धार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग गुरुवार, 19 दिसम्बर 2024

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
गुरुवार 19 दिसम्बर 2024
मंगल श्री विष्णु मंत्र :-
मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
☄️ दिन (वार) – गुरुवार के दिन तेल का मर्दन करने से धनहानि होती है । (मुहूर्तगणपति)
गुरुवार के दिन धोबी को वस्त्र धुलने या प्रेस करने नहीं देना चाहिए।
गुरुवार को ना तो सर धोना चाहिए, ना शरीर में साबुन लगा कर नहाना चाहिए और ना ही कपडे धोने चाहिए ऐसा करने से घर से लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती है ।
गुरुवार को पीतल के बर्तन में चने की दाल, हल्दी, गुड़ डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाकर दीपक अथवा धूप जलाएं ।
इससे बृहस्पति देव प्रसन्न होते है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है ।
🌐 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर हेमंत ऋतु
⛈️ मास – पौष मास
🌔 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि : गुरुवार पौष माह के कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि 10:03 AM तक उपरांत पंचमी
📝 तिथी स्वामी – पंचमी के देवता हैं नागराज। इस तिथि में नागदेवता की पूजा करने से विष का भय नहीं रहता, स्त्री और पुत्र प्राप्ति होती है। यह लक्ष्मीप्रदा तिथि हैं।
💫 नक्षत्र : नक्षत्र आश्लेषा 01:59 AM तक उपरांत मघा
🪐 नक्षत्र स्वामी : नक्षत्र का स्वामी बुध है।चंद्रमा अश्लेषा नक्षत्र का शासक ग्रह है।अहि या नागराज इस नक्षत्र के लिए हिंदू देवता है।
⚜️ योग : वैधृति योग 06:33 PM तक, उसके बाद विष्कुम्भ योग
प्रथम करण : बालव – 10:02 ए एम तक
द्वितीय करण : कौलव – 10:19 पी एम तक तैतिल
🔥 गुलिक कालः- गुरुवार का (शुभ गुलिक) 03:33:00 से 05:08:00 तक
⚜️ दिशाशूल – बृहस्पतिवार को दक्षिण दिशा एवं अग्निकोण का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से सरसो के दाने या जीरा खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल – दिन – 1:30 से 3:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः – प्रातः 06:47:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:13:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:19 ए एम से 06:14 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:47 ए एम से 07:09 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:58 ए एम से 12:39 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:02 पी एम से 02:43 पी एम
🐃। गोधूलि मुहूर्त : 05:25 पी एम से 05:53 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:28 पी एम से 06:50 पी एम
💧 अमृत काल : 12:19 ए एम, दिसम्बर 20 से 02:00 ए एम, दिसम्बर 20
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:51 पी एम से 12:46 ए एम, दिसम्बर 20
🚓 यात्रा शकुन-बेसन से बनी मिठाई खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवै नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-विष्णु मंदिर में बेसन से बनी मिठाई चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – देवदर्शन/ मूल जारी/ गोवा स्वतन्त्र दिवस, प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी अशफ़ाक़ उल्ला ख़ाँ स्मृति दिवस, गुजरात के भूतपूर्व मुख्यमंत्री बाबूभाई पटेल पुण्य तिथि, भारत की प्रथम महिला राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल जयन्ती, महान् स्वतन्त्रता सेनानी राम प्रसाद बिस्मिल शहीद दिवस, महान् क्रान्तिकारी ठाकुर रोशन सिंह शहीद दिवस, हेमचंद्र तुकाराम पुण्य तिथि, सुशासन सप्‍ताह (19 से 25 दिसंबर)
