किसानों की जमीन डूब क्षेत्र में बढ़ी परेशानी, दाहोद डैम के पानी के लगातार रिसाव से किसानों की फसलें उगाना हुआ मुश्किल
अन्नदाताओं को ना मुआवजा मिल रहा और ना जल संसाधन विभाग के अधिकारी डूब क्षेत्र में आईं जमीनों का सर्वे कराया, शिकायतें करके किसान हुए तंग नहीं हो रही किसानों की कोई सुनवाई दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन । जिले की तहसील क्षेत्र गौहरगंज के तहत आने वाले दाहोद डैम के अंतर्गत ग्राम पंचायत इमलिया गोंडी की किसानों की काफी जमीनें डैम के लगातार रिसाव की वजह से डूब क्षेत्र में आ चुकी है।ऐसी स्थिति में किसानों की खरीफ सीजन की मुख्य फसलें धान सोयाबीन और रबी सीजन की गेंहू चना आदि फसलों को किसान उगा पा रहे हैं और ना ही जलसंसाधन विभाग रायसेन के अधिकारी उनकी डूब क्षेत्र में आने वाली जमीनों का सर्वे कराए जाने के उपरांत मुआवजा दिया जाने की मांग एडीएम आदित्य कुमार रिछारिया को आवेदन सौंप कर की है। एडीएम रिछारिया ने किसानों को यह आश्वासन दिया है कि जल्द ही जल संसाधन विभाग रायसेन के वरिष्ठ अधिकारी आपकी जमीनों का सर्वे कराएंगे और मुआवजे के इंतजाम कराये जाएंगे।
इमलिया गोंडी तहसील गौहरगंज निवासी किसान संतोष साहू, विजय सिंह, दशरथ सिंह पाटीदार, राधे लाल, तुलसीराम, भगवान सिंह, दशरथ सिंह, रामस्वरूप वर्मा, दौलत सिंह ओमप्रकाश, रामभरोस, परसराम वगैरह ने बताया कि इमलिया गोंडी ग्राम पंचायत के सैकड़ों किसानों की जमीन दाहोद डैम से सटी हुई है।उक्त गांव के किसान अपनी जमीन पर सालों से खेती कर परिवार का पेट पाल रहे हैं। उस दौरान दाहोद डैम के लीकेज पानी कम मात्रा में निकाला जाता था। बाद में रिसाव का पानी कम बहने के साथ बह कर निकल जाता था। लेकिन मौजूदा समय में यह दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। जिससे किसानों की मुश्किलें यह है कि उन्हें दो फसलें उगाना बड़ा मुश्किल हो रहा है।बखरिया गांव का नाला पानी निकालकर दाहोद डैम में भरा जाता है।तभी डैम में सालभर पानी लबालब भरा रहता है।आलम यह है कि मार्च, अप्रैल महीने तक दाहोद डैम का पानी खाली नहीं होता। उक्त स्थिति में परेशान किसान ना तो जलभराव की वजह से ना तो खेती कर पा रहे हैं और ना मुआवजा मिल पा रहा है।इस मामले की शिकायत दाहोद डैम गौहरगंज एसडीओ, एसडीएम गौहरगंज, जलसंसाधन मंत्री तुलसी सिलावट सहित भोजपुर के भाजपा विधायक सुरेंद्र पटवा, जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंत बबलू मीणा को कर चुके हैं।



