोचा, “बुढ़ापे के साथ अमरता का क्या फायदा? अगर मैं अमरता के साथ यौवन भी प्राप्त कर सकूँ तो?” राजा वापस संत के पास गए और समाधान पूछा, “कृपया मुझे अमरता के साथ यौवन प्राप्त करने का उपाय बताएं।”
🚩 संत ने कहा, “झील पार करने के बाद, आपको एक और पर्वत मिलेगा। उसे पार करिए, और एक पेड़ मिलेगा जिस पर पीले फल लगे होंगे। उन फलों में से एक खा लीजिए, और आपको अमरता के साथ यौवन भी मिल जाएगा।
🤔 राजा ने दूसरा पर्वत पार किया और एक पेड़ देखा, जिस पर पीले फल लगे थे। जैसे ही उन्होंने फल तोड़ने के लिए हाथ बढ़ाया, उन्हें तेज बहस और लड़ाई की आवाजें सुनाई दीं। उन्होंने सोचा, इस सुनसान जगह में कौन झगड़ सकता है?
🤔 राजा ने चार जवान आदमियों को ऊंची आवाज़ में झगड़ते देखा। राजा ने पूछा, “तुम लोग क्यों झगड़ रहे हो?” उनमें से एक बोला, “मैं 250 साल का हूँ और मेरे दाहिने वाले व्यक्ति की उम्र 300 साल है। वह मुझे मेरी संपत्ति का हिस्सा नहीं दे रहा।”
🤔 *जब राजा ने दाहिने वाले व्यक्ति से पूछा, उसने कहा, “मेरा पिता, जो 350 साल का है, अभी भी जीवित है और उसने मुझे मेरा हिस्सा नहीं दिया। तो मैं अपने बेटे को कैसे दूं?”
🤔 *उस आदमी ने अपने 400 साल के पिता की ओर इशारा किया, जिन्होंने भी वही शिकायत की।* उन्होंने राजा से कहा कि संपत्ति के इस अंतहीन झगड़े की वजह से गांववालों ने उन्हें गांव से निकाल दिया है।
🤔 *राजा हैरान होकर संत के पास लौटे और बोले, “धन्यवाद, आपने मुझे मृत्यु का महत्व समझाया।
🩷 *संत ने कहा, “मृत्यु के कारण ही इस संसार में प्रेम है।”
🩷 “मृत्यु के बारे में चिंता करने के बजाय, हर दिन और हर पल को खुशी से जियो। खुद को बदलो, दुनिया बदल जाएगी।
1) जब आप स्नान करते समय* भगवान का नाम लेते हैं, तो वह एक पवित्र स्नान बन जाता है।
2) जब आप खाना खाते समय* नाम लेते हैं, तो वह भोजन प्रसाद बन जाता है।
3) जब आप चलते समय* नाम लेते हैं, तो वह एक तीर्थ यात्रा बन जाती है।
4) जब आप खाना पकाते समय* नाम लेते हैं, तो वह भोजन दिव्य बन जाता है।
5) जब आप सोने से पहले* नाम लेते हैं, तो वह ध्यानमय नींद बन जाती है।
6) जब आप काम करते समय* नाम लेते हैं, तो वह भक्ति बन जाती है।
7. जब आप घर में नाम लेते हैं, तो वह घर मंदिर बन जाता है।
※══❖═══▩ஜ ۩۞۩ ஜ▩═══❖══※
⚜️ चतुर्थी तिथि में तिल का दान और भक्षण दोनों भी त्याज्य है। आज गणपति, गजानन, विघ्नहर्ता श्री गणेशजी की पूजा का विशेष महत्त्व है। आज गणपति की पूजा के उपरान्त मोदक, बेशन के लड्डू एवं विशेष रूप से दूर्वादल का भोग लगाना चाहिये इससे मनोकामना की सिद्धि तत्काल होती है। शास्त्रानुसार जिस व्यक्ति का जन्म चतुर्थी तिथि को होता है वह व्यक्ति बहुत ही भाग्यशाली होता है। चतुर्थी तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति बुद्धिमान एवं अच्छे संस्कारों वाला होता है। ऐसे लोग अपने मित्रों के प्रति प्रेम भाव रखते हैं तथा इनकी सन्तानें अच्छी होती है। इन्हें धन की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है और ये सांसारिक सुखों का पूर्ण उपभोग करते हैं।।

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