राज्य सरकार की अनेकों योजनाओं का महत्त्व, सुविधा एवं व्यवस्था न के बराबर

विकास एक योजना आम नागरिक को हैं भुगतना? आज़ादी के बाद का नया दौर दिखाने में ज्यादा और कहने करने में कम
ब्यूरो चीफ : मनीष श्रीवास
जबलपुर । भारत सरकार की बढ़ती विभिन्न योजनाओं का महत्व आम जनता की पहुंच से कोसो दूर दिखाई देने लगीं हैं। जहां एक तरफ विभिन्न जिलों में आम नागरिकों को मूलभूत सुविधा को लेकर काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं तो दूसरी ओर नई नई योजना के चलते बुजुर्ग, युवा, महिलाओं सहित जन्म लेने वाली नई पीढ़ी को इन व्यवस्थाओ की पूर्ति के लिए चक्कर लगाते लगाते अधिक समय निकल जाता हैं। जिससे वह अपनी ही जरूरत के लिए विभिन्न जगहों से सम्पर्क करते ही थक व हार मारकर बैठ जाता हैं। क्या 1947 के बाद आज आधुनिक युग और मशीनरी योजनाओं के कारण आमजनो को उसके अधिकार से वंचित होना पड़ रहा हैं ये बड़ा ही प्रश्न? वाला सवाल आज के दौरान बढ़ता चला जा रहा हैं।
जिन लोगों के लिए सुविधा दी वहीं सुविधाओं के लिए परेशान। जिले, शहर, गांव, कस्बा और निचले स्थानों में झोपड़ी में रहने वाले लोगों का जीवन संघर्ष से भरा हुआ दिखाई दे रहा हैं।
योजनाओं की सुविधा – एक तरफ राज्य सरकारों के द्वारा विभिन्न योजनाओं का श्रीगणेश कर उन्हें अमल करने के लिए कहा जाता हैं तो वहीं दूसरी ओर वह योजनाओं का व्यवस्थित सुविधा, समय पर कार्य न होना साथ ही आर्थिक फण्ड को उपलब्ध न कराने से योजनाओं को बीच में रोक कर दूसरी योजना का लाभ देने जैसे प्रयास अधिक मात्रा में शुरू कर दिए गए हैं।
आम नागरिकों को समझना और जानना अतिआवश्यक – संविधान का मूल महत्व बहुत अधिक है क्योंकि यह किसी भी देश की राजनीतिक व्यवस्था का मूल ढांचा निर्धारित करता है। यह सरकार के विभिन्न अंगों की शक्तियों और कार्यों को परिभाषित करता है, नागरिकों के अधिकारों और स्वतंत्रता की रक्षा करता है, और कानून के शासन को सुनिश्चित करता है।
संविधान के महत्व को निम्नलिखित बिंदुओं में समझा जा सकता है।
सर्वोच्च कानून-
संविधान देश का सर्वोच्च कानून होता है, जिसके ऊपर कोई अन्य कानून नहीं होता।
सरकार का मार्गदर्शन-
संविधान सरकार के सभी अंगों को मार्गदर्शन प्रदान करता है और उनके कार्यों को निर्धारित करता है।
नागरिकों के अधिकारों की रक्षा-
संविधान नागरिकों के मौलिक अधिकारों और स्वतंत्रता की रक्षा करता है, जैसे कि भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, समानता का अधिकार, और धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार।
कानून का शासन-
संविधान कानून के शासन को स्थापित करता है, जिसका अर्थ है कि सभी लोग कानून के समक्ष समान हैं और कोई भी कानून से ऊपर नहीं है।
सामाजिक न्याय-
संविधान सामाजिक न्याय को बढ़ावा देता है और समाज में समानता और न्याय सुनिश्चित करने का प्रयास करता है।
लोकतंत्र की रक्षा-
संविधान लोकतंत्र को मजबूत करता है और नागरिकों को सरकार में भागीदारी करने का अधिकार देता है।
विकास और प्रगति-
संविधान देश के विकास और प्रगति के लिए एक मजबूत नींव प्रदान करता है।
स्थिरता और एकता-
संविधान देश में स्थिरता और एकता बनाए रखने में मदद करता है।
संक्षेप में, संविधान किसी भी देश के लिए एक आवश्यक दस्तावेज है जो उसे एक संगठित, न्यायपूर्ण और प्रगतिशील समाज बनाने में मदद करता है।
आज के समावेश में आम नागरिक को जितनी तेजी से सुविधा प्रदान की जा रहीं हैं उतनी ही उनकी पूर्ति में विलम्ब के साथ कठिनाई अधिक देखी जा रहीं। समय और समावेश दोनों ही आज का महत्त्व बन गया हैं। जय हिन्द, जय भारत



