मध्य प्रदेश

महाविद्यालय में गंदगी, पेयजल संकट और प्रशासनिक मौन से उबाल पर छात्र

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । शासकीय महाविद्यालय उमरियापान में स्वच्छता एवं पेयजल की बदहाल व्यवस्था अब छात्रों के लिए असहनीय हो चुकी है । पूरे महाविद्यालय परिसर में गंदगी का आलम है, जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं, जिससे पढ़ाई का वातावरण पूरी तरह दूषित हो गया है।
महाविद्यालय में पेयजल की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है । बाथरूमों की स्थिति अत्यंत दयनीय है—पानी भरा रहता है, पाइपलाइन फूटी हुई हैं और लगातार हो रहे लीकेज के कारण एक फ्लोर से दूसरे फ्लोर में पानी झरने की तरह बह रहा है। इस लापरवाही का परिणाम यह है कि भवन की दीवारें तक क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिससे किसी भी समय गंभीर दुर्घटना की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
इन गंभीर समस्याओं को लेकर छात्र-छात्राएं बार-बार प्राचार्य महोदय के समक्ष शिकायतें दर्ज करा चुके हैं, किंतु हर बार केवल आश्वासन ही दिए गए । सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि इतनी विकट स्थिति के बावजूद महाविद्यालय प्रशासन पूरी तरह मौन साधे हुए है। न तो सफाई की व्यवस्था की जा रही है, न ही पेयजल और भवन मरम्मत को लेकर कोई ठोस कदम उठाया जा रहा।

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