✍🏼 विशेष – पञ्चमी तिथि को बिल्वफल त्याज्य बताया गया है। पञ्चमी तिथि को खट्टी वस्तुओं का दान और भक्षण दोनों ही त्याज्य है। पञ्चमी तिथि धनप्रद अर्थात धन देनेवाली तिथि मानी जाती है। यह पञ्चमी तिथि अत्यंत शुभ तिथि भी मानी जाती है। इस पञ्चमी तिथि के स्वामी नागराज वासुकी हैं। यह पञ्चमी तिथि पूर्णा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह पञ्चमी तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ और कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायीनी मानी जाती है।
🏘️ Vastu tips 🏚️
घर में नकारात्मकता होने पर मिलते हैं ऐसे संकेत_
आपके जीवन में नकारात्मकता तभी आती है जब आपके घर में किसी तरह का वास्तु दोष होता है, या फिर आपकी दिनचर्या अव्यवस्थित होती है और आपको गलत रास्तों पर चलते हैं। इन दोनों ही स्थितियों में आपको घर में प्रवेश करते ही कुछ नकारात्मक चीजों का अहसास हो सकता है। इनके बारे में नीचे बताया गया है।
अगर घर में प्रवेश करते ही आपको किसी तरह की दुर्गंध का अनुभव होता है, और ऐसा आपको एक बार नहीं बार-बार होता है, तो समझ जाइए किसी तरह की नकारात्मक शक्ति आपके घर में है। घर में वास्तु दोष होने पर भी इस तरह का संकेत आपको मिल सकता है।
घर में प्रवेश करते ही अगर आपको डर महसूस होता है, तो ये भी अच्छा संकेत नहीं माना जाता। इसकी वजह भी घर में मौजूद नकारात्मकता हो सकती है। ऐसी स्थिति में आपको तुरंत किसी वास्तु विशेषज्ञ को संपर्क करना चाहिए।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
पेट में गैस बनने के मुख्य कारण:
खाने या पीते समय हवा निगलना: जल्दी-जल्दी खाना, चबाए बिना खाना, कार्बोनेटेड पेय पीना, धूम्रपान करना आदि से हवा पेट में चली जाती है जिससे गैस बनती है।
कुछ खाद्य पदार्थ: कुछ खाद्य पदार्थ जैसे बीन्स, ब्रोकोली, पत्ता गोभी, फूलगोभी, प्याज, सेब, नाशपाती, आलू, गेहूं, राई, मक्का आदि में फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जिसे पचाने में पाचन तंत्र को थोड़ा समय लगता है और इस दौरान गैस बन सकती है।
पाचन तंत्र की समस्याएं: इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (IBS), लैक्टोज असहिष्णुता, सीलिएक रोग आदि जैसी पाचन तंत्र की समस्याओं से भी पेट में गैस बन सकती है।
दवाएं: कुछ दवाएं जैसे एंटासिड्स, दर्द निवारक दवाएं आदि भी पेट में गैस का कारण बन सकती हैं।
तनाव: तनाव भी पाचन तंत्र को प्रभावित करता है और गैस की समस्या को बढ़ा सकता है।
🍃 आरोग्य संजीवनी ☘️
अश्वगंधा को आयुर्वेद में एक अद्भुत औषधि के रूप में जाना जाता है। यह जड़ी-बूटी न केवल तनाव को कम करती है, बल्कि पुरुषों की यौन शक्ति को भी बढ़ाती है। अश्वगंधा शुक्राणुओं की संख्या को बढ़ाने में मददगार साबित होती है और यह संपूर्ण शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होती है।
अश्वगंधा का भी सेवन चूर्ण, कैप्सूल या टैबलेट के रूप में सेवन किया जा सकता है। इसे दूध के साथ रात को सोते समय लेने से अधिक लाभ होता है।
