विधवा बहू को घर से निकाला, ससुराल में हक के लिए लगाई गुहार, समझाइश के बाद ससुराल वाले रखने हुए तैयार,
दो हजार रुपए महीना भी देंगे, एसडीओपी कार्यालय में परिवार परामर्श केंद्र रायसेन की बैठक आयोजित
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। एसडीओपी कार्यालय रायसेन में परिवार परामर्श केंद्र की बैठक आयोजित की गई। जिसमें रूठे और बिछुड़े दंपत्तियों के बीच केंद्र के परामर्श दाताओं ने समझाइश देकर सुलह कराई।
सिलवानी में शादी हुई रायसेन की एक महिला के पति की कुछ महीने पहले मौत हो गई। इस घटना के लिए महिला का अपशकुन मानते हुए ससुराल वालों ने बहू भी घर में नहीं रहने दिया। मायके में रह रही महिला ने ससुराल में अपना हक दिलाने गुहार लगाई। दोनों पक्षों को सुनने और समझाने के बाद इस पारिवारिक विवाद में आपसी सहमति से सुलह कराई गई।
रायसेन में रहने वाली एक युवती की करीब 9 साल पहले सिलवानी में रहने वाले युवक से शादी हुई थी। करीब दो महीने पहले महिला के पति की विदिशा में अज्ञात व्यक्ति ने हत्या कर दी थी। जिसकी विदिशा पुलिस जांच कर रही है। युवक की मौत की लिए युवती का सुसराल पक्ष उसे जिम्मेदार मानता है। हालांकि युवक की मौत से जितना उसकी पत्नी को आघात लगा है, उतना ही उसके सुसराल वाले भी दुखी हैं। लेकिन इस घटना के बाद से ससुराल वालों ने विधवा बहू का घर से बहिष्कार कर दिया और उसे घर में नहीं रहने दे रहे थे।उसके पति की दुकान पर भी ससुराल पक्ष के लोगों ने कब्जा कर लिया। परिवार परामर्श केन्द्र में आए इस प्रकरण को सुनने के बाद दोनों पक्षों को समझाइश दी ।इस पारिवारिक विवाद को आपसी सहमति से सुलझाने की सलाह भी दी गई। दो पक्षों की सहमति से यह तय हुआ कि बहू ससुराल के अपने दो कमरों में जिनमें पहले रहा करती थी। उन्हीं में पूर्ववत रहेगी। दुकान के किराए में से 2 हजार रुपए महीना ससुराल पक्ष उसे खर्चे के लिए देखा। साथ ही दोनों पक्ष अपने मन से द्वेष मिटाकर एक-दूसरे का सम्मान करेंगे। बहू अपने भविष्य को लेकर निर्णय लेने के स्वतंत्र है। यदि भविष्य में वह दूसरा विवाह करना चाहे तो भी ससुराल पक्ष उसकी यथसंभव मदद करेगा। बहू अपनी गृहस्थी का सामान व उसके जेवरात आदि का भी अपनी सुविधा के हिसाब से उपयोग कर सकेगी। जिस पर ससुराल को कोई आपत्ति नहीं होगी।
एक अन्य प्रकरण में रायसेन निवासी एक युवक ने आवेदन देकर भोपाल निवासी पत्नी को वापस बुलाने की गुहार लगाई थी। दोनों की एक साल पहले शादी हुई थी। लेकिन युवक का घर रायसेन में बस्ती से दूर सुनसान इलाके में है, जिससे युवती अक्सर डरी, सहमी रहती थी। साथ ही पत्नी ने बताया कि पति उसके साथ मारपीट भी करता है। पति को आगे से मारपीट न करने की सख्त हिदायत दी गई। पत्नी चाहती थी कि पति भोपाल में रहे। दोनों पक्षाें को सुनने के बाद उन्हें सलाह दी गई थी। पति चाहे तो रायसेन बस्ती में कमरा लेकर पत्नी के साथ अलग रहे। जिस पर पत्नी ने 7 दिन का समय अपना निर्णय देने के लिए लिया है। हालांकि पत्नी इस बात पर राजी दिखी। लेकिन अंतिम निर्णय लेने से पहले वह सोचने के लिए समय चाहती थी। इस प्रकरण में दोनों पक्षों को आगामी तारीख दी गई है। परिवार परामर्श केन्द्र की बैठक में कुल 11 प्रकरण सुनवाई के लिए रखे गए थे। जिसमें से 6 प्रकरणों में सुनवाई हुई तथा शेष प्रकरण में पक्षकारों के अनुपस्थित रहने पर उनकी अगली तारीख में सुनवाई की जाएगी। पुलिस परिवार परामर्श केंद्र की बैठक में एसडीओपी अदिति भावसार, अध्यक्ष कैलाश श्रीवास्तव, सलाहकार अशोक गुप्ता, चेतन राय, अनीता राजपूत, एएसआई अनिल वर्मा, प्रधान आरक्षक लक्ष्मण प्रसाद,आरक्षक लोकेंद्र मोर्य उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि एसपी विकाश कुमार शाहवाल के निर्देशन व एएसपी अमृतलाल मीणा के मागदर्शन में हर मंगलवार को एसडीओपी कार्यालय में परिवार परामर्श केंद्र की बैठक आयोजित की जाती है। जिसके माध्यम से पारिवारिक विवादों को आपसी सहमति के सुलझाने का प्रयास किया जाता है।



