प्लाट के फौती नामांतरण के लिए सरेआम मांगी ₹2 लाख रुपये की घूसखोरी
हाईकोर्ट जबलपुर से मुकदमा जीतने के बाद भी नगर पालिका के जिम्मेदार नहीं कर रहे नामांतरण, काफी बहस के बाद प्लॉट धारक संजय ताम्रकार की तबीयत बिगड़ी
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। नगर पालिका परिषद रायसेन में मनमानी और व्यवस्था सुधारने का नाम नहीं ले रही है लोगों को छोटे-मोटे काम समय पर ना होने से मानसिक रूप से प्रताड़ित होना पड़ रहा है। प्लाट के फोती नामांतरण के मामले में अब तो जिम्मेदार सरेआम रिश्वत मांगने से बाज नहीं आ रहे है। ऐसा ही एक मामला व्यापारी संजय ताम्रकार का प्लॉट रविशंकर बाल विहार वार्ड नंबर 7 में स्थित है। जिसके फौती नामांतरण का को लेकर हाईकोर्ट जबलपुर में मुकदमा चल रहा था । इसका निर्णय संजय ताम्रकार के पक्ष में हुआ है । इस मामले की अपील नगर पालिका परिषद द्वारा उच्च न्यायालय दिल्ली में की गई थी । जिसमें नगर पालिका परिषद की अपील सुप्रीम कोर्ट दिल्ली में तीन बार खारिज हो चुकी है। सुप्रीम कोर्ट के मजिस्ट्रेट ने हाईकोर्ट जबलपुर के फैसले को उचित ठहराया है । हाईकोर्ट जबलपुर के आदेश होने के बाद प्लॉट मालिक संजय ताम्रकार नगर पालिका परिषद रायसेन में नामांकन के लिए लंबे समय से आवेदन दिया था। जब वह तत्कालीन सीएमओ सुधीर कुमार सिंह से मिले तो सीएमओ सिंह बोले सेवाशुल्क 2 लाख रुपये दो तो फौती नामांतरण की फाइल जल्दी निपट जाएगी। इसमे 1 लाख रुपये नपाध्यक्ष प्रतिनिधि के भी शामिल रहेंगे। वरना यहां फिजूल घूमने आने से कोई मतलब नहीं। रिश्वतखोरी से जुड़े जब इस सारे प्रकरण की शिकायत संजय ताम्रकार और उसका छोटा भाई बर्तन व्यापारी अरविंद ताम्रकार नपाध्यक्ष प्रतिनिधि के चेंम्बर में मुलाकात करने पहुंचे। प्लॉट के फौती नामांतरण की फाइल के पूरे प्रकरण में चर्चा करते समय 2 लाख रुपये की घूसखोरी मांगी जाने की बात को लेकर व्यापारी संजय ताम्रकार और अरविंद कुमार ताम्रकार नपाध्यक्ष प्रतिनिधि के बीच जमकर तीखी बहसबाजी हो गई। जनप्रतिनिधि और नपा परिषद के जिम्मेदार अधिकारी की सरेआम इस रिश्वतखोरी की शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर भी की गई है।जिससे फिलहाल नगर पालिका परिषद में खलबली मची हुई है।
बर्तन व्यापारी की बिगड़ी तबियत…. जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में दाखिल
प्लाट के फौती नामांतरण को लेकर नगर पालिका में काफी बहसबाजी हो जाने के बाद बर्तन कारोबारी संजय ताम्रकार की तबीयत बिगड़ गई । वह खुद को मानसिक रूप से प्रताड़ित होना महसूस किया। और सीने में तेज दर्द होने की वजह से उन्हें परिजनों ने जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में दाखिल कराया है । डॉक्टरों के मुताबिक फिलहाल उनकी हालत में कुछ सुधार है । डॉक्टर एमएल अहिरवार ने बताया कि बर्तन व्यापारी संजय ताम्रकार हार्ट के मरीज हैं ।vवह ज्यादा टेंशन बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं। इधर उनके छोटे भाई अरविंद ताम्रकार ने इस मामले की शिकायत थाना कोतवाली रायसेन में आवेदन देकर की है । सीएम हेल्पलाइन पर भी इस सारे मामले की शिकायत की।vउनका कहना है कि मेरे बड़े भाई संजय ताम्रकार का मानसिक रूप से सदमा लगा और आघात हुए हैं । नगर पालिका के खिलाफ मानहानि का दावा भी कोर्ट में पेश करेंगे । साथ ही नगर पालिका परिषद रायसेन द्वारा हाईकोर्ट जबलपुर का आदेश ना मानने पर उन्होंने कंटेम ऑफ कोर्ट लगा दिया है। नगर पालिका सीएमओ सुधीर सिंह द्वारा प्लाट के नामांतरण के मामले में मौखिक रूप से ₹2 लाख रुपये की मांग की थी। एक हिस्सा नपाध्यक्ष प्रतिनिधि और दूसरा हिस्सा हमारे पास जाएगा । नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि ने साफसाफ तौर से बर्तन व्यापारी संजय ताम्रकार अरविंद ताम्रकार से कहा गया कि चले जाओ यहां से । तुम मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते। जहां मनचाहे वहां हमारी शिकायत कर दो । आपका जहां मन चाहे मेरी लिखित शिकायत कर दो । मेरा कुछ नहीं बिगड़ सकता।
इस संबंध में जमना सेन नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसेन का कहना है कि आरोप मनगढंत बेबुनियाद….
मेरे ऊपर दोनों बर्तन व्यापारी भाईयों द्वारा लगाए गए रिश्वतखोरी के आरोप मनगढंत और सरासर गलत व बेबुनियाद हैं। एक नपा अधिकारी से उन दोनों भाईयों की वार्तालाप हुई थी। इसमेँ मेरा कोई कसूर नहीं है। प्लॉट के फौती नामांतरण का मामला अभी हाइकोर्ट जबलपुर में लंबित है।



