मध्य प्रदेश

भारतवर्ष में बाबा जयगुरुदेव संगते, इस कड़ाके की ठंड में गरीब निस्सहाय को नि:शुल्क बांट रहे हैं कंबल

रिपोर्टर : डालचंद लोधी
देवरी । बाबा जयगुरुदेव आश्रम देवरी के शिष्य भी क्षेत्र में नि:शुल्क कंबल बांटने का कार्य कर रहे हैं।
.बाबा जयगुरुदेव जी के उत्तराधिकारी संत भक्तों के पूरे सद्गुरु बाबा उमाकांत जी महाराज आश्रम उज्जैन मध्य प्रदेश के आदेश से भारतवर्ष मैं जहां भी बाबा जयगुरुदेव के शिष्यों की संगत हैं। वहां इस कपा देने वाली सर्दी में बिल्कुल गरीब, निस्सहाय व्यक्तियों को चिन्हित कर निशुल्क कंबल बांटे जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि यह सेवा का कार्य प्रतिवर्ष बाबा उमाकांत जी महाराज के आदेश से सर्दियों में किया जाता है। उसी संदर्भ में जिला रायसेन मैं बाबा जयगुरुदेव आश्रम देवरी पेट्रोल पंप के सामने एवं देवरी संगत के शिष्यों ने बड़ी संख्या में कम्बलो का वितरण कर रहे हैं। देवरी, नयाखेड़ा, केकड़ा यह आश्रम से जुड़ी बाबा जयगुरुदेव जी की बड़ी संगत हैं। इनके प्रेमी क्षेत्र में अति गरीब को चिन्हित कर कंबल बांटने का कार्य कर रहे हैं। वहीं पर बेगमगंज भी रायसेन जिले मैं बाबा जयगुरुदेव जी की सबसे मजबूत संगत मानी जाती है। वहां के प्रेमी ही लगातार इनकम कम्बलों का नि:शुल्क वितरण कर रहे हैं। जैसा कि उल्लेखित है, यह कमल मुख्य आश्रम पिंगलेश्वर रोड उज्जैन के द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं। जिनमें विशेष गुणवत्ता का ध्यान रखा गया है। “रायसेन संवाद” समाचार ने इन कम्वलो की गुणवत्ता को देखा, तो पाया कि जो सक्षम लोग अपने घर में बेहतर गुणवत्ता के कंबल प्रयोग करते हैं। उसी गुणवत्ता के कम्बलों को गरीब लोगों के लिए वितरित किए जा रहे हैं।
बाबा जयगुरुदेव आश्रम देवरी के मुख्य व्यवस्थापक श्री रमेश नोरिया ने बताया कि इस सेवा के लिए शिष्यों की ड्यूटी क्षेत्र में लगाई गई है। असहाय एवं अति गरीब लोगों को पहले चिन्हित किया गया है। वास्तव में जिन्हें अति आवश्यकता है, उन्हें ही यह वितरण किया जा रहा है। ऐसा ही आदेश हमें गुरु महाराज से प्राप्त हुआ है। जबकि उन्होंने बताया लगातार कई वर्षों से आश्रम से नि:शुल्क भोजन के पैकेट का वितरण भी किया जा रहा है। लगभग 40 पैकेट हर दिन उन गरीबों के यहां पहुंचा जा रहे हैं। जिनके यहां दोनो टाइम खाने की व्यवस्था नहीं है। हर दिन इस बाब बाबा जयगुरुदेव आश्रम देवरी में भंडारा बनता है। उक्त समय पर पहुंचने वाले किसी भी आमजन को भी गुरु महाराज की प्रसादी अर्थात भोजन कराए जाते हैं। भोजन वितरण में किसी भी प्रकार का भेदभाव या जाति धर्म नहीं देखा जाता। हम गुरु आज्ञा से यह सेवा का कार्य कर रहे हैं। एवं जब तक गुरु जी का आदेश है यह कार्य करते रहेंगे।

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