मध्य प्रदेश

स्कूल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही, बच्चों को कलेक्टर की पहल से राहत, प्राचार्य हुये निलंबित

रायसेन। रायसेन जिले के सुल्तानपुर तहसील के ग्राम उमरई बहरा में स्कूल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने निकल कर आई है जहां स्कूल प्रबंधन ने 26 बच्चों के दसवीं बोर्ड परीक्षा के फार्म महज इसलिए नहीं भरे क्योंकि इन बच्चों के पास स्कूल में परीक्षा फीस जमा करने के लिए पैसे नहीं थे रायसेन कलेक्टर की तत्परता और गंभीरता से बच्चों का साल खराब होने से बचा और बच्चों के चेहरे पर आई मुस्कान।
रायसेन जिले के सुल्तानपुर तहसील के ग्राम उमरई बहरा के शासकीय हाई स्कूल की बड़ी लापरवाही निकलकर सामने आई है स्कूल प्रबंधन द्वारा आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के 26 बच्चों के परीक्षा फार्म इसलिए नहीं भरे क्योंकि इन बच्चों ने स्कूल में परीक्षा फीस जमा नहीं कराई थी। जहां मध्य प्रदेश सरकार बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान कराने के लिए लाख प्रयास कर रही है तो वही ऐसे स्कूल भी हैं जो सरकार की योजनाओं पर पलीता नजर लगाते नजर आ रहे हैं लेकिन संवेदनशील कलेक्टर अरविंद कुमार दुबे को जब कक्षा दसवीं के छात्रों ने परीक्षा शुरू होने से महज 22 घंटे पहले ही बताया कि हमारे रोल नंबर नहीं आए हैं इसके बाद रायसेन कलेक्टर ने शासन स्तर पर बातचीत की और आनन-फानन में ही बच्चों के रोल नंबर स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव से बातचीत कर उपलब्ध हो सके इसके बाद नायब तहसीलदार की सौरभ मालवीय की मेहनत ने आज बच्चों को खुशी-खुशी अपना कक्षा दसवीं का पेपर दिलाया। लेकिन एक बार फिर स्कूल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई। वहीं इस मामले में रायसेन कलेक्टर अरविंद दुबे ने मामले में संज्ञान लेते हुए स्कूल प्राचार्य दीनदयाल उइके को तत्काल निलंबित कर दिया है और वही अन्य दोषियों पर कार्रवाई की बात भी कही है।
नायब तहसीलदार सौरभ मालवीय ने बताया कि रायसेन कलेक्टर महोदय के संज्ञान में कल यह मामला आया था जिसमें स्कूल प्रबंधन की लापरवाही के कारण 26 बच्चे परीक्षा देने से वंचित हो रहे थे लेकिन रायसेन कलेक्टर महोदय ने तत्काल ही शासन स्तर पर बातचीत करके बच्चों के रोल नंबर उपलब्ध कराएं और उसके बाद 26 बच्चे आज परीक्षा दे पाए हैं वही ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और स्कूल प्रबंधन की लापरवाही निकल कर सामने आई है।

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