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ज्येष्ठ मास का महत्त्व एवं पर्व त्यौंहार

Astologar Gopi Ram : आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501

👉🏼 ज्येष्ठ मास का महत्त्व एवं पर्व त्यौंहार

आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार ज्येष्ठ मास हिन्दू वर्ष का तीसरा माह है. हिन्दी माह में हर माह की एक विशेषता रही है. सभी की कोई न कोई खासियत होती ही है. जीवन में आने वाले उतार-चढा़वों में ये सभी माह कोई न कोई महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह करते ही हैं. मौसम में होने वाले जबरदस्त बदलाव को भी इन सभी 12 माह के दौरान देखा जा सकता है। इस वर्ष ज्येष्ठ मे अधिक मास आने के कारण यह मास बढ़कर 2 माह (59) दिन का हो गया है।ज्येष्ठ माह को सबसे गर्म माह की श्रेणी में रखा जाता है. इसे सामान्य बोल-चाल की भाषा में जेठ का महीना भी कहा जाता है, क्योंकि ये सबसे गर्म महीना होता है. इसी माह में सबसे अधिक ऎसी वस्तुओं के दान की बात कही जाती है जो ठंडक और छाया देने वाली होती हैं जैसे कि – छाता, पंखा, पानी इत्यादि वस्तुओं का दान देने की जरुरत होती ही है।ज्येष्ठ माह में विशेष रुप से गंगा नदी में स्नान और पूजन करने का विधि-विधान है. इस माह में आने वाले पर्वों में गंगा दशहरा और इस माह में आने वाली ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी और निर्जला एकादशी प्रमुख पर्व है. गंगा नदी का एक अन्य नाम ज्येष्ठा भी है. गंगा को गुणों के आधार पर सभी नदियों में सबसे उच्च स्थान दिया गया है।ज्येष्ठ मास के विशेष दिवसो की सूची02 मई 👉 प्रथम (शुद्ध) ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष आरम्भ।03 मई👉 श्री नारद जन्मोत्सव (वीणादान)।04 मई 👉 माँ आनन्दमयी जयन्ती,।05 मई 👉 अँगारकी संकष्ट चतुर्थी, बुढ़वा मंगल।07 मई 👉 रविन्द्रनाथ टैगोर जयन्ती।09 मई 👉 कालाष्टमी।10 मई 👉 पंचक प्रारम्भ 12:12 से, संत दादू दयाल पुण्य दिवस।12 मई 👉 बुढ़वा मंगल।13 मई 👉 अपरा एकादशी व्रत (सबका)।14 मई 👉 पंचक समाप्त 22:33 पर, प्रदोष व्रत, वट सावित्री व्रत आरम्भ, मधूसूदन द्वादशी।15 मई 👉 मासिक शिवरात्रि, ज्येष्ठ संक्रान्ति सूर्य वृष में 06:20 से (पुण्यकाल प्रातः 06:20 से दोपहर 12:35 तक), सावित्री चतुर्दशी (बंगाल), चतुर्दशी तिथिक्षय,।16 मई 👉 श्री शनैश्चर जयन्ती, देव-पितृ कार्य हेतु ज्येष्ठ भावुका अमावस्या, वट सावित्री वर्त पूर्ण, संत ज्ञानेश्वर महाराज जयन्ती।17 मई 👉 पुरूषोत्तम अधिक मास आरम्भ, श्री गंगा दशाश्वमेद्य काशी स्नान आरम्भ।18 मई 👉 चन्द्रदर्शन।19 मई 👉 विनायक अंगारकी चतुर्थी, बुढ़वा मंगल।21 मई 👉 गुरू पुष्य योग सूर्योदय से 26:49 तक।22 मई 👉 राष्ट्रीय ज्येष्ठ मास आरम्भ, राजा राम मोहन राय जयन्ती।23 मई 👉 दूर्गाष्टमी, सप्तमी तिथि क्षय।25 मई 👉 श्री गंगा दशहरा, रोहिणी तपन काल (नौतपा) आरम्भ।26 मई 👉 बुढ़वा मंगल।27 मई 👉 पुरूषोत्तमा (कमला) एकादशी व्रत (सबका)।28 मई 👉 प्रदोष व्रत।30 मई 👉 श्री सत्यनारायण (पूर्णिमा) व्रत।31 मई 👉 स्नान – दान हेतु ज्येष्ठ पुरूषोत्तम मास पूर्णिमा।01 जून 👉 द्वितीय (अधिक) ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष आरम्भ।02 जून 👉 बुढ़वा मंगल।03 जून 👉 ज्येष्ठ अधिक मास संकष्ट चतुर्थी व्रत।05 जून 👉 विश्व पर्यावरण दिवस।06 जून 👉 पंचक आरम्भ 19:03 से।07 जून 👉 भानु सप्तमी।08 जून 👉 कालाष्टमी।09 जून 👉 बुढ़वा मंगल।11 जून 👉 पुरूषोत्तमा (कमला) एकादशी व्रत (सबका), पंचक समाप्त 08:16 पर।12 जून 👉 प्रदोष व्रत।13 जून 👉 मासिक शिवरात्रि।14 जून 👉 पितृ कार्य हेतु ज्येष्ठ अधिक अमावस्या।15 जून 👉 देव कार्य हेतु सोमवती अमावस्या, पुरूषोत्तम (अधिक) मास पूर्ण, संक्रान्ति सूर्य मिथुन में 12:53 से (पुण्यकाल दोपहर 12:51 से सूर्यास्त तक)।16 जून 👉 द्वितीय शुद्ध ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष आरम्भ, प्रतिपदा तिथिक्षय, चन्द दर्शन, बुढ़वा मंगल।17 जून 👉 रम्भा तृतीया व्रत, महाराणा प्रताप जयन्ती।18 जून 👉 गुरू पुष्य योग सूर्योदय से 11:32 तक विनायक चतुर्थी, रानी झाँसी पुण्यतिथि, गुरू अर्जुन देवशहीदि दिवस।19 जून 👉 श्रुति पंचमी (जैन)।20 जून 👉 विन्ध्यवासिनी पूजा, साई टेऊराम पुण्यतिथि, स्कन्द-अरण्य आरोग्य षष्ठी।21 जून 👉 भानुसप्तमी, विश्व योग दिवस, सूर्य दक्षिणायने वर्षा ऋतु आरम्भ।22 जून 👉 दुर्गाष्टमी, धूमावती जयन्ती, राष्ट्रीय आषाढ मास आरम्भ, मेलाक्षीर भवानी (कश्मीर)23 जून 👉 श्री महेश नवमी (माहेश्वर वंशीय), बुढ़वा मंगल।24 जून 👉 श्री बटुक भैरव जयन्ती, श्री गंगा स्नान, श्री राम शर्मा आचार्य जन्म।25 जून 👉 भीम-निर्जला एकादशी व्रत (सबका), वेद माता गायत्री जन्मोत्सव, रूकमिणि विवाह।26 जून 👉 चम्पक द्वादशी (बंगाल)।27 जून 👉 शनि प्रदोष व्रत, वट सावित्रि व्रत आरम्भ।29 जून 👉 श्री सत्यनारायण (पूर्णिमा) व्रत, स्नान दान हेतु शुद्ध ज्येष्ठ पूर्णिमा,संत कबीर जयन्ती, वट सावित्रि व्रत पूर्ण, अमरनाथ यात्रा आरम्भ, श्रुति पूर्णिमा (जैन)।

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