Today Panchang आज का पंचांग शनिवार, 08 जून 2024
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शनिवार 08 जून 2024
शनि देव जी का तांत्रिक मंत्र – ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।
☄️ दिन (वार) -शनिवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से आयु का नाश होता है । अत: शनिवार को बाल और दाढ़ी दोनों को ही नहीं कटवाना चाहिए।
शनिवार के दिन प्रात: पीपल के पेड़ में दूध मिश्रित मीठे जल का अर्ध्य देने और सांय पीपल के नीचे तेल का दीपक जलाने से कुंडली की समस्त ग्रह बाधाओं का निवारण होता है ।
शनिवार के दिन पीपल के नीचे हनुमान चालीसा पड़ने और गायत्री मन्त्र की àएक माला का जाप करने से किसी भी तरह का भय नहीं रहता है, समस्त बिग़डे कार्य भी बनने लगते है ।
शिवपुराण के अनुसार शनि देव पिप्लाद ऋषि का स्मरण करने वाले, उनके भक्तो को कभी भी पीड़ा नहीं देते है इसलिए जिन के ऊपर शनि की दशा चल रही हो उन्हें अवश्य ही ना केवल शनिवार को वरन नित्य पिप्लाद ऋषि का स्मरण करना चाहिए।
शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि देव की कृपा मिलती है, शनि की पीड़ा निश्चय ही शान्त हो जाती है ।
🌐 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – ग्रीष्म ऋतु
🌤️ मास – ज्यैष्ठ मास
🌘 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – शनिवार ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि 03:55 PM तक उपरांत तृतीया
✏️ तिथि का स्वामी – द्वितीया तिथि के स्वामी भगवान ब्रह्मा जी है । द्वितीया तिथि के स्वामी सृष्टि के रचियता भगवान ‘ब्रह्मा’ जी हैं। इसका विशेष नाम ‘सुमंगला’ है। यह भद्रा संज्ञक तिथि है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र आद्रा 07:42 PM तक उपरांत पुनर्वसु
🪐 नक्षत्र स्वामी – नक्षत्र का स्वामी राहु है।भगवान शिव के रुद्र रूप को आर्द्रा नक्षत्र का अधिपति देवता माना जाता है
⚜️ योग – गण्ड योग 06:27 PM तक, उसके बाद वृद्धि योग
🔥 गुलिक काल : – शनिवार को शुभ गुलिक प्रातः 6 से 7:30 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है ।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से अदरक खाकर, घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सुबह – 9:00 से 10:30 तक।राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:14:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:46:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:02 ए एम से 04:42 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:22 ए एम से 05:23 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:53 ए एम से 12:48 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:40 पी एम से 03:35 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:17 पी एम से 07:37 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 07:18 पी एम से 08:18 पी एम
💧 अमृत काल : 09:42 ए एम से 11:18 ए एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:00 ए एम, जून 09 से 12:40 ए एम, जून 09
🚓 यात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:।
💁🏻 आज का उपाय-शनि मंदिर में साबुत उड़द चढ़ाएं।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय-शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – रंभा व्रत, मुस्लिम जिलहिज्ज मासारंभ, राष्ट्रीय सर्वोत्तम मित्र दिवस, विश्व महासागर दिवस, विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस, भारतीय एथलीट एम. पी. जबीर जन्म दिवस, राष्ट्रीय ड्रैगनफ्लाई दिवस, यूएसएस लिबर्टी स्मरण दिवस, विश्व मस्तिष्क ट्यूमर दिवस, विश्व जिन दिवस, राष्ट्रीय नाम आपका जहर दिवस, अभिनेत्री डिंपल कपाड़िया जन्म दिवस, अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी जन्मोत्सव
✍🏼 विशेष – द्वितीया तिथि को कटेरी फल का तथा तृतीया तिथि को नमक का दान और भक्षण दोनों ही त्याज्य बताया गया है। द्वितीया तिथि सुमंगला और कार्य सिद्धिकारी तिथि मानी जाती है। इस द्वितीया तिथि के स्वामी भगवान ब्रह्माजी को बताया गया है। यह द्वितीया तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह द्वितीया तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायिनी होती है।
🏘️ Vastu tips 🏡
घर के किसी भी नल से न टपकने दें पानी अक्सर लोगों के घरों में पानी का कोई न कोई नल टपकता रहता है। वास्तु में इसे शुभ संकेत नहीं माना जाता, ऐसे होने पर आपके घर में पैसों की तंगी हो सकती है। इसलिए अगर घर का कोई नल टपक रहा है तो आपको तुरंत उसे ठीक करवा देना चाहिए। इससे वास्तु से जुड़ी कई परेशानियां दूर हो सकती हैं।
