ज्योतिषधार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग मंगलवार, 17 सितम्बर 2024

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 17 सितम्बर 2024
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए ।
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और व्रत करने से हनुमान जी प्रसन्न होते है। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा एवं सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
🌐 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351_

☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर शरद ऋतु
🌤️ मास – भाद्रपद मास
🌕 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📅 तिथि – मंगलवार भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि 11:44 AM तक उपरांत पूर्णिमा
📝 तिथि स्वामी – चतुर्दशी तिथि के देवता हैं शंकर। इस तिथि में भगवान शंकर की पूजा करने से मनुष्य समस्त ऐश्वर्यों को प्राप्त कर बहुत से पुत्रों एवं प्रभूत धन से संपन्न हो जाता है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र शतभिषा 01:53 PM तक उपरांत पूर्वभाद्रपदा
🪐 नक्षत्र स्वामी – शतभिषा नक्षत्र का स्वामी राहु है,वहीं राशि स्वामी शनि है। तथा शतभिषा नक्षत्र देवता वरुण देव जी है।
⚜️ योग – धृति योग 07:48 AM तक, उसके बाद शूल योग 03:41 AM तक, उसके बाद गण्ड योग
प्रथम करण : वणिज – 11:44 ए एम तक
द्वितीय करण : विष्टि – 09:55 पी एम तक बव
🔥 गुलिक काल : मंगलवार का गुलिक दोपहर 12:06 से 01:26 बजे तक।
🤖 राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 15:13 बजे से 16:35 बजे तक। राहु काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
⚜️ दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई गुड़ खाकर यात्रा कर सकते है।
🌞 सूर्योदयः – प्रातः 05:54:00
🌅 सूर्यास्तः – सायं 06:06:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:33 ए एम से 05:20 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:57 ए एम से 06:07 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:51 ए एम से 12:40 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:18 पी एम से 03:07 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:23 पी एम से 06:47 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:23 पी एम से 07:34 पी एम
💧 अमृत काल : 07:29 ए एम से 08:54 ए एम 03:58 ए एम, सितम्बर 18 से 05:22 ए एम, सितम्बर 18
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:52 पी एम से 12:39 ए एम, सितम्बर 18
💮 रवि योग : 06:07 ए एम से 01:53 पी एम
🚓 यात्रा शकुन-दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
🤷🏻 आज का उपाय-हनुमान मंदिर में लाल ध्वजा चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
❄️ पर्व एवं त्यौहार : व्रत पूर्णिमा/पितृ तर्पण प्रारंभ/पूर्णिमा श्राद्ध/ अन्त चतुर्दशी/ प्रौष्ठपदी पूर्णिमा/ पूर्णिमा प्रारम्भ सुबह 11.44/ पंचक जारी/ विश्‍वकर्मा जयंती/ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जन्म दिवस, हैदराबाद मुक्ति दिवस, संविधान दिवस, नागरिकता दिवस, भारतीय कलाकार गगनेंद्रनाथ टैगोर जन्म दिवस, अंतर्राष्ट्रीय देशी संगीत दिवस, विश्व मंटा दिवस, तैयार हो जाओ दिवस, विश्व रोगी सुरक्षा दिवस, ऑस्ट्रेलियाई नागरिकता दिवस, विश्व रोगी सुरक्षा दिवस (World Patient Safety Day), राष्ट्रीय हिन्दी दिवस (सप्ताह)
✍🏼 विशेष – चतुर्दशी तिथि को शहद त्याज्य होता है। चतुर्दशी तिथि को एक क्रूरा तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं चतुर्दशी तिथि को उग्रा तिथि भी माना जाता है। यह चतुर्दशी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह चतुर्दशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ और कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। इस चतुर्दशी तिथि के देवता भगवान शिवजी हैं।
🏞️ Vastu tips 🛕
