सत्य स्नेह होता है उसके मिलने में कोई संदेह नहीं : दीदी रत्नमणि द्विवेदी
रिपोर्टर : मधुर राय
बरेली । नगर के समीप ग्राम समनापुर काछी में चल रही संगीतामयी श्रीराम कथा के छठवें दिन राम कथा का बर्णन करते हुए दीदी रत्नमणि द्विवेदी ने बताया कि भगवान श्रीराम ने अहंकार रूपी धनुश का मर्दन क्यो किया । कहा कि सत्य स्नेह होता है उसके मिलने में कोई संदेह नहीं होता है। उन्होंने पुष्प वाटिका प्रसंग की कथा सुनाते हुए कहा कि मुनि विश्वामित्र ने राम.लक्ष्मण को पूजा के लिए पुष्प लेने राजा जनक की वाटिका भेजा। वहां सीता जी भी माता गौरी की पूजा करने आई थीं। भगवान राम को देखकर माता सीता ने उन्हें पति रूप में पाने को माता की पूजा की। धनुष यज्ञ के दौरान तमाम महाबली राजा धनुष को सिर्फ इसलिए नहीं तोड़ सके क्योंकि माता सीता का सत्य स्नेह भगवान राम पर था। बाद में भगवान राम ने धनुष को तोड़ कर माता सीता से विवाह किया। अहंकार का हमेशा नाश होता हैं। उन्होंने कहा कि धैर्य के साथ जीवन में भगवान श्रीराम की मर्यादाओं को अपनाने से जीवन का कल्याण सम्भव है। संगीतमयी वर्णन कर दीदी ने श्रोताओं को भाव विभौर कर दिया । कथा के दौरान कलाकारों ने झांकी भी प्रस्तुत की। राम.सीता विवाह के प्रसंग का धार्मिक वर्णन किया गया। और आकर्षक झांकी भी सजाई गई। भगवान राम की आंनद दायिनी कथा में मर्यादा पुरषोत्तम भगवान श्रीराम के धैर्य मधुरता साहस उदारता का वर्णन मिलता है। उन्होंने भगवान राम के जनकपुर में प्रवेश मिथिला को स्त्रियों द्वारा भगवान की सुंदरता मनमोहक छवि का वर्णन किया। राजा दशरथ को पता ही नहीं लग पाया इस अवसर पर राम जानकी का विवाह सजीं झांकियों के रूप में धूम धाम से सम्पन्न हुआ भगवान श्रीराम की बरात कस्बे के प्रमुख मार्गो से होते हुए गाजों बाजों के साथ कथा स्थल तक पहुंची जहां । भगवान श्रीराम का जनकनन्दिनी जानकी के साथ मंगल विवाह सम्पन्न हुआ । विवाह के दौरान समूचे पाण्ड़ाल में मौजुद श्रद्धालु झूम उठे और नृत्य करने लगे।कथा में मुख्य रूप से पूर्व विधायक रामकिशन पटेल, पूर्व जनपद अध्यक्ष श्रवण पटेल वृजगोपाल पटेल, राहुल पटेल, भूपेन्द्र चौधरी जिला पंचायत सदस्य राजकुमार चौहान उपस्थित रहे।



