फर्जी बिजली बिल को किया चैलेंज, चार लाख बिल जांच के बाद घटकर हुआ 58 हजार

ब्यूरो चीफ: भगवत सिंह लोधी
तेंदूखेड़ा। जनपद पंचायत तेंदूखेड़ा के ग्राम मोहरा निवासी आनंद ठाकुर ने बिजली विभाग द्वारा जारी किए गए चार लाख रुपये से अधिक के बिजली बिल को फर्जी बताते हुए चुनौती दी। उनकी पत्नी के नाम से संचालित राइस मिल को जारी इस भारी-भरकम बिल के खिलाफ उन्होंने लगातार विभागीय अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन समाधान नहीं होने पर मामला बिजली उपभोक्ता फोरम जबलपुर तक पहुंचा।आनंद ठाकुर का कहना है कि उनकी राइस मिल साल में केवल चार महीने संचालित होती है, इसके बावजूद विभाग द्वारा लगातार अधिक बिजली बिल जारी किए जाते रहे। इससे उन्हें आर्थिक और मानसिक रूप से परेशानियों का सामना करना पड़ा।बिजली उपभोक्ता फोरम में मामले की सुनवाई और जांच के बाद चार लाख रुपये से अधिक के बिल को निरस्त कर दिया गया। जांच में बिल में गंभीर त्रुटियां पाए जाने पर फोरम ने संशोधित बिल 58 हजार रुपये निर्धारित किया। साथ ही 2 जून को जारी आदेश में निर्देश दिए गए कि पहले राइस मिल का बिजली कनेक्शन बहाल किया जाए और उसके बाद संशोधित बिल की राशि जमा कराई जाए।आरोप है कि फोरम के स्पष्ट आदेश के बावजूद हर्रई विद्युत वितरण केंद्र द्वारा अब तक बिजली आपूर्ति शुरू नहीं की गई है। कनेक्शन बहाल नहीं होने से राइस मिल का संचालन ठप पड़ा है, जिससे आर्थिक नुकसान होने की आशंका बनी हुई है।उपभोक्ता ने विभाग पर उपभोक्ता फोरम के आदेश की अवहेलना करने का आरोप लगाते हुए जल्द से जल्द बिजली कनेक्शन जोड़ने की मांग की है। वहीं इस मामले ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और उपभोक्ता शिकायतों के निराकरण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