माथे पर चंदन का तिलक लगाएं सुबह उठकर स्नान करें और माथे पर चंदन का तिलक लगाएं। अक्सर मंदिरों में चंदन का तिलक चढ़ाया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इस तिलक को माथे पर लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। हिंदू शास्त्र के अनुसार चंदन के तिलक का विशेष महत्व है।घर की साफ-सफाई करें और रंगोली लगाएंसुबह उठकर घर की साफ-सफाई करें। प्रवेश द्वार पर रंगोली लगाने से देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। घर के प्रवेश द्वार के पास रंगोली देवी लक्ष्मी का स्वागत करेगी। जिस घर में रंगोली लगाई जाती है और जहां विश्वास और आशा बनी रहती है, वहां देवी लक्ष्मी का आगमन होता है।तुलसी के पौधे को जल हिंदू धर्मग्रंथों में उल्लेख मिलता है कि तुलसी के पौधे को जल देने से देवी लक्ष्मी तुलसी में वास करती हैं। रोज सुबह तुलसी के पौधे को जल देना और उसकी पूजा करना देवी लक्ष्मी की पूजा के समान है। तुलसी के पौधे को जल देने और उसकी पूजा करने से भी सुख, शांति और सुकून मिलेगा। इससे मां लक्ष्मी की भी कृपा होगी. साथ ही तुलसी के पौधे से घिरे रहने के कारण स्वास्थ्य लाभ भी होते हैं।
🗝️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
खट्टे फल जिसे हम मुसम्मी/संतरे का जूस भी कहते हैं। ये भी उसी तरह फायदेमंद है. बल्कि ये कह सकते हैं कि ये ज्यादा फायदेमंद है. इसमें विटामिन सी के अलावा इतने सारे पोषक तत्व होते हैं कि शरीर को कई तरह से फायदा होता है। प्राकृतिक चिकित्सा में एक विधि है कि जब भी किसी को किसी भी प्रकार का तेज बुखार हो तो 2 दिन तक केवल खट्टे फलों का रस, अनानास का रस और हर 1-1.5 घंटे में नारियल पानी पीना चाहिए। यह इतना फायदेमंद तरीका है कि इसकी मदद से बुखार को सबसे तेज गति से ठीक किया जा सकता है। इसलिए अगर उपलब्ध हो तो रोजाना जूस पीना चाहिए या 2-3 फल सीधे खाने चाहिए.
🩸 आरोग्य संजीवनी 🩻
सफेद कद्दू का जूस पीने के फायदे सफदे कद्दू में भरपूर एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं जिससे बॉडी को डिटॉक्स करने में मदद मिलती है।
एश गॉर्ड विटामिन और मिनरल से भरपूर है। रोजाना इस जूस को पीने से इम्यूनिटी मजबूत होती है।
चूंकि ये जूस पानी और मिनरल से भरपूर होता है तो गर्मियों में इसे पीने से शरीर हाइड्रेटेड बना रहता है।
सबसे अहम बात ये है कि सफेद कद्दू का जूस वजन घटाने में असरदार काम करता है।
पेट और पाचन की समस्या जैसे कब्ज, गैस, एसिडिटी में भी सफेद कद्दू का जूस फायदा करता है।
🪔 गुरु भक्ति योग 🕯️
आत्मा एक सूर्य की तरह है। हमारा सूक्ष्म शरीर उसका एक ग्रह के रूप में कार्य करता है। मनुष्य का शरीर सूक्ष्म शरीरके उपग्रह की तरह कार्य करता है।
सूक्ष्म शरीर की उम्र तथा देवताओं की उम्र बराबर है। हमारा सूक्ष्म शरीर देवताओं के स्तर का ही है। कुंडलिनी जागृत होने हमारा सूक्ष्म शरीर सक्रिय हो जाता है। सूक्ष्म शरीर की दृष्टि ही तीसरा नेत्र है। तीसरे नेत्र का खुलना सूचना शरीर का सक्रिय होना है। सूक्ष्म शरीरके सक्रिय होते ही कुंडलिनीजागृत होना शुरू हो जाती है तथा हम एक-एक चक्र करके ऊपर के चक्रों की तरफ यात्रा करने लगते हैं। इस यात्रामें हम देवी देवताओं को भी स्पष्ट रूप से अपने सामने देखने में सक्षम हो जाते हैं।
किसी भी अवस्था का व्यक्ति हो उसे अपना सूक्ष्म शरीर हमेशा जवान अवस्था में ही दिखाई देता है। सूक्ष्म शरीरमें सभी ग्रह नक्षत्र नदियां वृक्ष आदि भी मनुष्य रूप में ही दिखाई देते हैं। सबसे बड़ा आश्चर्य यह है कि ऐसे कई दृश्य मैंने स्वयं देखें हैं। इसीलिए मैं विश्वास के साथ इनका वर्णन कर रहा हूं।
मैंने अपनी लगभग 63 वर्ष की उम्र होने के बावजूद अपने सूक्ष्म शरीर को जवान अवस्था में देखा है। हमारा सूक्ष्म शरीर हमेशा देवताओं की तरह जवान रहता है।
आत्मा परमात्मा तत्व से बनी है इसीलिए वह कभी भी बूढ़ी नहीं होती।
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⚜️ चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव का ज्यादा-से-ज्यादा पूजन, अर्चन एवं अभिषेक करना करवाना चाहिये। सामर्थ्य हो तो विशेषकर कृष्ण पक्ष कि चतुर्दशी तिथि को विद्वान् वैदिक ब्राह्मणों से विधिवत भगवान शिव का रुद्राभिषेक करवाना चाहिये। आज चतुर्दशी तिथि में भगवान् शिव का रुद्राभिषेक यदि शहद से किया करवाया जाय तो इससे मारकेश कि दशा भी शुभ फलदायिनी बन जाती है। जातक के जीवन कि सभी बाधायें निवृत्त हो जाती है और जीवन में सभी सुखों कि प्राप्ति सजह ही हो जाती है।

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