मध्य प्रदेशराजनीति

भाजपा से 10 तो कांग्रेस से सिर्फ एक नाम, कौन होगा उम्मीदवार, फैसला भविष्य के गर्त में

उदयपुरा विधानसभा के लिए भाजपा टिकट किसे देती है ? चर्चाओं का बाजार गरम।
रिपोर्टर : मधुर राय
बरेली । प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2023 को लेकर चुनावी हलचल का का दौर जारी है ऐसे में उदयपुरा विधानसभा सीट भी अछूती नहीं है टिकट को लेकर नगर में चर्चाओं का बाजार गर्म है। क्योंकि उदयपुरा विधानसभा सीट भी काफ़ी संवेदनसील मानी जाती हमेशा ही देखने में आया हे की यहां के मतदाता कब किस ओर करवट ले लें और कब किस पार्टी के कैंडिटेट को जीत का ताज पहना दें यह तय नहीं। जबकि पूर्व से ही उदयपुरा विधानसभा किरार बाहुल्य क्षेत्र है। और भारतीय जनता पार्टी भी अपने कैंडिडेट को किरार समाज से ही चुनती हैं। जिससे बाकी अन्य समाज के कद्दावर नेता जिन्होंने वर्षो से पार्टी के लिए तन मन धन लगा दिया और अंत में वरिष्ठ नेतृत्व के द्वारा सिर्फ मायूसी ही मिलती है। ऐसी स्थिति में अन्य समाज के विधायक पद के दावेदारों में रोष व्याप्त रहता है।
ज्ञात रहेगी पूर्व में भी भाजपा को ऐसी ही बनने वाली स्थितियों के कारण नुकसान उठाना पड़ा है। हालांकि वर्तमान में किरार समाज सहित ब्राह्मण पुरबिया समाज के द्वारा हुई टिकट की मांग की जा रही है । लेकिन इस बार किरार समाज के दावेदारों की संख्या अधिक होने के कारण यदि पार्टी किसी अन्य समाज को विधायक पद का दावेदार घोषित करती है तो उदयपुरा विधानसभा में भाजपा की जीत को लेकर कयाश लगाए जा सकते हैं । किंतु वहीं दूसरी ओर यदि किरार समाज किसी कैंडिडेट को टिकट मिलती है तो समाज के ही अन्य दावेदारों के द्वारा भीतरघात किए जाने से इंकार नहीं किया जा सकता। जिससे पार्टी को नुकसान उठाना पड़ सकता है । हालांकि वर्तमान में उदयपुरा विधानसभा सीट पर कांग्रेस का कब्जा है। कांग्रेस विधायक देवेंद्र पटेल के द्वारा वर्ष 2018 में बीजेपी के पूर्व विधायक रामकिशन पटेल को हराया था । जबकि माना जा रहा है कि दोबारा से कांग्रेस पार्टी विधायक देवेंद्र पटेल पर ही दांव खेलेंगी लेकिन बीजेपी से टिकट को लेकर कयासों का दौर जारी है। साथ ही उदयपुरा विधानसभा से टिकट की मांग करने वाले दावेदारों की लंबी कतार देखी जा रही है हालांकि नगर में चर्चाओं का विषय यही बना हुआ है कि बीजेपी से केवल दो ही दावेदार कैंडिडेट नरेंद्र शिवाजी पटेल और रामकिशन पटेल को ही टिकट मिल सकती हैं । और दोनों ही किरार समाज से भी हैं जिससे पार्टी इन दोनों पर दांव खेल सकती है लेकिन चर्चा यह भी है कि पूर्व विधायक रामकिशन पटेल पिछले 2018 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के देवेंद्र पटेल से बुरी तरह से हार गए थे। और हारे हुए कैंडिडेट पर पार्टी शायद ही भरोसा कर पाए ऐसी स्थिति में कयास लगाए जा रहा है कि कहीं ना कहीं टिकट को लेकर इनका भी पत्ता कटता नजर आ रहा है वहीं गुरुवार को देखा गया कि नगर में चर्चाओं के साथ सोशल मीडिया पर एक ही चर्चा का विषय बना हुआ है था कि नगर के नरेंद्र शिवाजी पटेल का टिकट फाइनल हो गया है क्योंकि कुछ न्यूज़ चैनल और समाचार पत्रों में फाइनल सूची में इनका नाम भी प्रकाशित किया गया था।
हालांकि अभी तक पार्टी के द्वारा प्रमाणित सूची का प्रकाशन नहीं किया गया है जिससे कि यह माना जाए कि नरेंद्र शिवाजी पटेल का टिकट फाइनल हो गया है।

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