मध्य प्रदेश

डूबने से दो महिलाओं की मौत: खींचते समय रस्सी टूटी तो पलटी नाव, बेटे की आंखो के सामने नदी में समा गई मां

फसल कटाई करने नाव से नदी पार जा रहे मजदूर, बीच नदी में हुआ हादसा।
मुंगावली, अशोकनगर । खींचते समय अचानक रस्सी टूट जाने से मजदूरों से भरी नाव 20 फिट गहरी कैंथन नदी में अनियंत्रित होकर पलट गई। इससे सभी लोग नदी में गिर गए, जो महिलाएं तैर नहीं पाती थीं वह डूबने लगीं तो साथ में मौजूद युवकों ने उन्हें बचाकर बाहर निकाला। हालांकि नदी में डूबने से दो महिलाओं की मौत हो गई व चार लोग घायल हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया।
मामला जिले के मुंगावली तहसील के बाढ़ौली गांव में रविवार सुबह 9 बजे का है। बाढ़ौली गांव से मजदूर सहित करीब 13 लोग नदी के दूसरी तरफ सांवलहेड़ा गांव में फसल काटने जा रहे थे, रास्ते में 350 फिट चौंड़ी कैंथन नदी होने से वह नाव में बैठकर नदी पार कर रहे थे। इसी दौरान बीच नदी में नाव पलट गई। इस घटना में 60 वर्षीय प्रेमबाई पत्नी खुशीलाल अहिरवार व 45 वर्षीय कुसुमबाई पत्नी मोहनलाल अहिरवार की पानी में डूबने से मौत हो गई। नाव में गोपी अहिरवार, अनीता अहिरवार, गीता अहिरवार, काजल अहिरवार, शिवानी अहिरवार, वैष्णव अहिरवार, संजू, मोहन, चालू राजा व रोशनसिंह राजपूत भी थे, जिन्हें बाहर निकाल लिया गया। इनमें चार लोगों को सिविल अस्पताल मुंगावली में भर्ती कराया गया है।
मगरमच्छों के खतरे के बीच लोगों को बचाने कूदा युवक-
जनपद सदस्य शोभाराम राजपूत ने बताया कि इस जगह पर नदी 20 फिट गहरी है और मगरमच्छ भी हैं, इसलिए लोग नाव से नदी पार कर खेतों पर जाते हैं। यह मजदूर दो दिन इसी तरह नाव से वहां कटाई कर चुके हैं और रविवार को तीसरे दिन वह कटाई करने जा रहे थे, लेकिन रस्सी टूटने से नाव पलट गई। इससे लोगों को डूबता देख मगरमच्छों के खतरे के बीच उन्हें बचाने नदी में कूंद गया और जो लोग तैर लेते थे उनके साथ महिलाओं-युवतियों व लोगों को नदी से बाहर निकाला।
प्रशासन नहीं पहुंचा, तो ग्रामीणों ने खुद ही की नदी में सर्चिंग-
नाव पलटते ही 60 वर्षीय प्रेमबाई नदी के गहरे पानी में डूब गई। सूचना मिलने पर ग्रामीण रस्सी व लोहे के कुंदे लेकर पहुंचे। साथ ही खुद ही ट्यूब के सहारे घुसकर गहरे पानी में प्रेमबाई की सर्चिंग करने में जुट गए और लगातार एक घंटे तक नदी के गहरे पानी में लोहे कुंदों से सर्चिंग की। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद नदी से प्रेमबाई का शव बाहर निकाला गया। साथ ही उस नाव को भी टूटी हुई रस्सी से बांधकर बाहर निकाला गया। हालांकि बाद में सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
कार्रवाई: मृतकों को चार-चार लाख, कोटवार को पद से हटाया- मुंगावली से पांच किमी दूर बाढ़ौली गांव है, लेकिन गांव के कोटवार ने समय पर प्रशासन को नाव पलटने की सूचना नहीं दी, इससे तहसीलदार ने कोटवार पन्नालाल अहिरवार को पद से पृथक कर दिया है। वहीं मुंगावली एसडीएम ने दोनों मृतक महिलाओं के परिजनों को चार-चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की है, साथ ही अंत्येष्टि के लिए भी पांच-पांच हजार रुपए अंत्येष्टि सहायता योजना के तहत दिए हैं।
प्रयास के बाद भी बचा न पाने का दुख-
चालू राजा, शैंदर राजपूत व जितेंद्र मददगार बने और डूबती महिलाओं व युवतियों को नदी से बाहर निकालकर लाए। उनका कहना है कि बचाने के दौरान महिलाएं व युवतियां गला पकड़ रही थीं, इसलिए वह एक साथ सभी को नहीं बचा पाए।
कुसुमबाई का पति मोहनलाल अहिरवार नाव से पत्नी के साथ नदी में गिरा और पत्नी को बचाने का प्रयास किया और पकड़ भी लिया, लेकिन मोहनलाल की जर्किन पानी से वजनदार हो गई और वह खुद भी डूबने लगे व पत्नी को नहीं बचा सके। जनपद सदस्य के मुताबिक प्रेमबाई का पुत्र संजू भी नाव में था, नाव पलटते ही प्रेमबाई पानी में गुम हो गईं और संजू अपनी मां को पानी में तलाशता रहा, लेकिन वह नहीं मिल सकीं, इससे उसे मां को नदी में डूबने से न बचा पाने का दुख है।
मामले में यह भी खास-
बाढ़ौली गांव के किसानों की करीब 250 बीघा जमीन नदी के दूसरी तरफ सांवलहेड़ा गांव में है, जहां मजदूर फसल कटाई करने जा रहे थे। जहां हादसा हुआ, पहले वहां कटाई के समय इतना पानी नहीं रहता था, लोग पैदल ही नदी पार कर लेते थे व ट्रैक्टर-ट्राली भी निकल जाते थे। 8-10 साल पहले बेतवा में जेपी का बैराज बन जाने से यहां 20 फिट से अधिक गहरा पानी भरने लगा है, बेतवा से मगरमच्छ भी आने लगे हैं।बैराज बन जाने के बाद लोग ट्यूब से नदी पार करते थे, लेकिन मगरमच्छ घूमते दिखने से दो साल पहले ही किसानों ने नाव बनवाई थी। बिना चप्पू के चलने वाली नाव है, एक किनारे से नदी के दूसरे किनारे तक रस्सी बांधी हैं, वही रस्सी खींच नाव दूसरी तरफ ले जाई जाती है।
इस संबंध में बृजेंद्रसिंह यादव, राज्यमंत्री का कहना है कि बाढ़ौली गांव की घटना बहुत दुखद है, गरीब लोग मजदूरी करने जा रहे थे। सरकार की तरफ से हर संभव मदद करेंगे, यदि कोई घायल हुआ है तो उनकी भी मदद करेंगे। दोनों मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपए की राशि तुरंत स्वीकृत करा दी है, अंत्येष्टि के लिए भी पांच-पांच हजार रुपए मृतकों के परिवारों को उपलब्ध कराए गए हैं।
आर उमा महेश्वरी, कलेक्टर का कहना है कि कोटवार को हटाया, पटवारी को नोटिस दिया गया है। मृतकों के परिजनों को तत्काल चार-चार लाख रुपए की राशि जारी कर रहे हैं। सूचना न देने पर कोटवार को पद से हटा दिया है व पटवारी को नोटिस दिया है। ऐसी घटना फिर न हो, इसके लिए कोशिश करेंगे कि उस नाव को बंद कराया जाए, या फिर वैकल्पिक रास्ता देखा जाएगा।

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