बरेली पुलिस का जय घोष ! सत्यमेव जयते !!
दिव्य चिंतन : हरीश मिश्र वरिष्ठ पत्रकार
बरेली में प्रधान आरक्षक के घर पर 5 लाख 90 हजार का जुंआ, 200 ताश की गड्डी, 4 किलो गांजा और 24 जुआरी पकड़े । थाना प्रभारी आशीष सप्रे ने पदभार ग्रहण करते ही थाना परिसर में चल रहे अनैतिक कार्य करने वालों को धर दबोचा।
बरेली थाना परिसर में प्रधान आरक्षक अमोल बोरकर के घर में लाखों का जुंआ संचालित हो रहा था। निश्चित रूप से अनैतिक तरीके से अनमोल राशि कमाने की भूख, महत्वाकांक्षा , और परिवार की मौन सहमति के चलते ही प्रधान आरक्षक ने ऐसा कृत्य किया होगा। बरेली पुलिस ने पुलिस अधीक्षक विकास शहवाल के नेतृत्व में जिस प्रकार कार्रवाई की है, वह कठोर होते हुए भी अनिवार्य थी और ऐसी कार्यवाही करने वाली टीम का अभिनंदन होना ही चाहिए।
अभिनंदन इसलिए क्योंकि आज के समय में दाग़ी को दाग़ी नहीं कह सकते। अपने दाग़ों को छुपाने का सब गुनाह करते हैं, किसी को दाग़ी शब्द सुनना पसंद नहीं, भड़क जाते हैं । तब रायसेन जिला पुलिस ने अपने पुलिस कप्तान के नेतृत्व में अपने ही त्वचा के चर्म रोग दाद, खाज, खुजली का उपचार जालिम लोशन एंटीसेप्टिक क्रीम से कर साहासिक कार्य किया है ।
रायसेन जिला पुलिस ने अपनी त्वचा के चर्म रोग दाद, खाज, खुजली का उपचार करने के लिए पहले अनुसंधान किया और अपने विभाग के दागियों का एलोपैथिक पद्धति से उपचार कर सर्फ एक्सेल से धोकर अपनी वर्दी को वेदाग साबित किया है। उसके लिए रायसेन जिला पुलिस का अभिनंदन है।
रायसेन जिला पुलिस ने देश के आदर्श वाक्य
‘सत्यमेव जयते’ को सिद्ध किया है।
इसका अर्थ है अंततः सत्य ही जीतता है। यही वह मार्ग है जिसको सिद्ध कर ऋषी गण जीवन के चरम लक्ष्य को प्राप्त करते हैं। रायसेन जिला पुलिस ने इस कार्रवाई के माध्यम से समाज में छुप कर बैठे अपराधियों को संदेश दिया है कि जब हम अपनी त्वचा के चर्म रोग का उपचार कर सकते हैं। तब अपराधिक प्रवृत्ति के लोगों की त्वचा पर नमक का प्रयोग कर अपराध मुक्त समाज का निर्माण किया जाएगा। अब अपराधी कानून के हाथों से नहीं बच सकते। पुलिस भेदभाव रहित कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए कार्य कर रही है। इस कार्रवाई के माध्यम से पुलिस ने अपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को स्पष्ट संदेश दिया है।