कौंच बीज को आयुर्वेद में एक शक्तिशाली औषधि के रूप में मान्यता प्राप्त है। यह शुक्राणुओं की संख्या और उनकी गुणवत्ता को सुधारने में अत्यधिक प्रभावी होता है। इसके अलावा, यह हॉर्मोनल संतुलन बनाए रखने में भी सहायक होता है।
कैसे उपयोग करें: कौंच बीज का पाउडर दूध या पानी के साथ लिया जा सकता है। दिन में दो बार इसका सेवन लाभदायक होता है।
गोक्षुर को पुरुषों के प्रजनन स्वास्थ्य के लिए एक महत्वपूर्ण जड़ी-बूटी माना जाता है। यह न केवल शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाता है, बल्कि सेक्स ड्राइव को भी बढ़ाता है। इसके अलावा, यह किडनी और मूत्र संबंधी समस्याओं के इलाज में भी फायदेमंद है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
एक समय की बात है…एक सन्त प्रात: काल भ्रमण हेतु समुद्र के तट पर पहुँचे…समुद्र के तट पर उन्होने एक पुरुष को देखा जो एक स्त्री की गोद में सर रख कर सोया हुआ था!पास में शराब की खाली बोतल पड़ी हुई थी, सन्त बहुत दु:खी हुए।उन्होने विचार किया कि ये मनुष्य कितना तामसिक और विलासी है, जो प्रात:काल शराब सेवन करके स्त्री की गोद में सर रख कर प्रेमालाप कर रहा है।थोड़ी देर बाद समुद्र से बचाओ, बचाओ की आवाज आई,सन्त ने देखा एक मनुष्य समुद्र में डूब रहा है, मगर स्वयं तैरना नहीं आने के कारण सन्त देखते रहने के अलावा कुछ नहीं कर सकते थे।स्त्री की गोद में सिर रख कर सोया हुआ व्यक्ति उठा और डूबने वाले को बचाने हेतु पानी में कूद गया।थोड़ी देर में उसने डूबने वाले को बचा लिया और किनारे ले आया।सन्त विचार में पड़ गए की इस व्यक्ति को बुरा कहें या भला।वो उसके पास गए और बोले भाई तुम कौन हो, और यहाँ क्या कर रहे हो…?उस व्यक्ति ने उत्तर दिया : —मैं एक मछुआरा हूँ, मछली मारने का काम करता हूँ,आज कई दिनों बाद समुद्र से मछली पकड़ कर प्रात: जल्दी यहाँ लौटा हूँ।मेरी माँ मुझे लेने के लिए आई थी और साथ में (घर में कोई दूसरा बर्तन नहीं होने पर) इस मदिरा की बोतल में पानी ले आई। कई दिनों की यात्रा से मैं थका हुआ था। और भोर के सुहावने वातावरण मेंये पानी पी कर थकान कम करने माँ की गोद में सिर रख कर ऐसे ही सो गया।सन्त की आँखों में आँसू आ गए कि मैं कैसापातक मनुष्य हूँ,जो देखा उसके बारे में मैंने गलत विचार किया जबकि वास्तविकता अलग थी।कोई भी बात जो हम देखते हैं, हमेशा जैसी दिखती है वैसी नहीं होती है,उसका एक दूसरा पहलू भी हो सकता है। किसी के प्रति कोई निर्णय लेने से पहले सौ बार सोचें और तब फैसला करें।
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⚜️ पञ्चमी तिथि में शिव जी का पूजन सभी कामनाओं की पूर्ति करता है। आज पञ्चमी तिथि में नाग देवता का पूजन करके उन्हें बहती नदी में प्रवाहित करने से भय और कष्ट आदि की सहज ही निवृत्ति हो जाती है। ऐसा करने से यहाँ तक की कालसर्प दोष तक की शान्ति हो जाती है। अगर भूतकाल में किसी की मृत्यु सर्पदंश से हुई हो तो उसके नाम से सर्प पूजन से उसकी भी मुक्ति तक हो जाती है।
पञ्चमी तिथि बहुत ही शुभ मानी जाती है। इस तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति गुणवान होता है। इस तिथि में जिस व्यक्ति का जन्म होता है वह माता पिता की सेवा को ही सर्वश्रेष्ठ धर्म समझता है। इनके व्यवहार में उत्तम श्रेणी का एक सामाजिक व्यक्ति दिखाई देता है। इनके स्वभाव में उदारता और दानशीलता स्पष्ट दिखाई देती है। ये हर प्रकार के सांसारिक भोग का आनन्द लेते हैं और धन धान्य से परिपूर्ण जीवन का आनंद उठाते हैं।

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