मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री,बीजेपी के जिला संगठन प्रभारी, सिलवानी विधायक के बाद प्रचार भी जनता का रुख नहीं बदला
दिग्गजों ने झोंकी पूरी ताकत फिर भी भाजपा कई वार्डों से हारी, रायसेन शहर के वार्डों को स्वच्छ व सुंदर बनाया जाएगा, बोले नवनिर्वाचित भाजपा और निर्दलीय पार्षद
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। नगर पालिका परिषद के रायसेन के भाजपा कांग्रेस सहित सभी 18 वार्डों से चुने गए नव निर्वाचित पार्षदों ने मीडिया से चर्चा में कहा कि यह जीत हमारी नहीं बल्कि पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता व आम जनता की जीत है। पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व व वोट देने पर वार्डों की जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हमने जो घोषणा पत्र जारी किया था, उसका पालन किया जाएगा और हमारी प्राथमिकता में शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाना हैं। वहीं शहर में खुदे पड़े नाले, सीवर लाइन को दुरस्त कराना हैं। शहर में विकास हो, आम लोगों की समस्याओं को समय पर निदान हो, इसका मिलजुलकर भरसक प्रयास किया जाएगा। साथ ही नगर पालिका परिषद के नियम कायदे के तहत जो भी शहर की जनता के लिए हो सकेगा, वह किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि रायसेन शहर में स्वच्छ पेयजल, साफ सफाई और ड्रेनेज सिस्टम सुधार पर भी फोकस रहेगा। जनता की समस्याओं का निराकरण समय पर हो, ऐसा हमारा प्रयास रहेगा। उन्होंने कहा कि परिषद में विकास को लेकर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
भाजपा ने निकाय चुनाव में झोंकी पूरी ताकत….फिर भी भाजपा के दिग्गज हारे
नगरपालिका परिषद रायसेन के पार्षदों के चुनाव प्रतिष्ठा पूर्ण चुनोती बने हुए थे। चुनाव के अंतिम दौर में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शहर के ह्रदय स्थल महामाया चौक में जनसभा आयोजित कर नेताओं पार्टी कार्यकर्ताओं को चुनाव जीतने के मंत्र फूंक गए थे। इसके अलावा साँची विस सीट के विधायक एवं प्रदेश के लोक स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री डॉ प्रभुराम चौधरी, सिलवानी विधायक रामपाल सिंह राजपूत सहित, जिला संगठन प्रभारी सुधीर अग्रवाल , पार्टी के जिलाध्यक्ष डॉ जेपी किरार, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष डॉ नागर टीम सहित पार्टी के उम्मीदवारों को जिताने गली गली, दुकानों पर घूम कर भाजपा के पक्ष में वोट मांगें। फिर भी नगर के कई वार्डों में भाजपा का कई सालों से कब्जा था वहां नये युवा कांग्रेस प्रत्याशी अजेय गढ़ों में सेंध लगाने में सफल रहे। वहीं भाजपा प्रत्याशियों को पूरी ताकत झोंकने के बाद करारी हार का सामना करना पड़ा। ऐसी भी जन चर्चा अब चौक चौराहों पर सुनाई दे रही है कि टिकट वितरण सही तरीके से स्थानीय नेताओं की आवाज को दरकिनार कर बांटे गए थे। इसीलिए पार्षद पद के ज्यादातर प्रत्याशी चुनाव हार गए।
भाजपा के दिग्गज प्रत्याशी भी चुनाव हारे….
