बच्चों के बीच नशीली दवाओं और मादक द्रव्यों के सेवन और अवैध तस्करी की रोकथाम के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी
जिला मजिस्ट्रेट मयंक अग्रवाल ने दमोह जिले की राजस्व सीमा अंतर्गत दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश किया जारी
आदेश का उल्लंघन होने पर धारा 188 के अंतर्गत होगी कार्रवाई
ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
दमोह । राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) तथा संबंधित मंत्रालय के साथ बच्चों के बीच नशीली दवाओं और मादक द्रव्यों के सेवन और अवैध तस्करी की रोकथाम हेतु एक संयुक्त एक्शन प्लान “एक युद्ध नशे के विरुद्ध“ तैयार कर जारी किया गया हैं। वेबिनार एवं जॉईंट एक्शन प्लान “एक युद्ध नशे के विरुद्ध“ में दिये गये निर्देशानुसार बच्चों के बीच नशीली दवाओं और मादक द्रव्यों के सेवन और अवैध तस्करी की रोकथाम के उद्देश्य से जिला मजिस्ट्रेट मयंक अग्रवाल ने दमोह जिले की राजस्व सीमा अंतर्गत दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। यदि कोई व्यक्ति उपर्युक्त आदेश का उल्लंघन करेगा तो उसके विरुद्ध भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के अंतर्गत कार्यवाही की जायेगी।
जारी आदेश में कहा गया है जिले में ऐसे स्थान जहां पर बच्चों को बीड़ी, सिगरेट एवं अन्य मादक पदार्थों की बिक्री हो रही हो, उनका विशेष किशोर पुलिस ईकाई एवं बाल कल्याण पुलिस अधिकारी के माध्यम से चिन्हांकन कर ऐसी दुकानों या व्यक्ति को दोषी पाये जाने पर उनके विरुद्ध पुलिस विभाग द्वारा किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 की धारा 77 एवं नियम 2016 की धारा 56 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाये।
जिले में संचालित समस्त स्कूलों के 100 मीटर के दायरे में लगने वाली शराब की दुकानों या अन्य दुकानों पर किसी भी प्रकार के मादक पदार्थ या तंबाकू उत्पाद की बिक्री की जाती है, उसकी सूचना संबंधित स्कूल के प्राचार्य द्वारा संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी को दिया जाना सुनिश्चित किया जाये। प्राचार्य द्वारा स्कूल में लगे सी.सी.टी.वी. कैमरों से निगरानी कर स्कूल के आसपास लगने वाली शराब की दुकानों या अन्य मादक पदार्थों का विक्रय करने वाली दुकानों की सूची संबंधित थाना प्रभारी को देकर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही कराई जाये।
इसी प्रकार शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों का चिन्हांकन किया जाकर उनको प्रशिक्षण दिलवाया जाये। ऐसे प्रशिक्षित शिक्षकों द्वारा मादक पदार्थों का सेवन करने वाले बच्चों को मानसिक रूप से दृढ़ करने हेतु काउन्सलिंग की जाये। चिल्ड्रन क्लब के अंतर्गत विभिन्न क्लबों जैसे ईको क्लब, सांस्कृतिक क्लब, रेड रिबन क्लब, भारत स्काउट्स एण्ड गाइड, एन.सी.सी. एन.एस.एस. के माध्यम से जागरूकता पैदा करने हेतु जिला शिक्षा अधिकारी जिले के समस्त विद्यालयों (कक्षा 6 से 12 तक) में एक समिति बनाने हेतु पृथक से निर्देश जारी किये जायें, जिसमें 02-03 अध्यापक शामिल हों यह समिति उनके विद्यालय के विद्यार्थियों को नशीली दवाओं, मादक द्रव्यों के सेवन से बचाव हेतु जानकारी प्रदान करेगी।
जारी आदेश में नाबालिग बच्चों को शराब का विक्रय प्रतिबंधित किया गया है, इस संबंध में समस्त शराब की दुकानों पर बोर्ड लगवाने हेतु जिला आबकारी अधिकारी आवश्यक कार्यवाही करेंगे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में संचालित समस्त विद्यालयों में बच्चों का आर.बी.एस.के. टीम के द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण करवाया जाकर ऐसे बच्चों की सूची तैयार करवायी जाये, जो किसी भी तरह के नशीले पदार्थ का सेवन करते है। साथ ही ऐसे स्कूल जहां पर की ऐसे बच्चे पाये गये है, उनकी सूची महिला एवं बाल विकास विभाग को उपलब्ध कराई जाना सुनिश्चित किया जाये।
जिला औषधि नियंत्रक द्वारा ऐसे मेडिकल स्टोर/फार्मेसी जहाँ पर शेडयूल एक्स या एच दवाओं की बिक्री की जाती है, यहाँ ऐसे समस्त मेडिकल स्टोर/फार्मेसी दुकानों पर 06 माह के भीतर सी.सी.टी.वी. कैमरा लगवाने संबंधी आदेश जारी करना सुनिश्चित करेंगे तथा एक माह में जिन-जिन जगहों पर सी.सी.टी.वी. कैमरा लगवाया जा चुका है, उसकी सूची तैयार कर प्रतिवेदन महिला एवं बाल विकास विभाग को उपलब्ध करायी जाना सुनिश्चित किया जाये। जिला औषधि नियंत्रक द्वारा ऐसे मेडिकल स्टोर्स जहां पर शेडयूल एच और एक्स दवाईयों की बिक्री होती है तथा उनके द्वारा निर्धारित समय-सीमा में सी.सी.टी.वी. कैमरा नहीं लगाया जाता है, तो उनके विरुद्ध ड्रग्स एण्ड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 नियम 1945 के उल्लंघन के तहत् वैधानिक कार्यवाही की जाकर प्रतिवेदन महिला एवं बाल विकास विभाग को उपलब्ध कराये।
उन्होंने कहा यह आदेश जन साधारण की सुविधा हेतु तत्काल प्रभावशील किया जाना आवश्यक हो गया है। इसलिए इतना समय उपलब्ध नहीं है, कि जन सामान्य व सभी पक्षों को उक्त सूचना की तामिली की जा सके। अतः यह आदेश दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 144 (2) के अंतर्गत एक पक्षीय पारित किया जाता है। जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग दमोह इस आदेश की तामिली दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 134(2) में उल्लेखित रीति अनुसार उद्घोषणा प्रकाशित कर तथा ऐसे सार्वजनिक स्थलों पर चस्पा कर प्रकाशित करावेंगें, जो आम जनता को इत्तिला पहुचाने के लिये सर्वाधिक उपर्युक्त है।



