धार्मिकमध्य प्रदेश

बुद्ध पूर्णिमा को घर-घर यज्ञ एवं 31 मई को नशा भारत छोड़ो अभियान

भोपाल । गायत्री शक्तिपीठ भोपाल पर सक्रिय परिजनों एवं यज्ञाचार्य की विशेष गोष्ठी संपन्न हुई जिसमें अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वाधान में गायत्री परिवार मनाएगा इस माह के अंतिम पखवाड़े में तीन विशेष कार्यक्रम जिसमें 14 मई को गंगा सप्तमी पर गंगाजन अभियान के अंतर्गत जल स्रोतों की साफ स्वच्छता, नदी के तटों पर स्वच्छता क्या करें क्या नहीं करें और वर्षा जल संचय पर कार्यशाला एवं जन जागरण । दूसरा कार्यक्रम में 23 मै बुद्ध पूर्णिमा गुरुवार को विश्व स्तरीय गृहे गृहे गायत्री यज्ञ अभियान की विस्तृत जानकारी एवं कार्य योजना पर प्रकाश डालते हुए प्रभाकांत तिवारी जी सहायक जोन समन्वयक मध्य प्रदेश कहा कि बुद्ध पूर्णिमा को यज्ञ दिवस के रूप में भी मनाते हे, इस के अंतर्गत लाखों नए घरों में गायएमत्री यज्ञ किया जाना है इस विश्व स्तरीय यज्ञ अनुष्ठान आध्यात्मिक प्रयोग का मुख्य उद्देश्य मानव मात्र में सुख शांति की स्थापना विश्व में छाई हुई प्राकृतिक आपदा युद्ध की विभीषिका का समन, पर्यावरण संरक्षण जिसमे पोधे रोपण, हमारे सुरक्षा सैनिकों का मनोबल बढ़ाना, समाज में भारतीय संस्कार परम्परा का जागरण कर समाज के नवनिर्माण में युवाओं जोड़ना, एवं कुर्तियों का उन्मूलन है इस सामूहिक एवं एक साथ विश्व स्तरीय आध्यात्मिक प्रयोग का उद्देश्य है। यह क्रम सुबह सूर्य उदय से सूर्यास्त तक गायत्री परिवार के प्रशिक्षित परिजनों आचार्य के माध्यम से उस दिन एक आचार्य 3 से 4 घरों में यज्ञ संपन्न कराएंगे। गायत्री परिजन अपनी कालोनियां, रिश्तेदार दोस्त, सामाजिक संगठनों में 10 लोगो को जोड़ेगे उन्हे प्रशिक्षण देकर ऑनलाइन ऑफलाइन, मोबाइल पंडित युटुब आदि संसाधनों के माध्यम से यज्ञ सम्पन्न कराएंगे। तीसरा क्रम है 31 में विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर नशा भारत छोड़ो अभियान के अंतर्गत समाज में फैली विकराल महामारी नशा फैशन से निजात पाने के लिए व्यसन से कैसे दूर रहें व्यसन से कैसे बचे इसका जन जागरण नुक्कड़, नाटक, टेली फिल्म, प्रदर्शनी एवं संवाद के माध्यम से युवाओं से नशा, व्यशन, फैशन से दूर रहने जन जागरण कर संकल्प कराया जाएगा। व्यशन से बचाए, सृजन में लगाए।
इस अवसर पर गाय की शक्तिपीठ की व्यवस्थापक रामचंद्र गायकवाड, अमर धाकड़, महाकालेश्वर श्रीवास्तव, अशोक सक्सेना मयंक राव महावीर पाटीदार डॉ दयानंद, बबली धाकड़ अंजना परिहार आदि ने सुझाव और विचार रखें। ओर ज्यादा से ज्यादा नए घरों तक अभियान को पहुंचने का संकल्प लिया।

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