प्रिंट रेट से अधिक मूल्य में बिक रही है शराब, प्रशासन मौन
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान l लंबे समय से मीडिया के माध्यम से आबकारी विभाग एवं पुलिस विभाग को अवगत कराया जाता है लेकिन आबकारी विभाग व पुलिस विभाग द्वारा कोई कार्यवाही न करना पुलिस विभाग संदेह के घेरे में l ढीमरखेड़ा, सिलौड़ी एवं खमतरा में अंग्रेजी और देशी शराब की दुकानों में शराब और बियर के निर्धारित मूल्य से अधिक के दाम वसूले जा रहे हैं। इससे शराब के शौकीनों की जेब पर अतिरिक्त बोझ तो पड़ ही रहा है साथ ही सरकार को भी राजस्व क्षति पहुंच रही है। पूरी जानकारी के बावजूद ढीमरखेड़ा थाना प्रभारी एवं सिलौड़ी चौकी प्रभारी खामोश बैठे है।शराब की बोतलों और बियर के निर्धारित मूल्य से अधिक दाम वसूलने का खेल ढीमरखेड़ा, सिलौड़ी एवं खमतरा में पिछले लंबे समय से चल रहा है। सिलौड़ी में स्थिति सर्वाधिक खराब है। यहां पर 300 रुपये मूल्य की शराब के 350 रुपये और 80 रुपए मूल्य की बियर के 110 रुपये वसूले जा रहे हैं। अलग अलग ब्राड की शराब में प्रिंट मूल्य से अधिक के दाम लिए जाते हैं। अधिक दामों को लेकर आए दिन ग्राहकों की झड़प होती रहती है, लेकिन शराब के शौकीनों को मजबूरी में अधिक दाम देने पड़ते हैं। शराब की कई दुकानों में रेट लिस्ट तक नहीं लगाई गई है। इतना ही नहीं सरकार द्वारा शराब की दुकानों के खुलने और बंद होने का समय निर्धारित किया गया है। परंतु यहां पर यह नियम कोई मायने नहीं रखते हैं। इन दुकानों में कभी भी शराब मिल जाती है। शराब की दुकानों के बाहर रेट लिस्ट लगाना आवश्यक है। ढीमरखेड़ा थाना प्रभारी एवं सिलौड़ी चौकी प्रभारी की मिलीभगत से सुरा प्रेमियों को इन दिनों शराब की दुकानों पर एमआरपी से अधिक दाम चुकाकर शराब खरीदना पड़ रही है। अधिक कीमत वसूलने को लेकर शराब की दुकानों पर सुरा प्रेमियों और शराब दुकानदारो से झगड़े फसाद भी होने लगे हैं।ढीमरखेड़ा थाना प्रभारी एवं सिलौड़ी चौकी प्रभारी की मिलीभगत के कारण शराब ठेकेदार दुकानों पर शराब प्रिंट रेट से अधिक दामों पर बेच रहे हैं। इतना ही नहीं शराब की कई दुकानों पर तो रेट सूची तक नहीं लगी है जबकि नियमानुसार शराब की दुकानों पर रेट सूची चस्पा करना जरूरी है।



