राजा चन्द्रहास और रानी सती विषया के सती स्थल पर आज भरेगा मिठाई का मेला

ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । नगर से सागर की ओर ग्राम बेरखेडी होते हुए मात्र 9 किमी दूर नेपाल से आए राजा सूर्य नरेश की नगरी कुन्तलपुर जिसका बिगड़ा नाम कोकलपुर में कार्तिक पूर्णिमा को रानी विषया के सती स्थल पर परम्परागतानुसार मेले का आयोजन किया गया है। जहां दूर दराज से आए लोग रानी विषया देवी के सती स्थल पर पूजा अर्चना कर अपनी मनोकामनाएं रखते हैं। तथा जिनकी मानोकामनाएं पूर्ण हो चुकी है वे भी यहा पर मिठाई का प्रसाद चढ़ाने आते है। राजनैतिक दलों के कार्यकर्ता भी यहां पर पहुचकर, पूजा अर्चना कर रानी से विजयी होने का आर्शीवाद प्राप्त करते हैं। कोरोना कॉल के दो साल बाद अब भरने वाले मेले में उम्मीद की जा रही है कि अधिक संख्या में लोग पहुंचेंगे।
वर्षो से तालाब के किनारे रानी सती विषया देवी के सिद्ध स्थान पर मेला भरता आ रहा है। इस मेले की विशेषता है कि यहा पर विक्टलों मिठाई बिकने के लिए आती है और कोई भी व्यापारी बचा कर नहीं ले जाता शाम ढलने से पहले ही सारी मिठाई बिक जाती है। मिठाई की कीमत भी कम होती है और उसे खाकर आज तक कोई भी बीमार नहीं हुआ है। किवदंती है कि यहा जिन्न आकर मिठाई खरीदकर खाते है।
सती विषया देवी एवं राजा चन्द्रहास राजा सूर्य नरेश का इतिहास विश्राम सागर में सक्षिप्त रूप से एवं धार्मिक ग्रन्थ जैमिनी पुराण में अध्याय 41 से 62 विस्तार पूर्वक तक दिया हुआ है। महाभारत युद्ध के पूरा होने के बाद दिग्विजय यज्ञ का घोडा छोड़कर पाण्डुपुत्र देश भ्रमण पर निकले तो कुन्तलपुर के राजा चन्द्रहास ने उक्त घोड़ा पकड़ लिया। जिस पर पाण्डु पुत्र अर्जुन और राजा चन्द्रहास के बीच युद्ध की स्थिती निर्मित हो गई तब द्वारकाधीश श्री कृष्ण ने अपने दोनों भक्तों के बीच आकर मित्रता करवाई और साढ़े तीन दिन तक श्री कृष्ण यहा पर रूके फिर पाण्डु पुत्र राजा चन्द्रहास को भी साथ लेकर अन्य राजाओं को अपने अधीन करने निकल पड़े तब काशी के समीप हुए युद्ध में राजा चन्द्रहास वीर गति को पहुंच गए तो उनका पार्थिव शरीर जब कुन्तलपुर लाया गया तो रानी विषया ने अपने आप को सती कर लिया था । मेले में अधिकतर युगल जोड़े अथवा युवा भारी संख्या में सती स्थल पर पहुंचकर अपनी मनोकामनाएं रखते है क्योंकि राजा चन्द्रहास और सती विषया की प्रेम स्थली के रूप में भी लोग इसे देखते है और मन चाही मुरादे पाते है।
मेले के संबंध में कोकलपुर पंचायत के सरपंच विमलेश आदिवासी एवं बेरखेड़ी पंचायत की सरपंच सीमा चौधरी ने बताया कि जन प्रतिनिधियों ने रानी सती विषया देवी के चबूतरे व उसके आसपास दो चबूतरे निर्मित करा दिए है जिससे काफी सुविधा हो गई है। पुरातत्व विभाग को इस प्राचीन स्थल की सुध लेना चाहिए चाहिए।