इस दिशा को रखें खुला घर की उत्तर दिशा और उत्तर-पूर्व दिशा को हमेशा खुला रखना चाहिए। इस दिशा में धूप और हवा आनी चाहिए। घर की इस दिशा में अगर कोई खिड़की है तो उसे सुबह के समय जरूर खुला रखें। वहीं इस दिशा को जितना साफ-सुथरा आप रखेंगे उतना ही जीवन में प्रगति के मार्ग खुलेंगे। वहीं अगर आपके घर की दक्षिण दिशा में खिड़की है तो उसके बाहर नीम का पौधा आप लगा सकते हैं, इससे भी घर का वास्तु सुधरता है।
🔰 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
पितृ दोष के लक्षण घर में कलह का होना
घर के सभी पुरुषो कि कम समय में मृत्यु होना
बड़ी मुशकिल से पैसा आना धन कमाने में नाको चने चबाना पड़ जाता है पितृ दोष वाले लोगो को
घर के लोग जब सब एक साथ होंगे तो कुछ तर्क कुतर्क करते रहेंगे लेकिन जैसे ही दूर जायेंगे तो सब ठीक हो जायेगा
सब कुछ ठीक होने के बावजूद भी चीज़े गड़बड़ होंगी (ऐसा लगेगा ये सिर्फ मेरे साथ ही क्यूँ हो रहा है)
नौकरी व्यापर मेन तरक्की रुक जाती है छात्र होंगे तो पढाई पूरी नहीं कर पाएंगे, बनते हुए काम बिगड़ जायेंगे किसी प्रकार से आदमी मेहनत कर भी ले तो बिना रुके या अटके काम पूरा हो ही नहीं पता है ऐसी ऐसी बढ़ाये आयेंगी कि
आदमी सोच भी नहीं सकता
परिवार में जो पुरुष रहा हो वो बहुत कम उम्र में कर गया हो या बहुत संघर्ष करा हो
घर के सब सदस्य आपस में झगड़ते रहेंगे तर्क बहुत करेंगे और मजबूत
पितृ दोष वंश का बढ़ना रोक देगा
कितना भी मेहनत कर लोग पितृ दोष घर में धन रुकने ही नहीं देगा घर में
सूनापन महसूस होगा ,
बीमारी लगी रहेगी घर के लोगो को पेड़ पौधे जानवर मर जायेंगे , घर की
दीवारों पे पेड़ उगने लगेंगे
वही लोग जो आपस में खूब झगड़ेंगे यदि वो दूर चले जायेंगे तो मेल जोल हो
🍷 आरोग्य संजीवनी 🥂
गले की खराश के लिए शहद शहद को गले की खराश की समस्या को कम करने में प्रभावी माना गया है। इसमें एंटीमाइक्रोबल गुण होते हैं, जो बैक्टीरिया को मारने और सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं। साथ ही, इसकी गाढ़ापन और चिपचिपापन गले को आराम देने में मदद कर सकती है।
खांसी के लिए शहद शहद का उपयोग पारंपरिक रूप से प्राकृतिक खांसी को कम करने के के लिए किया जाता रहा है। कुछ अध्ययनों की मानें तो यह बच्चों में खांसी को कम करने में प्रभावी हो सकता है, खासकर जब सोते समय उपचार के रूप में इसका उपयोग किया जाता है। हालांकि, बोटुलिज़्म के खतरे के कारण 1 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को इसे देने से परहेज करें।
मतली के लिए अदरक अदरक का उपयोग लंबे समय से मतली के लिए एक प्राकृतिक उपचार के रूप में किया जाता रहा है। यह ब्रेन में उन संकेतों को रोकने का काम करता है, जो मतली आने पर हमारे दिमाग में आते हैं और इसे मोशन सिकनेस और मॉर्निंग सिकनेस के कारण होने वाली उल्टी को कम करने में प्रभावी माना गया है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
क्या नहीं देवता सच में होते हैं या नहीं? देवता सच में होते हैं। मैंने उन्हें कैसे देखा?
जब मैं आंखें बंद करके आज्ञा चक्रके सामने एक बिंदु पर देखने काअभ्यास किया तू हमारा तीसरा नेत्र खुल गया और कुंडलिनी जागृतहोने लगी। कुंडलिनीके चक्रों में हमें कई देवी देवता दिखाई दिए।
ध्यान में एक कमरे के बरामदे में मुझे एक 15या 20 फीट का देवता सिर पर मुकुट धारण किए हुए अपने कंधे पर गदा रखे हुए जाता हुआ दिखाई दिया।
कई देवता एक लाइन में खड़े हुए थे उनके सामने से मैं गुजरता जा रहा था। सभी हमारे ऊपर आशीर्वाद की मुद्रा में हाथ उठाए हुए थे।
अपनेहाथ में कुल्हाड़ी लिए एक ही रंग रूपके परशुराम जैसे एक साथ पांच व्यक्ति हमें दिखाई दिए।
मूलाधार चक्र की समाप्त होने पर चक्र की चार पत्तियों की लाल रंग की फोटो के साथ हमें दो देवियों की फोटो भी दिखाई दी।
स्वादिष्ठानचक्र मे चक्र की फोटोके साथ तीन देवियों की फोटो दिखाई दी।
आगे के चक्रों में चक्र की फोटो के साथ देवी देवताओं की लिस्ट भी लंबी होती गई।
आज्ञा चक्र में काले सर्प के फन के ऊपर एक अर्धनग्न लड़की दिखाई दी।
इसके अलावा और भी अनेकोंदृश्य हैं जो दिखाई दिए। इसलिए यह प्रामाणिक रूप सेकहा जा सकता है कि देवी देवताओं का अस्तित्व है लेकिन वह कुंडलिनी जागृत होने पर ही दिखाई देते हैं।
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⚜️ प्रजापति व्रत दूज को ही किया जाता है तथा किसी भी नये कार्य की शुरुआत से पहले एवं ज्ञान प्राप्ति हेतु ब्रह्माजी का पूजन अवश्य करना चाहिये। वैसे तो मुहूर्त चिंतामणि आदि ग्रन्थों के अनुसार द्वितीया तिथि अत्यन्त शुभ फलदायिनी तिथि मानी जाती है। परन्तु श्रावण और भाद्रपद मास में इस द्वितीया तिथि का प्रभाव शून्य हो जाता है। इसलिये श्रावण और भाद्रपद मास कि द्वितीया तिथि को कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिये।

