कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दलित बस्तियों में किया सहभोज
ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । कांग्रेस के संविधान सत्याग्रह कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के द्वारा लोगों को जागरूक करने और ग्वालियर उच्च न्यायालय में संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर की मूर्ति स्थापित करने की मांग को लेकर संविधान सत्याग्रह के तहत तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जिसको लेकर ब्लाक कांग्रेस के नेतृत्व में नगर के श्यामनगर स्थित आठ्या धर्मशाला में सहभोज आयोजित किया गया। जहां पर दलित, आदीवासी, पिछड़ा एवं सामान्य सभी वर्गों के लोगों ने एक साथ बैठकर भोजन किया।
कार्यक्रम के पूर्व डॉ भीमराव अम्बेडकर जी के चित्र पर फूलमाला अर्पण कर कार्यक्रम आरंभ किया गया। कार्यक्रम में पूर्व प्रदेश महामंत्री राजेंद्र सिंह तोमर, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष संदीप विश्वकर्मा, ग्रामीण ब्लॉक अध्यक्ष जाहर सिंह लोधी, जनपद सदस्य प्रकाश पटेल आदि विशेष रूप से उपस्थित थे।
इस अवसर पर पूर्व प्रदेश महामंत्री राजेंद्र सिंह तोमर ने अपने संबोधन में कहा यह संविधान बचाओ आंदोलन है भाजपा द्वारा बाबा साहेब अम्बेडकर का आए दिन अपमान किया जा रहा है। भाजपा की सरकार में लोगों से छुआछूत, अस्पृष्यता फैलाकर फूट डाली जा रही है जबकि कांग्रेस ने हमेशा सभी को समान समझा है। वहीं ग्वालियर खंडपीठ उच्च न्यायालय में डां. अम्बेडकर जी की मूर्ति स्थापित की जानी थी लेकिन भाजपा सरकार ने अभी तक स्थापित नहीं की है। जिसके विरोध में पूरे मध्यप्रदेश में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में संविधान सत्याग्रह आंदोलन चलाया जा रहा है। क्योंकि अंबेडकर जी के द्वारा संविधान में सभी को समानता का अधिकार दिलाया और महिलाओं के हक की लड़ाई लड़ी और लोगों को उसका अधिकार दिलाया। चाहे किसी भी वर्ग का व्यक्ति हो अंबेडकर जी के संविधान की वजह से लोगों को उनके अधिकार मिल सके हैं।
ब्लैक कांग्रेस अध्यक्ष संदीप विश्वकर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि आज 25 जून को ग्वालियर में कांग्रेस के द्वारा आंदोलन और सत्याग्रह किया जाएगा। कार्यक्रम का आभार युवक कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप कारोलिया ने व्यक्त किया।
इस दौरान श्रीप्रकाश जैन, विजय पहलवान, पूर्व पार्षद बाबू भाई, चन्द्रेश जैन, माधो सिंह सोलंकी, सगीर अली, हनीफ मुंशी, अवधेश पटेल, सोनू राय, राशिद मंसूरी, वृन्दावन आठ्या, आदित्य पटेल, गोविन्द साहू, शिव सेन, रामश्री अहिरवार, अहमद अली, मनोरमा, ममता लोधी सहित भारी संख्या में महिला पुरुष मौजूद थे।