नगर पालिका परिषद रायसेन के लिए हुए पार्षद पद के उम्मीदवार पार्षदी का चुनाव हार गए। इनमें सबसे प्रमुख नाम वार्ड 4 से भाजपा नेत्री वर्षा लोधी का है। इनकी हार का मुख्य कारण स्थानीय नेताओं को टिकट में तवज्जो नहीं मिलना है। वर्षा लोधी नपाध्यक्ष बनने की दौड़ में थीं। इसी तरह दूसरा नाम वार्ड 9 की भाजपा प्रत्याशी नीति दीपक पंड्या का नाम है। युवा नेता दीपक पंडया स्वास्थ्य मंत्री के करीबी बताए जाते हैं। इसीलिए स्वास्थ्य मंत्री के चहेते होने की वजह से नीति पंड्या को टिकट मिला लेकिन पूरी ताकत झोंकी जाने के बाद भी बीजेपी उम्मीदवार नीति पंड्या को वार्ड 9 की बागी निर्दलीय प्रत्याशी योगिता राहुल परमार के सामने पराजित होना पड़ा।नीति पंड्या भी नपाध्यक्ष की दौड़ में शामिल थीं।
तीसरा नाम शामिल है बीजेपी के वरिष्ठ नेता भैयालाल कुशवाहा की धर्मपत्नी बैनी देवी कुशवाहा को महावीर वार्ड 3 से पार्षद पद के लिए टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा था। रायसेन के पूरे दिग्गज नेताओं सहित स्वास्थ्य मंत्री भी उनके साथ गली गली घूमे फिर भी सालों से भाजपा की कब्जे वाली पार्षद की सीट कांग्रेस प्रत्याशी रवि यादव की झोली में चली गई। यह वोटरों का सही फैसला रहा।
कांग्रेस प्रत्याशी रवि यादव ने मतदाताओं की राय ली और पहली बार राजनीति में कदम रखने वाले कांग्रेस उम्मीदवार रवि यादव ने 96 मतों के अंतर से बीजेपी प्रत्याशी को चुनाव हरा दिया। चौथी करारी हार नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष स्व. भगवती प्रसाद शर्मा की पौत्र वधु एवं शैलेन्द्र शर्मा की बहू दीपाली अंशुल शर्मा को वार्ड 15 अर्जुन नगर से पार्षद पद के लिए प्रत्याशी बनाया। स्वास्थ्य मंत्री के करीबी होने की वजह से वार्ड15 अर्जुननगर से टिकट का फायदा भी मिला। यहां स्वास्थ्य मंत्री का बंगला भी है।चुनाव प्रचार के लिए घर घर दस्तक देकर जमकर चुनाव प्रचार भी किया । ब्राम्हण समाज ने भी विजयी बनवाने जमकर प्रचार किया।पूरी ताकत झोंकने के बावजूद निर्दलीय प्रत्याशी यशवंती भीम सिंह बघेल चुनाव चिन्ह टेंट के सामने पराजय का मुंह देखना पड़ा।
सिर्फ एक ही पार्षद चौथी बार चुनकर परिषद में पहुंची….,
नगर पालिका परिषद के चुनाव में वार्ड 17 से पार्षद पद की प्रत्याशी अजीजा बी चौथी बार चुनकर नपा परिषद में पहुंची हैं। कांग्रेस की अजीजा बी ने अनाज व्यापारी की पत्नी मिली शिखा राठौर को करारी शिकस्त दी। कार्यकर्ताओं ने कहा कि कुछ पार्टी नेताओं ने जमकर भितरघात किया।इस कारण बीजेपी की उम्मीदवार मिली शिखा राठौर की हार हुई है।यह भी नपाध्यक्ष पद की दौड़ में थीं।पूर्व नपाध्यक्ष जमना सेन की धर्मपत्नी सविता सेन को वार्ड 13 से पार्षद पद के लिए टिकट देकर चुनावी समर में उतारा गया।यहां कांग्रेस के छोटू राय सहित 6 बागी और निर्दलीय उम्मीदवारों से उनका कांटे का मुकाबला हुआ।जिसमें भाजपा की सविता सेन ने निर्दलीय प्रत्याशी रमा राजकुमार यादव से रोचक मुकाबले में 260 मतों से पटकनी दी। वह चुनाव जीतने के बाद अब ओबीसी महिला सीट होने के नाते नपाध्यक्ष कुर्सी की दौड़ में हैं।
सत्ताधारी सरकार के एक नेता के सेबोटेज के कारण चुनाव हारी कांग्रेस प्रत्याशी प्रियंका सेन नगर के सबसे हाई प्रोफाइल सीट राहुल नगर वार्ड 14 से कांग्रेस नेत्री प्रियंका सेन को पार्षद पद का टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा गया।उनका मुकाबला भाजपा के देवेंद्र यादव से हुआ। लेकिन यहां कांग्रेस की प्रियंका देवेंद्र सेन को 577 वोटों से हार का सामना करना पड़ा। पूरे शहर की नजर इस हाई प्रोफाइल सीट पर थी। चुनाव निपटने के बाद पराजित कांग्रेस प्रत्याशी सहित कांग्रेसियों का आरोप है कि यहां चुनाव के आखिरी दौर के वक्त रातों में एक सत्ताधारी सरकार के नेता ने मंत्री और बड़े नेताओं की मदद से कार्यकर्ताओं को कोतवाली पुलिस से प्रताड़ित कराया।वहीं रातों में घर घर नोट शराब बांटी गई। जिससे मेरा चुनाव प्रभावित हुआ।इस नेता की मदद में प्रशासन के अधिकारी पुलिस ने भी की।



